फिरोजपुर में कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और गिरफ्तारी की मांग
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब के फिरोजपुर में 28 सितंबर 2026 को हज़ारों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ज़ोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने उन पर देश की लोकतांत्रिक और चुनावी प्रक्रिया को क्षति पहुँचाने का आरोप लगाते हुए उनके तत्काल इस्तीफे और गिरफ्तारी की माँग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के पुतले भी जलाए।
मुख्य आरोप और माँगें
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने इस मौके पर आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त के कार्यकाल में चुनावी प्रक्रिया को व्यवस्थित रूप से कमज़ोर किया गया है। उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाकर 13.8 करोड़ लोगों को मताधिकार से वंचित किया गया। वड़िंग ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिलकर उन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए, जिन्हें BJP अपने विरुद्ध मानती है।
राज्यों के उदाहरण और ऐतिहासिक संदर्भ
वड़िंग ने बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और हरियाणा का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इन राज्यों के चुनावी नतीजे जमीनी हकीकत और जनभावना से मेल नहीं खाते। उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने तीन वर्ष पूर्व यह मुद्दा उठाया था, किंतु उस समय चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज कर दिया था। वड़िंग ने दावा किया कि अब चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने उन बातों को स्वीकार किया है जो राहुल गांधी पिछले तीन वर्षों से उठाते आ रहे हैं।
पंजाब में मतदाता सूची विवाद
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि राज्यों में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कर वोट हटाना और इससे BJP को लाभ पहुँचाना चुनाव आयोग की नियमित प्रक्रिया बन गई है। उन्होंने दावा किया कि पंजाब की मतदाता सूची से अब तक 20 लाख मत हटाए जा चुके हैं और यह संख्या आगे और बढ़ सकती है। कार्यकर्ताओं से उन्होंने मतदाता सूचियों में किसी भी बदलाव को लेकर सतर्क रहने की अपील की।
आप सरकार और राज्य राजनीति पर निशाना
वड़िंग ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि AAP और BJP एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। पंजाब की नगर समितियों के चुनावी नतीजों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि AAP ने उन परिणामों को प्रभावित किया था। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर दिल्ली के नेताओं के सामने झुकने का आरोप लगाया और दावा किया कि मंत्रियों के लिए आरक्षित 10 सरकारी बंगले दिल्ली और राजस्थान के अनधिकृत लोगों को आवंटित किए गए हैं, जबकि राज्य के मंत्रियों को गेस्ट हाउस में रहने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
अपराधीकरण की चेतावनी
वड़िंग ने राज्य में बढ़ते अपराधीकरण पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि यही स्थिति जारी रही तो गंभीर आपराधिक मामलों का सामना कर रहे जग्गू भगवानपुरिया और गुरप्रीत सेखों जैसे गैंगस्टर चुनाव लड़ते नज़र आएंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर भी राज्य में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ है जब पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ धीरे-धीरे शुरू होने लगी हैं।