8 अगस्त 2026
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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर भाजपा का प्रहार: राम कदम बोले, 'दिखावे से नहीं, समाधान से बदलेगी तस्वीर'

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राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' पर भाजपा का प्रहार: राम कदम बोले, 'दिखावे से नहीं, समाधान से बदलेगी तस्वीर'

सारांश

राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान पर भाजपा ने दोहरा वार किया — राम कदम ने थरूर की असहमति को कांग्रेस की आंतरिक दरार बताया, तो नकवी ने झारखंड पेपर लीक और कर्नाटक कैबिनेट विवाद को हथियार बनाया। बहस अब अभियान की प्रामाणिकता पर केंद्रित हो गई है।

मुख्य बातें

भाजपा नेता राम कदम ने 8 अगस्त को मुंबई में राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को दिखावटी करार दिया।
कदम ने शशि थरूर की राहुल गांधी पर टिप्पणी का हवाला देते हुए इसे कांग्रेस के भीतर की असहमति से जोड़ा।
FCRA में प्रस्तावित संशोधन के तहत प्रशासनिक खर्च की सीमा 50% से घटाकर 20% करने की बात सामने आई है।
मुख्तार अब्बास नकवी ने राहुल गांधी से झारखंड में पेपर लीक पर पहले अपने सहयोगी राज्यों को सलाह देने की माँग की।
नकवी ने कर्नाटक कैबिनेट विस्तार को 'कैबिनेट के लिए कैश' की राजनीति बताते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' अभियान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। 8 अगस्त को मुंबई में भाजपा नेता राम कदम ने कहा कि छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर केवल राजनीतिक दिखावे से काम नहीं चलेगा — वास्तविक समाधान की दरकार है। उन्होंने कांग्रेस सांसद शशि थरूर की राहुल गांधी पर की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए इस बहस को कांग्रेस के भीतर की असहमति से भी जोड़ा।

राम कदम का थरूर-वाला तर्क

राम कदम ने कहा कि शशि थरूर को कांग्रेस का एक विद्वान और अनुभवी नेता माना जाता है। उनके अनुसार, यदि थरूर यह मानते हैं कि राहुल गांधी छात्रों और युवाओं की असली समस्याओं तक नहीं पहुँच पाए, तो यह प्रश्न कांग्रेस के भीतर भी गंभीर विमर्श का विषय बनना चाहिए। कदम ने कहा, 'किसी भी वास्तविक मुद्दे को उठाने के लिए पारदर्शिता और सच्चाई ज़रूरी है। जनता यह आसानी से भाँप लेती है कि कौन दिल से मुद्दा उठा रहा है और कौन केवल राजनीतिक दिखावा कर रहा है।'

राम कदम ने राहुल गांधी के रवैये को दिखावटी करार देते हुए कहा कि बयानबाज़ी से समस्याओं का समाधान नहीं होता — ज़मीनी कार्रवाई और ठोस नीतिगत कदम ही असल परिवर्तन ला सकते हैं।

एफसीआरए संशोधन पर राम कदम की राय

भाजपा नेता ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) में प्रस्तावित बदलावों का भी बचाव किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई संस्था अपने विदेशी अनुदान का 50 फीसदी हिस्सा प्रशासनिक खर्चों पर व्यय कर सकती है। कदम ने कहा कि यदि फंड का दुरुपयोग हो रहा है, तो प्रशासनिक खर्च की सीमा को 50% से घटाकर 20% करना उचित कदम है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि किसी ट्रस्ट में वित्तीय हेराफेरी पाई जाए, तो उसकी संपत्ति सरकारी ट्रस्ट के अधीन करने का प्रावधान होना चाहिए।

नकवी का निशाना: झारखंड और कर्नाटक

भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने अमेरिकी टैरिफ विधेयक पर कहा कि भारत सुरक्षित और मज़बूत नेतृत्व में है तथा राष्ट्रहित सर्वोपरि हैं। झारखंड में छात्र विरोध और पेपर लीक के मसले पर उन्होंने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राहुल गांधी को पहले उन राज्यों में जाकर अपनी 'विशेषज्ञ सलाह' देनी चाहिए जहाँ उनकी पार्टी या सहयोगी सत्ता में हैं और जहाँ पेपर लीक को लेकर छात्र चिंतित हैं।

नकवी ने कहा कि प्रयागराज में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में राहुल गांधी ने देशभर के छात्र मुद्दों पर टिप्पणी की, लेकिन जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है — जैसे कर्नाटक — वहाँ की समस्याओं पर वे उतने मुखर नहीं हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस शासित राज्यों में शासन की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।

कर्नाटक कैबिनेट विस्तार पर कटाक्ष

नकवी ने कर्नाटक में हालिया कैबिनेट विस्तार पर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने इसे 'कैबिनेट के लिए कैश' की राजनीति बताते हुए कहा कि पहले 'वोट के लिए कैश' की चर्चा होती थी, लेकिन अब कांग्रेस ने 'कैबिनेट के लिए कैश' का नया अध्याय जोड़ दिया है। आलोचकों का कहना है कि यह आरोप बिना स्वतंत्र सत्यापन के राजनीतिक बयानबाज़ी की श्रेणी में आता है।

आगे क्या

गौरतलब है कि राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान देशभर में युवाओं से सीधे संवाद की कोशिश के रूप में शुरू किया गया है। भाजपा की यह प्रतिक्रिया इस अभियान को राजनीतिक बहस के केंद्र में ले आई है। आने वाले दिनों में कांग्रेस की ओर से पलटवार और इस मुद्दे के और गहराने की संभावना है, विशेष रूप से झारखंड के पेपर लीक मामले में जाँच की दिशा पर नज़र रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि वह कांग्रेस के भीतर की संभावित दरार को सार्वजनिक विमर्श में ले आता है। असली सवाल यह है कि 'छात्रों की गूंज' अभियान के बाद राहुल गांधी कोई ठोस नीतिगत एजेंडा सामने रखते हैं या नहीं — अभी तक वह स्पष्ट नहीं है। झारखंड पेपर लीक पर नकवी का तर्क तब तक कमज़ोर रहेगा जब तक भाजपा शासित राज्यों में भी इसी मुद्दे पर समान जवाबदेही नहीं दिखती।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी का 'छात्रों की गूंज' अभियान क्या है?
'छात्रों की गूंज' कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक जन-संपर्क अभियान है, जिसके तहत वे देशभर में छात्रों और युवाओं से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुन रहे हैं। इस अभियान के तहत प्रयागराज में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
भाजपा नेता राम कदम ने शशि थरूर का हवाला क्यों दिया?
राम कदम ने शशि थरूर को कांग्रेस का विद्वान और अनुभवी नेता बताते हुए कहा कि यदि थरूर स्वयं राहुल गांधी के प्रयासों पर सवाल उठा रहे हैं, तो यह कांग्रेस के भीतर भी गंभीर विमर्श का विषय होना चाहिए। इससे भाजपा ने कांग्रेस की आंतरिक असहमति को उजागर करने की कोशिश की।
FCRA में प्रस्तावित क्या बदलाव हैं?
प्रस्तावित संशोधन के तहत विदेशी अनुदान प्राप्त संस्थाओं के प्रशासनिक खर्च की सीमा 50% से घटाकर 20% करने की बात सामने आई है। राम कदम ने कहा कि यदि कोई संस्था फंड का दुरुपयोग करती है, तो उसकी संपत्ति सरकारी ट्रस्ट के अधीन होनी चाहिए।
नकवी ने झारखंड पेपर लीक पर राहुल गांधी को क्यों घेरा?
मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि राहुल गांधी देशभर में छात्र मुद्दों पर सलाह देते हैं, लेकिन झारखंड जैसे राज्य — जहाँ उनके सहयोगी सत्ता में हैं और पेपर लीक से छात्र परेशान हैं — वहाँ वे उतने मुखर नहीं हैं। नकवी ने राहुल गांधी से पहले अपने सहयोगी राज्यों को सलाह देने की माँग की।
कर्नाटक कैबिनेट विस्तार पर भाजपा का क्या आरोप है?
नकवी ने कर्नाटक कैबिनेट विस्तार को 'कैबिनेट के लिए कैश' की राजनीति बताया और इसे पुरानी 'वोट के लिए कैश' की परंपरा से जोड़ा। हालाँकि यह आरोप राजनीतिक बयान है और इसका स्वतंत्र सत्यापन नहीं हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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