चंडीगढ़ में कांग्रेस का प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने और SIR रद्द करने की माँग
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के कार्यकर्ताओं ने 25 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में विरोध प्रदर्शन किया और मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की माँग की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग चुनावी प्रक्रिया में जानबूझकर गड़बड़ी कर रहा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर चुनाव परिणामों को प्रभावित किया जा रहा है।
प्रदर्शन का स्वरूप और प्रमुख माँगें
प्रदर्शनकारियों ने सरकार और चुनाव आयोग के विरुद्ध नारेबाज़ी की तथा मिलीभगत का आरोप लगाया। पंजाब में जारी मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने की माँग भी इस प्रदर्शन का केंद्र रही। नेताओं का कहना है कि SIR प्रक्रिया के ज़रिये वास्तविक मतदाताओं को सूचियों से हटाया जा रहा है।
वारिंग के आरोप: हरियाणा-महाराष्ट्र से सबूत
पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि CEC की BJP के साथ मिलीभगत के नए सबूत प्रतिदिन सामने आ रहे हैं। उन्होंने हरियाणा और महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए दावा किया कि संसदीय चुनावों में बुरी हार के बाद इन राज्यों में BJP की जीत अविश्वसनीय थी। वारिंग ने कहा, 'जिसे चुनावी जीत समझा जा रहा है, वह वास्तव में चुनाव की चोरी है।' उन्होंने 2024 के संसदीय चुनाव पर भी धांधली का आरोप लगाया।
वारिंग ने यह भी आरोप लगाया कि फॉर्म 6 में दी गई कड़ी शर्तें नए मतदाताओं के पंजीकरण को 'मानवीय रूप से असंभव' बनाती हैं। उनका कहना था, 'यह युवा पीढ़ी — जेनरेशन Z — को मताधिकार से वंचित करने का प्रयास है, क्योंकि BJP को विश्वास है कि वे कभी उसे वोट नहीं देंगे।'
रंधावा और बाजवा की प्रतिक्रिया
पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से चेतावनी देते आए हैं कि चुनाव आयोग BJP के साथ मिलकर चुनावों में धांधली कर रहा है। रंधावा के अनुसार अब BJP और चुनाव आयोग दोनों जनता के सामने बेनकाब हो चुके हैं और इससे चुनावी विश्वसनीयता को भारी नुकसान पहुँचा है।
विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने SIR प्रक्रिया को उसके वर्तमान स्वरूप में तत्काल रोकने की माँग की। बाजवा ने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे सूचित किया जाए, उससे संपर्क किया जाए और उसे अपनी पहचान व पात्रता सत्यापित करने का पूरा अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा, 'प्रत्येक प्रस्तावित विलोपन का विधिवत सत्यापन होना चाहिए।'
व्यापक संदर्भ: चुनाव आयोग पर विपक्ष के आरोप
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की स्वायत्तता पर बार-बार सवाल उठाए हैं। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब विधानसभा चुनाव नज़दीक आते दिख रहे हैं और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। कांग्रेस की माँग है कि आगामी पंजाब चुनाव पिछले संसदीय चुनावों में उपयोग की गई मतदाता सूची के आधार पर ही कराए जाएँ।
आगे क्या
कांग्रेस ने संकेत दिया है कि यदि SIR प्रक्रिया जारी रही और CEC को नहीं हटाया गया तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं थी। इस पूरे विवाद का असर पंजाब की चुनावी राजनीति पर गहरा पड़ सकता है।