सीईसी के खिलाफ AAP के प्रदर्शन पर BJP का पलटवार: 'सुर्खियां बटोरने की कोशिश' — सुनील जाखड़
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 10 अक्टूबर 2026 को चंडीगढ़ में आम आदमी पार्टी (AAP) द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) को लेकर आयोजित विरोध-प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की है। BJP नेता सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि AAP नेता राजनीतिक लाभ के लिए तमाशा कर रहे हैं, न कि वास्तविक चुनावी चिंताओं के कारण।
BJP नेताओं की तीखी प्रतिक्रिया
पंजाब BJP अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आ रहा कि वे किसे दोषी ठहरा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने खुद वोटों की चोरी की है।' उन्होंने याद दिलाया कि नगर निकाय चुनावों के दौरान सर्वोच्च न्यायालय ने पटियाला, मोगा और बाघा पुराना में दोबारा चुनाव कराने का आदेश इसलिए दिया था क्योंकि AAP पर धांधली, नामांकन पत्र फाड़ने और जबरदस्ती नतीजों में हेर-फेर का आरोप था।
ढिल्लों ने यह भी कहा कि 42 सेवानिवृत्त न्यायाधीशों ने खुले पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया है कि SIR प्रक्रिया संविधान के अनुरूप है और उस पर कोई 'अगर-मगर' नहीं होना चाहिए।
AAP पर भ्रष्टाचार के आरोप
BJP नेता अमनजोत कौर रामू वालिया ने कहा कि AAP अपनी कमियों को छिपाने के लिए विरोध कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने छापेमारी की और मुख्यमंत्री के OSD के घर के बाहर नोटिस लगाया गया। वालिया ने दावा किया कि 'गांवों समेत आम जनता को पता है कि ट्रांसफर के लिए पैसे लिए जा रहे हैं।' हालाँकि यह दावा BJP नेता का अपना कथन है और स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं है।
सुनील जाखड़ का SIR पर तर्क
BJP नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब में लगभग 20 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं, परंतु SIR प्रक्रिया शुरू होने के बाद से AAP की ओर से कोई औपचारिक आपत्ति दर्ज नहीं हुई। उनके अनुसार, 'अब वे सिर्फ सुर्खियां बटोरने और राजनीतिक फायदा उठाने के लिए ऐसा कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि कांग्रेस या दूसरी पार्टियां उनसे आगे निकल सकती हैं।'
यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज होती दिख रही हैं और विभिन्न दल SIR के माध्यम से मतदाता सूची शुद्धिकरण को लेकर अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने की कोशिश में लगे हैं।
न्यायपालिका की राह का सुझाव
BJP नेता राणा गुरमीत सिंह सोढी ने कहा कि चुनाव आयोग कानून और संविधान के मुताबिक काम कर रहा है। उन्होंने AAP को सुझाव दिया कि यदि उन्हें कोई प्रावधान असंवैधानिक लगता है, तो वे उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाएँ, क्योंकि 'विरोध करने की बजाय कोर्ट का रास्ता अपनाना उचित होगा।'
गौरतलब है कि SIR को लेकर विपक्षी दलों और चुनाव आयोग के बीच यह टकराव पूरे देश में एक व्यापक बहस का हिस्सा बन चुका है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में और गहरा सकता है।