22 अगस्त 2026
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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर BJP एमएलसी का तंज — 'पहले भी घूमे, जनता ने क्या जवाब दिया?'

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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर BJP एमएलसी का तंज — 'पहले भी घूमे, जनता ने क्या जवाब दिया?'

सारांश

'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर पुणे में राजनीतिक घमासान तेज़ — BJP एमएलसी ने राहुल गांधी के पिछले दौरों का हवाला देकर जनता की प्रतिक्रिया पर सवाल उठाए, तो कांग्रेस नेताओं ने पेपर लीक और युवाओं की आवाज़ को केंद्र में रखकर पलटवार किया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 22 अगस्त को पुणे में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम आयोजित किया।
BJP एमएलसी श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने राहुल गांधी के पिछले देशव्यापी दौरों का हवाला देते हुए जनता की प्रतिक्रिया पर तंज कसा।
भारतीय ने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस का छात्र अभियान झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों तक क्यों नहीं पहुँचता।
कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने पेपर लीक में 23 मासूम जानें जाने का मुद्दा उठाया और राहुल गांधी की आक्रामकता की सराहना की।
कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने आरोप लगाया कि BJP से जुड़े लोगों ने छात्रों को कार्यक्रम में न आने की धमकी दी।
शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने BJP पर हिंदू-मुस्लिम विभाजन को हवा देने का आरोप लगाया।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पुणे में 22 अगस्त को आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज़ हो गया है। महाराष्ट्र विधान परिषद के भारतीय जनता पार्टी (BJP) सदस्य श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने इस आयोजन पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि राहुल गांधी पहले भी देशव्यापी दौरे कर चुके हैं और उसके बाद जनता की प्रतिक्रिया सबके सामने आ गई थी।

BJP एमएलसी की प्रतिक्रिया

श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने कहा, 'यह अच्छी बात है कि राहुल गांधी पूरे भारत में घूम रहे हैं। किसी भी सरकार और राजनीतिक व्यवस्था को एक मज़बूत विपक्ष और उसके एक अच्छे नेता की ज़रूरत होती है। लेकिन यह पहली बार नहीं है — वह पहले भी ऐसा कर चुके हैं। बाद में उन्हें खुद समझ आया कि देश के लोगों से उन्हें कितना रिस्पॉन्स मिला।'

उन्होंने आगे सवाल उठाया कि यदि कांग्रेस वास्तव में छात्रों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो यह अभियान केवल दिल्ली तक सीमित क्यों है। उन्होंने कहा, 'क्या आप झारखंड को नहीं जानते? क्या आप पंजाब को नहीं जानते? क्या आपको वहाँ के बच्चों की परवाह नहीं है? यह सब एक ड्रामा है।'

आदित्य ठाकरे और मुंबई पर निशाना

भारतीय ने शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता आदित्य ठाकरे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब ठाकरे सरकार में थे, तब मुंबई नगर निगम में उनका कार्यकाल देखा जा चुका है और मुंबई की जनता ने उन्हें नकारते हुए BJP पर भरोसा जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व को जनता की पसंद बताया।

विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया

शिवसेना (उद्धव गुट) के सांसद अरविंद सावंत ने BJP पर पलटवार करते हुए कहा, 'जिन्होंने वंदे मातरम नहीं गाया और आज़ादी की लड़ाई में हिस्सा नहीं लिया, उन्हें सवाल उठाने का कोई हक नहीं है। यह हिंदू-मुसलमानों के बीच फूट डालने और नफ़रत फैलाने की कोशिश है।'

कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कार्यक्रम को 'ऐतिहासिक' बताते हुए कहा कि पेपर लीक के कारण देश ने 23 मासूम जानें गँवाई हैं और राहुल गांधी इस मुद्दे पर लगातार आक्रामक रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को युवा पीढ़ी ने लोकतंत्र में फिर से विश्वास जगाया।

कांग्रेस नेता सतेज पाटिल ने राहुल गांधी के युवाओं तक पहुँचने के अभियान की सराहना करते हुए कहा, 'यह छत्रपति शिवाजी महाराज और सावित्रीबाई फुले की धरती है। आज पूरे देश में युवाओं की आवाज़ सिर्फ राहुल गांधी हैं।'

ABVP-NSUI विवाद पर कांग्रेस का रुख

कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात ने ABVP और NSUI के बीच हुई झड़प का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि BJP से जुड़े कुछ लोगों ने छात्रों को कार्यक्रम में न आने की धमकी दी। उन्होंने कहा, 'छात्र खुद आ रहे हैं, हम किसी को पैसे नहीं दे रहे।'

आगे क्या

'छात्रों की गूंज' अभियान के तहत कोटा सहित कई शहरों में इस तरह के आयोजन हो चुके हैं। पुणे का यह कार्यक्रम महाराष्ट्र में कांग्रेस की युवा पहुँच की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण माना जा रहा है। राजनीतिक टिप्पणीकारों के अनुसार, यह आयोजन आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिस पर सभी दलों की नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यानी पेपर लीक और युवा बेरोज़गारी, से ध्यान हटाकर राजनीतिक स्कोरिंग में उलझे दिखते हैं। BJP एमएलसी का 'पहले भी घूमे' वाला तर्क चुनावी इतिहास को हथियार बनाता है, लेकिन यह नहीं बताता कि सरकार ने छात्रों की माँगों पर क्या किया। दूसरी तरफ, कांग्रेस का 'झारखंड-पंजाब' वाला जवाब भी उन राज्यों में अपनी सरकारों के प्रदर्शन पर चुप्पी साधे हुए है। असली सवाल यह है कि 23 जानें लेने वाले पेपर लीक पर ठोस जवाबदेही कब तय होगी।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक युवा-केंद्रित अभियान है, जिसके तहत वे देश के विभिन्न शहरों में छात्रों से सीधे संवाद कर रहे हैं। 22 अगस्त को पुणे में इस अभियान का एक प्रमुख कार्यक्रम आयोजित किया गया, जो पेपर लीक और युवा मुद्दों पर केंद्रित था।
BJP एमएलसी श्रीकांत भारतीय ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
BJP एमएलसी श्रीकांत पंडितराव भारतीय ने कहा कि राहुल गांधी पहले भी देशव्यापी दौरे कर चुके हैं और जनता ने उन्हें उसका जवाब दे दिया है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कांग्रेस का छात्र अभियान झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों तक क्यों नहीं पहुँचता।
पुणे कार्यक्रम में ABVP-NSUI विवाद क्यों हुआ?
कांग्रेस नेता बालासाहेब थोरात के अनुसार, BJP से जुड़े कुछ लोगों ने छात्रों को कार्यक्रम में न आने की धमकी दी, जिसके बाद ABVP और NSUI के बीच झड़प की खबरें सामने आईं। थोरात ने स्पष्ट किया कि छात्र स्वेच्छा से आ रहे हैं।
कांग्रेस ने पेपर लीक का मुद्दा इस कार्यक्रम से क्यों जोड़ा?
कांग्रेस सांसद प्रणीति शिंदे ने कहा कि देश में पेपर लीक की वजह से 23 मासूम जानें जा चुकी हैं और राहुल गांधी इस मुद्दे पर लगातार आक्रामक रहे हैं। 'छात्रों की गूंज' अभियान इसी जवाबदेही की माँग को आवाज़ देने के लिए आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
पुणे में यह आयोजन महाराष्ट्र में कांग्रेस की युवा पहुँच बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है। BJP, शिवसेना (उद्धव गुट) और कांग्रेस — तीनों दलों की तीखी प्रतिक्रियाएँ संकेत देती हैं कि यह अभियान राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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