मुंबई: चुनाव आयोग के खिलाफ कांग्रेस का दादर में प्रदर्शन, भाई जगताप ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगा
सारांश
मुख्य बातें
मुंबई कांग्रेस ने 29 सितंबर 2026 को दादर स्थित चैत्यभूमि पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए और ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे की माँग दोहराई। कांग्रेस नेताओं के अनुसार यह आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
प्रदर्शन की मुख्य माँगें
कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी लंबे समय से चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और वोट चोरी के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उनके अनुसार, महाराष्ट्र में महाविकास आघाड़ी सरकार के दौर में हुए चुनावों में भी एसआईआर के तहत कथित तौर पर अतिरिक्त वोट जोड़े जाने की बात सामने आई थी। पार्टी का दावा है कि कुछ स्थानों पर छोटे कमरों में बड़ी संख्या में मतदाता दर्ज किए जाने जैसी अनियमितताएँ भी प्रकाश में आई हैं।
जगताप ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर वोट चोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की माँग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल कांग्रेस का मुद्दा नहीं, बल्कि आम मतदाता के अधिकार से जुड़ा प्रश्न है।
एसआईआर प्रक्रिया पर सवाल
कांग्रेस नेता चरण सिंह सपरा ने प्रदर्शन को जनता की आवाज़ बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिस संस्था का काम लोकतंत्र की रक्षा करना है, कथित तौर पर उसी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाया जा रहा है।
सपरा ने फॉर्म-6 के साथ बाद में जोड़े गए डिक्लेरेशन फॉर्म के नियम पर भी सवाल उठाया और कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया में दोहरे मानदंड नहीं होने चाहिए। उनके अनुसार एसआईआर के दौरान करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए जाने का दावा है — जिन्हें वे बहाल करने की माँग कर रहे हैं।
महाराष्ट्र चुनाव अधिकारी का पत्र
कांग्रेस नेताओं ने इस बात का भी उल्लेख किया कि महाराष्ट्र के मुख्य चुनाव अधिकारी ने केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर एसआईआर से जुड़े मुद्दों का उल्लेख किया है। यह पत्र कांग्रेस के आरोपों को बल देता है, ऐसा पार्टी का कहना है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में विपक्षी दलों द्वारा चुनावी प्रक्रियाओं और मतदाता सूचियों की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
व्यापक राजनीतिक संदर्भ
भाई जगताप ने यह भी कहा कि उद्धव ठाकरे इस लड़ाई में कांग्रेस के साथ हैं, जो महाविकास आघाड़ी की एकता का संकेत है। उन्होंने संविधान की प्रस्तावना का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस संवैधानिक मूल्यों की बात को जन-जन तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
हाल के घटनाक्रम में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े लोगों की ओर से सामने आई जानकारी ने, जगताप के अनुसार, कांग्रेस के आरोपों को और बल दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी इस आंदोलन को और तेज करने की योजना में है।