अनुराग ठाकुर का विपक्ष पर हमला: 'चुनाव हारने पर संवैधानिक संस्थाओं को दोषी ठहराना बंद करो'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद अनुराग ठाकुर ने 11 अक्टूबर 2026 को कांगड़ा में विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सिटीज़न्स फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के विरोध प्रदर्शन और मतदाता सूची की विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के विरोध को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति या संगठन कानून से ऊपर नहीं है।
विरोध प्रदर्शन पर ठाकुर का स्पष्ट संदेश
अनुराग ठाकुर ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ CJP के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं युवा मोर्चा से लेकर BJP तक कई प्रदर्शनों में हिस्सा लिया है। उनके अनुसार, किसी भी विरोध प्रदर्शन के लिए पहले अनुमति लेना और प्रतिभागियों की संख्या की जानकारी देना अनिवार्य है।
ठाकुर ने आगे कहा, 'यदि कुछ लोग यह सोचते हैं कि उन्हें किसी को जानकारी देने की जरूरत नहीं और वे संस्थाओं, नियमों तथा कानून से ऊपर हैं, तो देश इस तरह नहीं चल सकता।' उन्होंने लोकतांत्रिक व्यवस्था में नियम-पालन को सर्वोपरि बताया।
SIR प्रक्रिया पर विपक्षी आपत्तियों का जवाब
मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया के विरोध पर BJP सांसद ने पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि आखिर किन मतदाताओं के नाम हटाए जाने पर विपक्ष आपत्ति कर रहा है। उनके अनुसार, मृत व्यक्तियों, दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं और अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके लोगों के नाम सूची में बने रहना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की शुद्धता के लिए खतरनाक है।
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बिगाड़ने के लिए झूठ का सहारा लेना स्वीकार्य नहीं है और ऐसी राजनीति अंततः विफल होती है।
विपक्ष पर 'चुनावी हार पर संस्था-विरोध' का आरोप
ठाकुर ने विपक्ष पर एक और बड़ा आरोप लगाया — कि जब विपक्ष चुनाव जीतता है, तब उसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM), चुनाव आयोग (ECI) और चुनाव आयुक्तों पर पूरा भरोसा रहता है, लेकिन हारने के बाद वही दल इन संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाने लगते हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ बताया।
यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में SIR प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों और नागरिक संगठनों में असंतोष बढ़ रहा है। गौरतलब है कि EVM और चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठाना विपक्ष की उस पुरानी रणनीति का हिस्सा रहा है जो 2019 के बाद से बार-बार सामने आती रही है।
विदेशी हस्तक्षेप का आरोप और नवरात्रि शुभकामनाएँ
ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ तत्व विदेशी ताकतों के एजेंडे के अनुसार भारतीय लोकतंत्र को कमज़ोर करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिना ठोस आधार के आरोप लगाकर राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कभी सफल नहीं होगी।
इस अवसर पर अनुराग ठाकुर ने शारदीय नवरात्रि के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने हिमाचल प्रदेश को देवभूमि बताते हुए कहा कि देशभर से करोड़ों श्रद्धालु प्रतिवर्ष यहाँ के मंदिरों में देवी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए आते हैं।
आने वाले दिनों में SIR प्रक्रिया और CEC की नियुक्ति को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच यह बहस और तीखी होने की संभावना है।