7 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीबीआई कार्रवाई पर चीमा का वार: जांच बढ़ी तो पंजाब का कथित भ्रष्टाचार होगा बेनकाब

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीबीआई कार्रवाई पर चीमा का वार: जांच बढ़ी तो पंजाब का कथित भ्रष्टाचार होगा बेनकाब

सारांश

सीबीआई की छापेमारी के बाद SAD नेता दलजीत सिंह चीमा का बड़ा दावा — पंजाब में कथित भ्रष्टाचार का मामला दिल्ली के घोटालों से भी बड़ा हो सकता है। ईडी कार्रवाई, हाई कोर्ट के सवाल और तीन बार FIR न होने का पूरा सिलसिला अब एक के बाद एक उजागर हो रहा है।

मुख्य बातें

SAD नेता दलजीत सिंह चीमा ने 6 अक्टूबर 2026 को पंजाब CM भगवंत मान से जुड़े परिसरों में सीबीआई छापे के बाद AAP सरकार पर कड़ा हमला बोला।
चीमा ने दावा किया कि पंजाब का कथित भ्रष्टाचार मामला दिल्ली के कथित घोटालों से भी बड़ा साबित हो सकता है।
मई में ईडी कार्रवाई में CM के OSD राजवीर सिंह के परिचित के घर से बड़ी रकम बरामद होने का उल्लेख, ईडी ने तीन बार FIR के लिए लिखा पर सरकार ने कार्रवाई नहीं की।
हाई कोर्ट ने भी सरकार से इस मामले में जवाब माँगा था।
चीमा ने अधिकारियों की पोस्टिंग, नीतिगत बदलाव, हथियार लाइसेंस और टेंडर की शर्तों में बदलाव जैसे मुद्दों पर कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
जांच के समय को चुनाव से जोड़ने के तर्क को खारिज करते हुए चीमा ने कहा — सरकार के आखिरी छह महीने भ्रष्टाचार की छूट नहीं देते।

शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े परिसरों में सीबीआई की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और पंजाब सरकार पर कड़ा हमला बोला। चीमा ने दावा किया कि यह जांच जितनी आगे बढ़ेगी, पंजाब में कथित भ्रष्टाचार की परतें उतनी ही खुलती जाएंगी।

सीबीआई कार्रवाई और उठे सवाल

दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सीबीआई की इस रेड ने AAP के वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मई में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का भी ज़िक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर सिंह के एक परिचित के आवास से बड़ी रकम बरामद हुई थी। चीमा के अनुसार, उस समय भी कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रियों के बंगलों में ईडी की कार्रवाई के दौरान दिल्ली के नेताओं की कथित मौजूदगी और समानांतर व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। चीमा के अनुसार, ईडी की ओर से तीन बार एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा गया, लेकिन राज्य सरकार ने कार्रवाई नहीं की। इस मामले में हाई कोर्ट ने भी सरकार से जवाब तलब किया था।

कथित भ्रष्टाचार की व्यापकता पर आरोप

चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब में कथित भ्रष्टाचार किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, अधिकारियों की पोस्टिंग, नीतियों में बदलाव, हथियारों के लाइसेंस और टेंडर की शर्तों में फेरबदल — हर जगह कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला आगे चलकर दिल्ली में सामने आए कथित घोटालों से भी बड़ा साबित हो सकता है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के 'कट्टर ईमानदार' होने के दावे पर तंज कसते हुए चीमा ने कहा कि एक तरफ सरकार ईमानदारी का ढोल पीटती है, दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई में गंभीर आरोप उजागर हो रहे हैं।

AAP नेताओं पर निशाना

चीमा ने AAP के उन नेताओं का भी उल्लेख किया जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल में थे, तब भी AAP उन्हें देशभक्त बताती रही। चीमा ने तंज कसा कि जेल से बाहर आने के बाद इन्हीं नेताओं को पंजाब में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ दी गईं।

जांच के समय और 'पंजाब विरोधी' तर्क पर पलटवार

जांच के समय को विधानसभा चुनाव से जोड़ने के AAP के तर्क को चीमा ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी; देरी से हुई जांच को भी सही दिशा में उठाया गया कदम माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार के आखिरी छह महीने किसी को भी भ्रष्टाचार की छूट नहीं देते।

सीबीआई की कार्रवाई को पंजाब के खिलाफ हमला बताए जाने के AAP के दावे पर चीमा ने पूछा कि जब सरकार से खुद एफआईआर दर्ज करने को कहा जा रहा था, तब उसने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच को राज्य के खिलाफ हमला नहीं कहा जा सकता। जांच आगे बढ़ने पर ही यह स्पष्ट होगा कि पंजाब में कथित भ्रष्टाचार की असली जिम्मेदारी किसकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और दोनों पक्षों के दावे इसे और जटिल बनाते हैं। चीमा के आरोप ठोस लगते हैं क्योंकि ईडी ने खुद तीन बार FIR के लिए लिखा और हाई कोर्ट ने जवाब माँगा — यानी राज्य सरकार की निष्क्रियता का रिकॉर्ड है। लेकिन यह भी नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी राज्यों के खिलाफ एक स्थापित पैटर्न बन चुका है। असली कसौटी यह होगी कि जांच में जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका सत्यापन अदालत में होता है या नहीं — क्योंकि अब तक प्रेस वार्ता और जांच एजेंसियों की छापेमारी के बावजूद कई राज्यों में अभियोजन कमज़ोर साबित हुए हैं।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब CM भगवंत मान से जुड़े परिसरों में सीबीआई की कार्रवाई क्यों हुई?
रिपोर्टों के अनुसार सीबीआई ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से संबंधित परिसरों में कथित भ्रष्टाचार के मामले में छापेमारी की। यह कार्रवाई ईडी द्वारा पहले की गई जांच और तीन बार FIR दर्ज करने के अनुरोध के बाद हुई, जिस पर राज्य सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था।
दलजीत सिंह चीमा कौन हैं और उन्होंने क्या कहा?
दलजीत सिंह चीमा शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में कहा कि सीबीआई जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, पंजाब में कथित भ्रष्टाचार का पूरा मामला और बड़ा होता जाएगा, तथा यह दिल्ली के कथित घोटालों से भी बड़ा साबित हो सकता है।
ईडी ने इस मामले में पहले क्या कार्रवाई की थी?
ईडी ने मई में मुख्यमंत्री के OSD राजवीर सिंह के एक परिचित के आवास पर छापा मारा था, जहाँ से बड़ी रकम बरामद हुई। इसके अलावा ईडी ने तीन बार FIR दर्ज करने के लिए राज्य सरकार को लिखा, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। हाई कोर्ट ने भी सरकार से जवाब माँगा था।
AAP ने सीबीआई कार्रवाई को पंजाब के खिलाफ बताया — चीमा का क्या जवाब है?
चीमा ने इस तर्क को सिरे से खारिज किया। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार की जांच को राज्य के खिलाफ हमला नहीं कहा जा सकता। उन्होंने सवाल उठाया कि जब खुद सरकार से FIR की माँग की जा रही थी तो उसने कार्रवाई क्यों नहीं की, और अब जांच होने पर इसे संविधान-विरोधी क्यों बताया जा रहा है।
क्या यह कार्रवाई पंजाब के आगामी चुनावों से जुड़ी है?
चीमा ने जांच के समय को चुनाव से जोड़ने वाले तर्क को नकारा। उनका कहना है कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी और सरकार के आखिरी छह महीने किसी को भी भ्रष्टाचार की छूट नहीं देते। चुनाव से पहले या बाद, भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होनी ही चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 2 घंटे पहले
  3. कल
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले