'छात्रों की गूंज' पर भाजपा के भीड़ आरोप: कांग्रेस बोली — 'पैसे ही नहीं हमारे पास'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में शनिवार, 22 अगस्त को प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) द्वारा पैसे देकर भीड़ जुटाने के आरोपों के जवाब में कांग्रेस नेताओं ने कड़ा पलटवार किया है।
कांग्रेस का जवाब: 'खाते देखो'
कांग्रेस नेता यशोमती ठाकुर ने भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा, 'हमारे पास पैसे ही नहीं हैं। भाजपा के अकाउंट देखो और हमारे अकाउंट देखो। हम कहाँ से देंगे पैसे? पैसे ही नहीं हैं हमारे पास। कांग्रेस एक दम उत्साह में है, बच्चे उत्साह में हैं।' उनका यह बयान भाजपा के उस दावे के सीधे जवाब में आया, जिसमें कहा गया था कि कार्यक्रम में भीड़ जुटाने के लिए धनराशि का उपयोग किया जा रहा है।
कार्यक्रम की प्रकृति पर विवाद
कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम ने स्पष्ट किया कि 'छात्रों की गूंज' कोई राजनीतिक आयोजन नहीं, बल्कि युवाओं के साथ सीधा संवाद है। उन्होंने कहा, '100 प्रतिशत पक्का है। यह कोई राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। यह युवाओं के साथ बातचीत है। भाजपा एक साधारण बातचीत से क्यों डरती है? उन्हें ही इसका मतलब समझना चाहिए। 30,000 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया है।' गौरतलब है कि इस पंजीकरण संख्या को कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यक्रम की स्वतःस्फूर्त लोकप्रियता का प्रमाण बता रहे हैं।
नेताओं का दावा: पूरा पुणे भर रहा है
कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने कहा कि कार्यक्रम को लेकर छात्रों में असाधारण उत्साह है। उन्होंने कहा, 'माहौल ये है कि पंडाल का सवाल नहीं है, ये मैदान का सवाल नहीं है, पूरा पुणे लोगों से भर रहा है।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब भाजपा नेता कार्यक्रम की वास्तविक उपस्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संदर्भ
कांग्रेस नेता सतीश उर्फ बंटी पाटिल ने कार्यक्रम को महाराष्ट्र की विरासत से जोड़ते हुए कहा, 'यह छत्रपति शिवाजी महाराज जी की भूमि है, सावित्रीबाई फुले जी की भूमि है और इसमें महिलाओं के लिए, लड़कियों के लिए एक कार्यक्रम हो रहा है। आज पूरे देश में युवा वर्ग की जो आवाज है, वो सिर्फ राहुल गांधी हैं। 'छात्रों की गूंज' के माध्यम से उनकी समस्या पूरे देश के सामने लाकर उसको सुलझाने की कोशिश करेंगे।' यह यह Nवीं ऐसी घटना है जब राहुल गांधी के युवा-केंद्रित कार्यक्रमों पर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच तीखा वाक्युद्ध छिड़ा है।
आगे क्या
पुणे में 22 अगस्त को होने वाले इस कार्यक्रम में राहुल गांधी सीधे छात्रों से संवाद करेंगे। 30,000 से अधिक पंजीकृत प्रतिभागियों के साथ यह आयोजन महाराष्ट्र में कांग्रेस की युवा पहुँच का बड़ा परीक्षण माना जा रहा है। भाजपा के आरोपों और कांग्रेस के पलटवार के बाद कार्यक्रम की उपस्थिति पर सबकी नज़र रहेगी।