राहुल गांधी का पुणे दौरा: 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम पर BJP-कांग्रेस में तीखी जुबानी जंग
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शनिवार, 22 अगस्त को पुणे पहुँचे, जहाँ पुणे एयरपोर्ट पर महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने उनका स्वागत किया। राहुल गांधी यहाँ 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को संबोधित करने वाले हैं, जो युवाओं से सीधे संवाद पर केंद्रित है।
कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक घमासान
इस कार्यक्रम के आयोजन से पहले ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। BJP विधायक राम कदम ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि कार्यक्रम में छात्रों को धन देकर बुलाया जा रहा है।
BJP का आरोप
राम कदम ने कहा, "उनकी हालत इस हद तक गिर गई है कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छात्रों को पैसे दिए जा रहे हैं। एक रेट कार्ड बनाया गया है कि जितने छात्रों को लाओगे, उसके हिसाब से पैसा दिया जाएगा। तो जो लोग पैसे लेकर कार्यक्रम में आ रहे हैं, उनसे किस तरह का संवाद होगा। राहुल गांधी को सुनने कोई नहीं आ रहा, वे पैसे मिलने की वजह से आ रहे हैं।" कदम ने यह भी दावा किया कि सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो मौजूद हैं जो उनके आरोपों की पुष्टि करते हैं। उन्होंने जोड़ा, "अब जब उनके सारे मुद्दे खत्म हो गए हैं, तो टॉपिक जेनरेट करने के लिए छात्रों का इस्तेमाल किया जा रहा है। लेकिन देश के छात्र और युवा पूरी तरह से जानते हैं कि 12 साल पहले भारत दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, आज नॉमिनल GDP के हिसाब से चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है।"
कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस नेता यशोमति चंद्रकांत ठाकुर ने BJP के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा, "आपको एक बात बताऊं, हमारे पास पैसा ही नहीं है। आप भाजपा के अकाउंट देखिए और हमारे अकाउंट देखिए। हमारे पास पैसा आएगा कहाँ से? कांग्रेस उत्साह से भरी है, बच्चे उत्साह से भरे हैं। कोई डरा हुआ नहीं है।"
आगे क्या
गौरतलब है कि यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र में राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। 'छात्रों की गूंज' जैसे कार्यक्रमों के ज़रिये कांग्रेस युवा मतदाताओं तक पहुँचने की रणनीति पर काम कर रही है। राहुल गांधी के इस संबोधन के बाद कार्यक्रम की दिशा और राजनीतिक असर स्पष्ट होगा।