एसआईआर से बांग्लादेशी घुसपैठिए वोटर लिस्ट से बाहर, इसीलिए सीईसी ज्ञानेश कुमार से नफरत करता है विपक्ष: प्रतुल शाह देव
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के भारतीय जनता पार्टी (BJP) नेता प्रतुल शाह देव ने 5 अक्टूबर 2026 को रांची में दावा किया कि विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के ज़रिये बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची से हटाया गया है। शाह देव ने स्पष्ट किया कि सर्वोच्च न्यायालय ने भी केवल मीडिया रिपोर्टों के आधार पर किसी संवैधानिक संस्था के प्रमुख की शक्तियाँ छीनने से इनकार कर दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय की टिप्पणी
ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने और उनकी शक्तियाँ छीनने की माँग को लेकर दायर याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) और केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब माँगा है। शाह देव के अनुसार, न्यायालय ने साफ कहा कि 'सिर्फ मीडिया रिपोर्ट के आधार पर हम किसी संवैधानिक संस्था के प्रमुख की शक्तियाँ नहीं छीन सकते।' उन्होंने इसे सर्वोच्च न्यायालय का एक अहम और स्वागत योग्य फैसला बताया।
विपक्ष के विरोध पर BJP का पलटवार
शाह देव ने कहा कि जो लोग सर्वोच्च न्यायालय से ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध कोई बड़ा आदेश पाने की उम्मीद कर रहे थे, उनकी योजनाएँ विफल हो गई हैं। उनके अनुसार, तीनों चुनाव आयुक्तों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में यह स्पष्ट कर दिया कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए हैं। शाह देव ने कहा, 'ज्ञानेश कुमार कहीं जाने वाले नहीं हैं। जो उनका विरोध कर रहे हैं, उनके लिए यह जोरदार झटका है।'
दिग्विजय सिंह और कांग्रेस पर तीखी प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार करते हुए शाह देव ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व के दौर में दिग्विजय सिंह अप्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जो लोग आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को 'ओसामा जी' जैसे सम्मानजनक संबोधन से बुलाते रहे हैं, उन्हें राष्ट्रीय संगठनों पर सवाल उठाने का कोई अधिकार नहीं है। शाह देव ने वीर सावरकर का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने 13 से 14 वर्ष काला पानी की सज़ा भोगी, जबकि कांग्रेस के अधिकांश नेता स्वाधीनता संघर्ष में ऐसे बलिदान का उदाहरण नहीं दे सकते।
स्मित मच्छार प्रकरण पर BJP का बचाव
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के स्मित मच्छार संबंधी बयान पर शाह देव ने कहा कि स्मित ने जो साहस दिखाया है, वह विश्व स्तर पर सराहा जा रहा है। उनके अनुसार, स्मित मच्छार ने इज़राइल के प्रधानमंत्री को पूरी घटना से अवगत कराया और उनके इस कदम की चारों ओर प्रशंसा हो रही है। शाह देव ने इमरान मसूद से आग्रह किया कि वे सकारात्मक और जिम्मेदार बयानबाजी करें।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी नोटिस के जवाब में ECI और केंद्र सरकार को अपना पक्ष रखना होगा, जिसके बाद न्यायालय आगे का निर्णय करेगा। यह मामला चुनाव आयोग की स्वायत्तता और मतदाता सूची की शुद्धता के बड़े सवालों से जुड़ा हुआ है, जो आने वाले चुनावों की पृष्ठभूमि में और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है।