राहुल गांधी अकेले लड़ रहे हैं केंद्र से — भाई जगताप का थरूर पर पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने 8 अगस्त को मुंबई में कहा कि राहुल गांधी ही एकमात्र नेता हैं जो लगातार केंद्र सरकार के खिलाफ जनता की आवाज बुलंद कर रहे हैं। यह बयान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की उस टिप्पणी के जवाब में आया, जिसमें थरूर ने कहा था कि पार्टी के छात्र कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' को युवाओं से अपेक्षित समर्थन नहीं मिला।
थरूर के बयान पर जगताप का पलटवार
थरूर ने माना था कि कांग्रेस शायद युवाओं और खासकर जेनजी की नब्ज पकड़ने में नाकाम रही है और पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए। इस पर जगताप ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'जंतर-मंतर पर बच्चों ने अपने हक के लिए 37 दिन तक आंदोलन किया, उसकी गूंज पूरे विश्व में सुनी गई।' उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से छात्र, युवा, महिलाएं और बेरोजगारों के मुद्दे लेकर हर राज्य में सक्रिय हैं — यह कोई नई पहल नहीं है।
थरूर पर सीधा निशाना
जगताप ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि थरूर खुद राहुल गांधी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकते थे, लेकिन वे कभी उनके साथ नहीं गए। उन्होंने दावा किया, 'आज 12-13 साल पुरानी यह सरकार, जो इस देश में पूरी तरह नाकाम रही है, उसके खिलाफ लड़ने वाले एकमात्र व्यक्ति राहुल गांधी हैं।' जगताप ने यह भी कहा कि भारत जोड़ो यात्रा के दौरान लाखों लोगों का राहुल गांधी से जुड़ाव इसका प्रमाण है।
IIT दिल्ली दीक्षांत समारोह पर जगताप की राय
आईआईटी दिल्ली के दीक्षांत समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पर जगताप ने सकारात्मक टिप्पणी करते हुए कहा कि यह अच्छी बात है कि प्रधानमंत्री छात्रों से संवाद कर रहे हैं। हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि सुपरकंप्यूटिंग, एडवांस टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चर्चाएं केवल आईआईटी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए।
FCRA बिल पर कांग्रेस का रुख
एफसीआरए बिल पर जगताप ने कहा कि यदि देश को मजबूत करने के लिए कोई विधेयक लाया जा रहा है, तो प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को पहले सदन में उपस्थित होकर चर्चा करनी चाहिए। यह टिप्पणी सरकार की संसदीय जवाबदेही पर सवाल उठाती है। आने वाले दिनों में कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में और तेज़ी से उठा सकती है।