सीबीआई कार्रवाई पर चीमा का वार: जांच बढ़ी तो पंजाब का कथित भ्रष्टाचार होगा बेनकाब
सारांश
मुख्य बातें
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने 6 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े परिसरों में सीबीआई की छापेमारी को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और पंजाब सरकार पर कड़ा हमला बोला। चीमा ने दावा किया कि यह जांच जितनी आगे बढ़ेगी, पंजाब में कथित भ्रष्टाचार की परतें उतनी ही खुलती जाएंगी।
सीबीआई कार्रवाई और उठे सवाल
दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि सीबीआई की इस रेड ने AAP के वरिष्ठ नेतृत्व को लेकर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मई में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का भी ज़िक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री के ओएसडी राजवीर सिंह के एक परिचित के आवास से बड़ी रकम बरामद हुई थी। चीमा के अनुसार, उस समय भी कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवाल उठे थे, लेकिन सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रियों के बंगलों में ईडी की कार्रवाई के दौरान दिल्ली के नेताओं की कथित मौजूदगी और समानांतर व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए थे। चीमा के अनुसार, ईडी की ओर से तीन बार एफआईआर दर्ज करने के लिए लिखा गया, लेकिन राज्य सरकार ने कार्रवाई नहीं की। इस मामले में हाई कोर्ट ने भी सरकार से जवाब तलब किया था।
कथित भ्रष्टाचार की व्यापकता पर आरोप
चीमा ने आरोप लगाया कि पंजाब में कथित भ्रष्टाचार किसी एक विभाग तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, अधिकारियों की पोस्टिंग, नीतियों में बदलाव, हथियारों के लाइसेंस और टेंडर की शर्तों में फेरबदल — हर जगह कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मामला आगे चलकर दिल्ली में सामने आए कथित घोटालों से भी बड़ा साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के 'कट्टर ईमानदार' होने के दावे पर तंज कसते हुए चीमा ने कहा कि एक तरफ सरकार ईमानदारी का ढोल पीटती है, दूसरी तरफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई में गंभीर आरोप उजागर हो रहे हैं।
AAP नेताओं पर निशाना
चीमा ने AAP के उन नेताओं का भी उल्लेख किया जिनके खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई हुई थी। उन्होंने कहा कि जब अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन जेल में थे, तब भी AAP उन्हें देशभक्त बताती रही। चीमा ने तंज कसा कि जेल से बाहर आने के बाद इन्हीं नेताओं को पंजाब में महत्वपूर्ण भूमिकाएँ दी गईं।
जांच के समय और 'पंजाब विरोधी' तर्क पर पलटवार
जांच के समय को विधानसभा चुनाव से जोड़ने के AAP के तर्क को चीमा ने सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई बहुत पहले हो जानी चाहिए थी; देरी से हुई जांच को भी सही दिशा में उठाया गया कदम माना जाना चाहिए। उनका कहना था कि सरकार के आखिरी छह महीने किसी को भी भ्रष्टाचार की छूट नहीं देते।
सीबीआई की कार्रवाई को पंजाब के खिलाफ हमला बताए जाने के AAP के दावे पर चीमा ने पूछा कि जब सरकार से खुद एफआईआर दर्ज करने को कहा जा रहा था, तब उसने कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार की जांच को राज्य के खिलाफ हमला नहीं कहा जा सकता। जांच आगे बढ़ने पर ही यह स्पष्ट होगा कि पंजाब में कथित भ्रष्टाचार की असली जिम्मेदारी किसकी है।