भाजपा का दावा: कांग्रेस के 83 नेताओं ने राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' को नजरअंदाज किया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय मीडिया सह-प्रभारी एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 25 अगस्त को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर दावा किया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को पार्टी के भीतर से ही पर्याप्त समर्थन नहीं मिला। उनके अनुसार, 249 कांग्रेस नेताओं में से 83 ने इस कार्यक्रम को लेकर किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कोई पोस्ट नहीं किया।
भंडारी का दावा और आंकड़े
भंडारी ने एक्स पर लिखा, 'कांग्रेस नेता ही राहुल गांधी के छात्रों की गूंज का पर्दाफाश कर रहे हैं। कांग्रेस के नेता भी जानते हैं कि राहुल गांधी का छात्रों की गूंज सिर्फ एक पीआर स्टंट है, इसीलिए 35 प्रतिशत नेताओं ने भी इसके बारे में पोस्ट नहीं किया है।' उन्होंने दावा किया कि 249 नेताओं में से केवल 113 ने एक्स पर, 48 ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया, जबकि 83 ने कहीं भी कोई पोस्ट साझा नहीं की।
किन वरिष्ठ नेताओं ने नहीं किया पोस्ट
भाजपा प्रवक्ता द्वारा साझा की गई सूची के अनुसार, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) के कई वरिष्ठ नेताओं ने एक्स और इंस्टाग्राम — दोनों पर — इस कार्यक्रम से संबंधित कोई पोस्ट नहीं किया। इनमें ए. के. एंटनी, अभिषेक मनु सिंघवी, अजय माकन, अखिलेश प्रसाद सिंह, अंबिका सोनी, आनंद शर्मा, चरणजीत सिंह चन्नी, गैखांगम, केसी वेणुगोपाल, सलमान खुर्शीद, शशि थरूर, सिद्दारमैया, ताम्रध्वज साहू और विजय इंदर सिंगला जैसे नाम शामिल हैं। भंडारी ने मनीष तिवारी और चरणजीत सिंह चन्नी जैसे सीनियर नेताओं और अजय माकन जैसे सीडब्ल्यूसी सदस्यों का विशेष उल्लेख किया।
आंशिक भागीदारी वाले नेता
सूची के अनुसार, कुछ नेताओं ने केवल एक्स पर पोस्ट किया लेकिन इंस्टाग्राम पर नहीं — इनमें अधीर रंजन चौधरी, अविनाश पांडे, भूपेश बघेल, दिग्विजय सिंह, गौरव गोगोई और गुलाम अहमद मीर जैसे नाम हैं। वहीं अलका लांबा, आरिफ नसीम खान, बालासाहेब थोरात और श्रीनिवास बीवी ने दोनों प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया। एआईसीसी पदाधिकारियों में आरती कृष्णा, भूपेंद्र मरावी, चंदन यादव और चेतन चौहान ने भी कोई पोस्ट साझा नहीं की।
भाजपा का व्यापक राजनीतिक संदेश
भंडारी ने अपने पोस्ट में यह भी लिखा, 'मीडिया में कुछ लोग वाहवाही कर सकते हैं, लेकिन सीनियर कांग्रेस नेता भी जानते हैं कि राहुल गांधी का भारत के युवाओं से कोई जुड़ाव नहीं है।' गौरतलब है कि भाजपा लगातार राहुल गांधी के युवा संपर्क कार्यक्रमों को 'पीआर एक्सरसाइज' बताती रही है। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अपनी युवा पहुँच को मज़बूत करने की कोशिश में है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
भंडारी की इस पोस्ट और दावों के बाद 25 अगस्त तक भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। आने वाले दिनों में कांग्रेस का पक्ष इस विवाद की दिशा तय करेगा।