राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर BJP एमएलसी का तंज — 'पहले भी घूमे, जनता ने क्या जवाब दिया?'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में 22 अगस्त को आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज़ हो गया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के भारतीय जनता पार्टी (BJP) सदस्य श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने इस आयोजन पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी पहले भी देशव्यापी दौरे कर चुके हैं और उसके बाद जनता की प्रतिक्रिया सबके सामने आ गई थी।
BJP एमएलसी की प्रतिक्रिया
श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने कहा, 'यह अच्छी बात है कि राहुल गांधी पूरे भारत में घूम रहे हैं। किसी भी सरकार और राजनीतिक व्यवस्था को एक मज़बूत विपक्ष और उसके एक अच्छे नेता की ज़रूरत होती है। लेकिन यह पहली बार नहीं है — वह पहले भी ऐसा कर चुके हैं। बाद में उन्हें खुद समझ आया कि देश के लोगों से उन्हें कितना रिस्पॉन्स मिला।'
उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित क्यों है। उन्होंने कहा, 'क्या आप झारखंड को नहीं जानते? क्या आप पंजाब को नहीं जानते? क्या आपको वहाँ के बच्चों की परवाह नहीं है? यह सब एक ड्रामा है।'
आदित्य ठाकरे और मुंबई पर निशाना
भारतीय ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब ठाकरे सरकार में थे, तब मुंबई नगर निगम में उनका कार्यकाल देखा जा चुका है और मुंबई की जनता ने उन्हें नकारते हुए BJP पर भरोसा जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को जनता की पसंद बताया।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने BJP पर पलटवार करते हुए कहा, 'जिन्होंने वंदे मातरम नहीं गाया और आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, उन्हें सवाल उठाने का कोई हक नहीं है। यह हिंदू-मुसलमानों के बीच फूट डालने और नफ़रत फैलाने की कोशिश है।'
कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कार्यक्रम को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि पेपर लीक के कारण देश ने 23 मासूम जानें गँवाई हैं और राहुल गांधी इस मुद्दे पर लगातार आक्रामक रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को युवा पीढ़ी ने लोकतंत्र में फिर से विश्वास जगाया।
कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने राहुल गांधी के युवाओं तक पहुँचने के अभियान की सराहना करते हुए कहा, 'यह छत्रपति शिवाजी महाराज और सावित्रीबाई फुले की धरती है। आज पूरे देश में युवाओं की आवाज़ सिर्फ राहुल गांधी हैं।'
ABVP-NSUI विवाद पर कांग्रेस का रुख
कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने ABVP और NSUI के बीच हुई झड़प का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि BJP से जुड़े कुछ लोगों ने छात्रों को कार्यक्रम में न आने की धमकी दी। उन्होंने कहा, 'छात्र खुद आ रहे हैं, हम किसी को पैसे नहीं दे रहे।'
आगे क्या
'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कोटा सहित कई शहरों में इस तरह के आयोजन हो चुके हैं। पुणे का यह कार्यक्रम महाराष्ट्र में कांग्रेस की युवा पहुँच की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक टिप्पणीकारों के अनुसार, यह आयोजन आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिस पर सभी दलों की नज़र बनी हुई है।