ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: चंडीगढ़ में AAP का प्रदर्शन, सिसोदिया समेत सैकड़ों हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को 10 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में पुलिस ने हिरासत में ले लिया, जब वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर राज्य चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने AAP नेता मनीष सिसोदिया, पंजाब के मंत्री हरपाल सिंह चीमा, हरदीप सिंह मुंडियां और सैकड़ों अन्य नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
प्रदर्शन की पृष्ठभूमि
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से मतदाताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला किया जा रहा है। पार्टी ने ज्ञानेश कुमार पर चुनावी प्रक्रिया में पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए हैं और उनके पद पर बने रहने पर आपत्ति जताई है। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर 2026 से विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक समूहों का यह आंदोलन जारी बताया जा रहा है।
सिसोदिया का बयान
मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया कि देश के युवा और मतदाता ज्ञानेश कुमार की वजह से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'ज्ञानेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कहने पर देश के मतदाताओं के साथ धोखा किया है।' सिसोदिया ने यह भी दावा किया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए केंद्र सरकार और कई राज्य सरकारों ने अपनी पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने कहा कि 'देश में ऐसा पहली बार हो रहा है जब कुछ युवाओं के प्रदर्शन को रोकने के लिए सरकार इतनी बड़ी ताकत के साथ सामने आई है।'
दिल्ली में AAP की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली में AAP नेता गोपाल राय ने केंद्र सरकार पर देश में 'ब्लैक इमरजेंसी' लागू करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि छात्र, युवा, विपक्षी दल और सामाजिक संगठन जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग के लिए एकत्र होना चाहते थे, लेकिन सरकार उन्हें रोकने में जुटी रही। गोपाल राय ने मेट्रो सेवाओं और ट्रेनों में बाधा तथा बड़े पैमाने पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर भी सवाल उठाए, कहा कि इन प्रतिबंधों से आम यात्रियों को परेशानी हुई।
आम नागरिकों पर असर
AAP नेताओं के अनुसार, दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रतिबंधों के चलते आम यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने पर पार्टी ने सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए चिंताजनक बताया।
क्या होगा आगे
AAP ने स्पष्ट किया है कि वह ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ खड़ी है और यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा। सिसोदिया ने संकेत दिए कि पार्टी राष्ट्रव्यापी स्तर पर इस मुद्दे को उठाती रहेगी। यह देखना होगा कि चुनाव आयोग और केंद्र सरकार इन आरोपों का कोई जवाब देती है या नहीं।