केजरीवाल का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे का आह्वान, वोट चोरी आंदोलन को AAP का समर्थन
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 6 अक्टूबर 2026 को गोवा दौरे के दौरान देशभर में वोट चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे आंदोलन को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद से इस्तीफा देने की माँग की और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जाँच की अपील की।
केजरीवाल के मुख्य आरोप
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनावों के दौरान एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया का दुरुपयोग कर वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए। उनके अनुसार, इसी तंत्र के जरिए चुनावी परिणामों को प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, 'असली मतदाताओं के वोट काटना और फर्जी वोट जोड़ना लोकतंत्र के सीधे खिलाफ है।' केजरीवाल ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए 'बेहद गंभीर विषय' करार दिया।
मोदी सरकार पर सीधा निशाना
केजरीवाल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी आरोप लगाया कि उसने एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब देशभर में विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की ओर से चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह Nवीं बार है जब AAP ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं — विशेष रूप से दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है।
आंदोलन को समर्थन और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग
केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग उठ रही है, जो स्पष्ट करती है कि बड़ी संख्या में नागरिक इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुट होकर इस्तीफे की माँग कर रहा है और अब ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ देना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय मंच पर उठाती रहेगी और वोट चोरी विरोधी आंदोलन के साथ पूरी तरह खड़ी है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बुनियादी ज़रूरत है।
लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक सवाल
केजरीवाल ने कहा कि जब मतदाताओं के अधिकारों और वोट की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े होने लगें, तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उनके अनुसार, इस तरह की कथित गतिविधियों ने लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाई है।
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में चुनावी सुधारों और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता किसी भी चुनावी लोकतंत्र की आधारशिला है और इस पर उठे किसी भी संदेह की गहन जाँच आवश्यक है।
आगे क्या होगा
केजरीवाल ने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। तीन दिवसीय गोवा दौरे पर आए केजरीवाल ने संकेत दिया कि AAP आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपनाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्षी एकजुटता इस आंदोलन को किस दिशा में ले जाती है और क्या चुनाव आयोग इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है।