2 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: जंतर-मंतर पर AAP नेता हिरासत में, आतिशी बोलीं — लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सीईसी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: जंतर-मंतर पर AAP नेता हिरासत में, आतिशी बोलीं — लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी

सारांश

जंतर-मंतर पर सीईसी के खिलाफ AAP का प्रदर्शन — आतिशी समेत कई नेता हिरासत में। वोट चोरी के आरोपों के बीच पार्टी ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR में सुधार की मांग दोहराई। लोकतंत्र-बनाम-तानाशाही की इस लड़ाई में अब राजनीतिक दांव और ऊँचे हो गए हैं।

मुख्य बातें

2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर, नई दिल्ली पर AAP के प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और प्रवक्ता अनुराग ढांडा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
हिरासत में लिए गए नेताओं को फतेहपुर बेरी थाने, दक्षिण दिल्ली ले जाया गया।
प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR में कथित अनियमितताओं को वापस लेने की मांग कर रहे थे।
AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह ने विरोध मार्च में हिस्सा लिया।
चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों का दावा करने वाली मीडिया रिपोर्ट आने के बाद विपक्ष के आरोपों ने और तीखा रूप लिया।

नई दिल्ली में 2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। हिरासत में लिए गए नेताओं को दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने ले जाया गया।

प्रदर्शन का कारण और पृष्ठभूमि

यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब एक मीडिया रिपोर्ट में चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों का दावा किया गया था। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों ने और अधिक ज़ोर पकड़ लिया। AAP सहित कई विपक्षी दलों का आरोप है कि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची में अनियमितताएँ की गई हैं।

हिरासत में लिए गए नेताओं की प्रतिक्रिया

हिरासत में ली गईं दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, 'भारत के लोगों को वोट देने का अधिकार तब मिला, जब लाखों स्वतंत्रता सेनानियों ने आज़ादी के लिए अपना जीवन बलिदान किया। बाबा साहेब अंबेडकर ने हमें वोट देने का अधिकार दिया।' उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ज्ञानेश कुमार के ज़रिए नागरिकों से यह अधिकार छीनने की कोशिश कर रही है।

आतिशी ने तीखे शब्दों में कहा, 'वोट चोरी को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो रही, लेकिन उनके इस्तीफे की मांग करने वालों को जबरन थानों में ले जाया जा रहा है। हम पुलिस से डरने वाले नहीं हैं। लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी।'

हिरासत में लिए गए AAP प्रवक्ता अनुराग ढांडा ने भी इसी सुर में बात की। उन्होंने कहा, 'हम सिर्फ यह मांग कर रहे थे कि लोकतंत्र को खत्म नहीं किया जाना चाहिए और लोगों को वोट देने का अधिकार मिलना चाहिए। ज्ञानेश कुमार ने वोट छीना, फिर भी वह आज़ाद हैं और हमें थाने में बिठाया गया है। यह केंद्र सरकार की पूरी तरह तानाशाही है।'

विरोध मार्च में शामिल अन्य नेता

इस बीच, AAP की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज और विधायक जरनैल सिंह समेत पार्टी के कई अन्य नेताओं ने राजधानी में विरोध मार्च में हिस्सा लिया। भारद्वाज ने कहा कि देशभर में विभिन्न आयु वर्ग के लोग, राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, युवा संगठन और विश्वविद्यालयों के छात्र सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रहे हैं।

भारद्वाज ने स्पष्ट किया, 'ज्ञानेश कुमार को हटाना होगा, चुनाव आयोग में सुधार करने होंगे और SIR में हुई अनियमितताओं को वापस लेना होगा — यही इस समस्या का एकमात्र समाधान है और सरकार को इसे स्वीकार करना होगा।'

विधायकों के तीखे आरोप

AAP विधायक जरनैल सिंह ने दावा किया कि दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने स्वयं मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, 'जब तक हम यह आरोप लगा रहे थे, तब तक इसे विपक्ष का दावा कहा जा सकता था, लेकिन अब यह साबित हो चुका है। BJP की मदद के लिए वोट हटाने को लेकर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए, उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए और तत्काल पद से हटाया जाना चाहिए।' गौरतलब है कि ये आरोप अत्यंत गंभीर प्रकृति के हैं और अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।

विधायक संजीव झा ने भी BJP और ज्ञानेश कुमार पर 'लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश' रचने का आरोप लगाया और मांग की कि उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज कर उन्हें तत्काल जेल भेजा जाए।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब देश में चुनावी पारदर्शिता को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है। AAP ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और तेज़ होगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर होंगी कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार इन आरोपों का औपचारिक जवाब कब और कैसे देते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो बाहरी विरोध को 'दुर्भावनापूर्ण' कहकर टाला नहीं जा सकता। लोकतंत्र की विश्वसनीयता के लिए ज़रूरी है कि सरकार इन आरोपों का ठोस और पारदर्शी जवाब दे — चुप्पी या हिरासत से राजनीतिक आग और भड़कती है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जंतर-मंतर पर AAP का प्रदर्शन किसलिए हुआ?
AAP नेता और कार्यकर्ता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को वापस लेने की मांग को लेकर 2 अक्टूबर 2026 को जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए थे। चुनाव आयोग के भीतर आंतरिक मतभेदों का दावा करने वाली एक मीडिया रिपोर्ट के बाद ये आरोप और तेज़ हो गए थे।
कौन-कौन से AAP नेताओं को हिरासत में लिया गया?
हिरासत में लिए गए नेताओं में दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी और AAP प्रवक्ता अनुराग ढांडा प्रमुख हैं। इन्हें दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने ले जाया गया।
AAP ने ज्ञानेश कुमार पर क्या आरोप लगाए हैं?
AAP नेताओं ने आरोप लगाया है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने BJP की मदद के लिए मतदाता सूची से वोट हटाए और वोट चोरी की। पार्टी विधायकों ने उनके खिलाफ देशद्रोह का मामला दर्ज करने और तत्काल पद से हटाने की मांग की है। ये आरोप अभी तक न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।
SIR (विशेष सारांश पुनरीक्षण) विवाद क्या है?
विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची को अद्यतन करने की एक प्रक्रिया है। AAP और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताएँ बरती गईं और बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। चुनाव आयोग ने इन आरोपों का अभी तक औपचारिक खंडन नहीं किया है।
AAP के इस प्रदर्शन का अगला कदम क्या होगा?
पार्टी नेताओं ने संकेत दिया है कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक होगा। सौरभ भारद्वाज के अनुसार, देशभर के विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठन इस मांग को लेकर एकजुट हो रहे हैं। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग इन आरोपों का औपचारिक जवाब कैसे देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 7 घंटे पहले
  3. 10 घंटे पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 2 दिन पहले
  6. 6 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 2 महीने पहले