लाड़ली बहना पर CM मोहन यादव के बयान से सियासी बवाल, उमंग सिंघार बोले— बहनें बोझ नहीं, सम्मान हैं
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के लाड़ली बहना योजना को लेकर दिए गए कथित बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। सिंघार ने 6 अक्टूबर 2026 को कहा कि मुख्यमंत्री के शब्दों से साफ़ झलकता है कि सरकार को बहनें 'बोझ' लगने लगी हैं — जो भाजपा के उस चुनावी वादे से पूरी तरह उलट है, जिसके दम पर मध्य प्रदेश में सत्ता हासिल की गई थी। भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में आयोजित युवा सम्मेलन में हंगामे के बाद यह राजनीतिक विवाद और तेज़ हो गया है।
मुख्य विवाद: लाड़ली बहना और 'परेशानी' वाला बयान
सिंघार ने कहा, 'मुख्यमंत्री मोहन यादव जब चुनाव लड़े थे, तब तो लाड़ली बहना का बहुत प्रचार किया था, भाजपा ने प्रचार किया था और चुनाव में लाड़ली बहना आई थी, आज आप परेशानी बोल रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा कि 'मुख्यमंत्री जी, बहनें कभी परेशान नहीं करती हैं, भाइयों का प्यार होती हैं, सम्मान होती हैं।' सिंघार के अनुसार, यह बयान मुख्यमंत्री की मन की वह बात है जो जुबान पर आ गई।
युवा बेरोज़गारी पर तीखा प्रहार
विपक्ष के नेता ने रोज़गार के मुद्दे पर भी भाजपा सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के बेरोज़गार पोर्टल पर 22 लाख युवा पंजीकृत हैं और सरकार उनके सवालों का जवाब देने से बच रही है। उन्होंने पूछा कि जब 2027 को 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जा रहा है, तो क्या इन 22 लाख बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार मिलेगा? गौरतलब है कि यह विवाद तब उभरा है जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इंदौर यात्रा के दौरान युवाओं ने जोश के साथ भागीदारी की थी, जिसके बाद भाजपा ने भी युवा सम्मेलन आयोजित किया।
MPPSC परीक्षा और OBC आरक्षण पर माँग
सिंघार ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की रुकी हुई परीक्षाओं के परिणाम 24 से 48 घंटे में जारी करने की माँग की। साथ ही उन्होंने पिछड़ा वर्ग के 13 प्रतिशत आरक्षण पर लगे होल्ड का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि क्या सरकार सर्वोच्च न्यायालय से यह केस वापस लेगी, ताकि पिछड़े वर्ग के युवाओं को उनका अधिकार मिल सके। मुख्यमंत्री ने MPPSC परीक्षा साल में दो बार कराने की बात कही थी, जिसका सिंघार ने स्वागत करते हुए पहले से रुके परिणामों पर ठोस जवाब माँगा।
लाल परेड ग्राउंड में हंगामा और राजनीतिक चेतावनी
भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में भाजपा के युवा सम्मेलन के दौरान कुर्सियाँ फेंके जाने की घटना हुई, जिसे सिंघार ने युवाओं के आक्रोश का प्रतीक बताया। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, 'आज युवा कुर्सी फेंक रहा है, एक दिन आपकी कुर्सी भी इस प्रदेश से फेंक सकता है।' यह टिप्पणी प्रदेश की राजनीति में युवा असंतोष की बढ़ती धार को रेखांकित करती है।
शिक्षक बद्री राठौर प्रकरण: नोटिस पर विवाद
सिंघार ने एक अन्य मुद्दे पर भी सरकार की आलोचना की। उनके अनुसार, एक शिक्षक बद्री राठौर ने अपने विद्यालय का जीर्णोद्धार कर बेहतर बनाया, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें पुरस्कार देने के बजाय नोटिस थमा दिया। विपक्ष के नेता ने माँग की कि मुख्यमंत्री ऐसे शिक्षकों को सम्मानित करें और सामाजिक पहल को प्रोत्साहन दें, न कि सरकारी नोटिस। प्रदेश में युवाओं और महिला हितैषियों को एकजुट करने की यह विपक्षी रणनीति आने वाले महीनों में भाजपा सरकार पर दबाव और बढ़ाएगी।