6 अक्टूबर 2026
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केजरीवाल का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे का आह्वान, वोट चोरी आंदोलन को AAP का समर्थन

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केजरीवाल का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफे का आह्वान, वोट चोरी आंदोलन को AAP का समर्थन

सारांश

गोवा दौरे पर केजरीवाल का बड़ा बयान — मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए। AAP ने वोट चोरी विरोधी देशव्यापी आंदोलन को पूर्ण समर्थन देते हुए एसआईआर के जरिए मतदाता सूची में कथित छेड़छाड़ और मोदी सरकार पर सीधा निशाना साधा।

मुख्य बातें

अरविंद केजरीवाल ने 6 अक्टूबर 2026 को गोवा दौरे के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग की।
आम आदमी पार्टी (AAP) ने देशभर में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के जरिए वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए गए और फर्जी नाम जोड़े गए।
केजरीवाल ने केंद्र की मोदी सरकार पर भी एसआईआर के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का आरोप लगाया।
AAP ने मतदाता सूची की निष्पक्ष जाँच और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग दोहराई।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 6 अक्टूबर 2026 को गोवा दौरे के दौरान देशभर में वोट चोरी के आरोपों को लेकर चल रहे आंदोलन को अपनी पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से तत्काल पद से इस्तीफा देने की माँग की और मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जाँच की अपील की।

केजरीवाल के मुख्य आरोप

केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में चुनावों के दौरान एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया का दुरुपयोग कर वास्तविक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए और फर्जी मतदाताओं के नाम जोड़े गए। उनके अनुसार, इसी तंत्र के जरिए चुनावी परिणामों को प्रभावित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, 'असली मतदाताओं के वोट काटना और फर्जी वोट जोड़ना लोकतंत्र के सीधे खिलाफ है।' केजरीवाल ने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए 'बेहद गंभीर विषय' करार दिया।

मोदी सरकार पर सीधा निशाना

केजरीवाल ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर भी आरोप लगाया कि उसने एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव कर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब देशभर में विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों की ओर से चुनावी पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

यह Nवीं बार है जब AAP ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हैं — विशेष रूप से दिल्ली विधानसभा चुनावों के बाद पार्टी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की कोशिश कर रही है।

आंदोलन को समर्थन और ज्ञानेश कुमार से इस्तीफे की माँग

केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग उठ रही है, जो स्पष्ट करती है कि बड़ी संख्या में नागरिक इस मुद्दे पर एकजुट हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरा देश एकजुट होकर इस्तीफे की माँग कर रहा है और अब ज्ञानेश कुमार को पद छोड़ देना चाहिए।

आम आदमी पार्टी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को राष्ट्रीय मंच पर उठाती रहेगी और वोट चोरी विरोधी आंदोलन के साथ पूरी तरह खड़ी है। पार्टी का कहना है कि मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करना लोकतंत्र की बुनियादी ज़रूरत है।

लोकतांत्रिक संस्थाओं पर व्यापक सवाल

केजरीवाल ने कहा कि जब मतदाताओं के अधिकारों और वोट की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े होने लगें, तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उनके अनुसार, इस तरह की कथित गतिविधियों ने लोकतंत्र की गरिमा को ठेस पहुँचाई है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में चुनावी सुधारों और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को लेकर बहस तेज हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता किसी भी चुनावी लोकतंत्र की आधारशिला है और इस पर उठे किसी भी संदेह की गहन जाँच आवश्यक है।

आगे क्या होगा

केजरीवाल ने दोहराया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना चाहिए और मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। तीन दिवसीय गोवा दौरे पर आए केजरीवाल ने संकेत दिया कि AAP आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपनाएगी। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विपक्षी एकजुटता इस आंदोलन को किस दिशा में ले जाती है और क्या चुनाव आयोग इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी विश्वसनीयता इस बात पर टिकी है कि एसआईआर के जरिए हुई कथित छेड़छाड़ के ठोस साक्ष्य सार्वजनिक किए जाएँ। चुनाव आयोग की संस्थागत स्वायत्तता पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी है, लेकिन बिना सत्यापित डेटा के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग करना आरोप और साक्ष्य के बीच की रेखा को धुंधला कर सकता है। यह भी ध्यान देने योग्य है कि AAP खुद दिल्ली चुनाव में मिली हार के बाद से इस मुद्दे को लगातार उठा रही है — जो इस आंदोलन के राजनीतिक संदर्भ को नज़रअंदाज़ करना मुश्किल बनाता है।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरविंद केजरीवाल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँगा?
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के जरिए मतदाता सूची में हेरफेर की गई — असली मतदाताओं के नाम हटाए गए और फर्जी नाम जोड़े गए। उनके अनुसार यह लोकतंत्र की बुनियाद पर हमला है और इसलिए मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए।
AAP ने वोट चोरी विरोधी आंदोलन को समर्थन देने का ऐलान कब किया?
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने 6 अक्टूबर 2026 को गोवा के तीन दिवसीय दौरे के दौरान इस आंदोलन को पार्टी का पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की।
एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है जिसमें नाम जोड़े और हटाए जाते हैं। केजरीवाल और अन्य विपक्षी नेताओं का आरोप है कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए गए और फर्जी नाम जोड़े गए, जिससे चुनावी परिणाम प्रभावित हुए।
केजरीवाल ने मोदी सरकार पर क्या आरोप लगाए?
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने एसआईआर के जरिए मतदाता सूची में बदलाव करवाकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा बताया।
AAP इस मुद्दे पर आगे क्या कदम उठाएगी?
केजरीवाल ने संकेत दिया कि AAP आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और आक्रामक रुख अपनाएगी। पार्टी ने मतदाता सूची से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जाँच और चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की माँग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाते रहने की बात कही है।
राष्ट्र प्रेस
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