10 अक्टूबर 2026
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AAP का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन सियासी तमाशा — BJP का पलटवार

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AAP का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन सियासी तमाशा — BJP का पलटवार

सारांश

चंडीगढ़ में AAP के CEC-विरोधी प्रदर्शन पर BJP ने कहा — यह लोकतांत्रिक चिंता नहीं, राजनीतिक तमाशा है। जाखड़ ने याद दिलाया कि पंजाब में 20 लाख वोट हटाए जाने पर AAP चुप रही, अब सिर्फ सुर्खियाँ चाहती है।

मुख्य बातें

BJP ने 10 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में AAP के CEC-विरोधी प्रदर्शन को 'राजनीतिक तमाशा' करार दिया।
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP पर नगर निकाय चुनावों में धांधली का आरोप लगाया — सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला, मोगा और बाघा पुराना में पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने खुले पत्र में कहा कि SIR प्रक्रिया संविधान-सम्मत है।
BJP नेता सुनील जाखड़ ने बताया कि पंजाब में लगभग 20 लाख वोट हटाए गए, लेकिन AAP ने SIR शुरू होने पर कोई आपत्ति नहीं जताई।
BJP नेता राणा गुरमीत सिंह सोढी ने AAP को उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय जाने की सलाह दी।

चंडीगढ़ में 10 अक्टूबर 2026 को आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विशेष सघन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर आयोजित विरोध-प्रदर्शन पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया। BJP नेताओं ने एकमत से कहा कि यह प्रदर्शन राजनीतिक लाभ और सुर्खियाँ बटोरने की कवायद मात्र है, न कि किसी वास्तविक लोकतांत्रिक चिंता की अभिव्यक्ति।

BJP नेताओं की प्रतिक्रिया

पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे किसे दोषी ठहरा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने खुद वोटों की चोरी की है। नगर निकाय चुनावों के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पटियाला, मोगा और बाघा पुराना में दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया था, क्योंकि AAP ने चुनावों में धांधली की थी, जबरदस्ती नतीजों में हेर-फेर किया था और लोगों के नॉमिनेशन पेपर व फाइलें फाड़ दी थीं। अब वे उसी मुद्दे पर विरोध कर रहे हैं — उन्हें शर्म आनी चाहिए।'

BJP नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में लगभग 20 लाख वोट हटाए गए हैं, लेकिन जब से SIR प्रक्रिया शुरू हुई, उन्होंने AAP की ओर से कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं देखी। जाखड़ के अनुसार, AAP को डर है कि अन्य विपक्षी दल — सीजेपी, कांग्रेस और अन्य पार्टियाँ — उनसे आगे निकल सकती हैं, इसलिए यह प्रदर्शन सिर्फ 'तमाशा' है।

42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के खुले पत्र पर BJP का रुख

चुनाव आयोग और संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने की कोशिशों के खिलाफ 42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के खुले पत्र का हवाला देते हुए केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इन न्यायाधीशों ने लिखित रूप में स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया संविधान के अनुरूप है और इस पर किसी प्रकार का संशय उचित नहीं। उन्होंने कहा, 'इस पर कोई अगर-मगर नहीं होना चाहिए।'

भ्रष्टाचार के आरोपों पर BJP का हमला

BJP नेता अमनजोत कौर रामू वालिया ने AAP पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी अपनी कमियाँ छिपाने के लिए विरोध का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने छापेमारी की और मुख्यमंत्री के OSD के घर के बाहर नोटिस लगाया गया। वालिया के अनुसार, ट्रांसफर के लिए पैसे लिए जाने की बात आम जनता और गाँवों तक में चर्चित है।

कानूनी रास्ते की सलाह

BJP नेता राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि चुनाव आयोग कानून और संविधान के अनुसार काम कर रहा है। उन्होंने AAP को सलाह दी कि यदि उन्हें कोई संवैधानिक आपत्ति है, तो वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएँ। सोढी ने कहा, 'विरोध-प्रदर्शन से क्या हासिल होगा? न्यायालय इन मामलों को सुलझाने के लिए हैं।'

राजनीतिक पृष्ठभूमि और आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में AAP सरकार और केंद्र सरकार के बीच कई मुद्दों पर तनातनी जारी है। SIR की प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों का सड़क पर उतरना राज्य की राजनीतिक गतिशीलता को और तीखा कर सकता है। BJP का यह पलटवार संकेत देता है कि पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर और तेज़ होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे केवल 'तमाशा' कहकर खारिज करना पर्याप्त नहीं। 42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों का पत्र BJP के लिए ढाल ज़रूर है, लेकिन मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव की स्वतंत्र समीक्षा की माँग को अनुचित नहीं कहा जा सकता। असली सवाल यह है कि क्या SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही का वह स्तर है जो सभी दलों को संतुष्ट कर सके — यह बहस अदालत से अधिक सार्वजनिक विमर्श की माँग करती है।
RashtraPress
10 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

AAP ने चंडीगढ़ में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन क्यों किया?
AAP ने SIR (विशेष सघन पुनरीक्षण) प्रक्रिया के विरोध में CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के तहत पंजाब में बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
BJP ने AAP के इस प्रदर्शन पर क्या कहा?
BJP नेता सुनील जाखड़ ने इसे 'सुर्खियाँ बटोरने और राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश' बताया। पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने AAP पर खुद नगर निकाय चुनावों में धांधली का आरोप लगाते हुए कहा कि AAP को 'शर्म आनी चाहिए'।
SIR प्रक्रिया क्या है और इसे लेकर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष सघन पुनरीक्षण, मतदाता सूची को अद्यतन करने की चुनाव आयोग की प्रक्रिया है। पंजाब में लगभग 20 लाख वोट हटाए जाने की रिपोर्टों के बाद विपक्षी दलों ने इसकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं, जबकि 42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने खुले पत्र में इसे संविधान-सम्मत बताया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में दोबारा चुनाव का आदेश कब दिया था?
नगर निकाय चुनावों के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पटियाला, मोगा और बाघा पुराना में पुनर्मतदान का आदेश दिया था। BJP के अनुसार, यह आदेश AAP द्वारा चुनावी धांधली, नतीजों में हेर-फेर और नॉमिनेशन पेपर फाड़े जाने की शिकायतों के बाद आया था।
BJP ने AAP को क्या सलाह दी?
BJP नेता राणा गुरमीत सिंह सोढी ने AAP को उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि SIR प्रक्रिया में कुछ असंवैधानिक है, तो कानूनी रास्ता उपलब्ध है और सड़क पर प्रदर्शन की ज़रूरत नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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