29 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात कांग्रेस का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अहमदाबाद में विरोध मार्च, इस्तीफे की मांग

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात कांग्रेस का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अहमदाबाद में विरोध मार्च, इस्तीफे की मांग

सारांश

गुजरात कांग्रेस अहमदाबाद की सड़कों पर उतरी — CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ। वोटर लिस्ट में कथित छेड़छाड़ और एसआईआर विवाद के बीच पार्टी ने न सिर्फ इस्तीफा माँगा, बल्कि चुनाव आयोग की संवैधानिक स्वतंत्रता पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

मुख्य बातें

गुजरात कांग्रेस ने 29 सितंबर 2026 को अहमदाबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला।
कार्यकर्ता काले कपड़ों में शामिल हुए और 'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' जैसे नारे लिखी तख्तियाँ लेकर नारेबाज़ी की।
पूर्व सांसद अमी याजनिक ने आरोप लगाया कि वोट चोरी में चुनाव आयोग की सबसे बड़ी भूमिका रही और इसके प्रमाण सामने आ चुके हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने दावा किया कि एसआईआर की आड़ में बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा में मतदाता सूचियों से कथित तौर पर छेड़छाड़ हुई।
चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

गुजरात कांग्रेस ने 29 सितंबर 2026 को अहमदाबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग की। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला, जिसके बाद एक जनसभा का भी आयोजन किया गया।

प्रदर्शन का स्वरूप और भागीदारी

प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर आए और हाथों में 'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' तथा 'ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ' की तख्तियाँ लेकर नारेबाज़ी की। इस प्रदर्शन में पूर्व राज्यसभा सदस्य अमी याजनिक, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।

अमी याजनिक के गंभीर आरोप

पूर्व सांसद अमी याजनिक ने कहा कि लंबे समय से चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और कांग्रेस ने पूरे सबूतों के साथ इसकी खामियों को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया, 'संविधान के तहत चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे देश के लिए काम करना चाहिए, लेकिन उसने अपना काम नहीं किया। वोट चोरी के मामले में सबसे ज़्यादा भूमिका चुनाव आयोग की ही रही है और इसका प्रूफ भी सामने आ चुका है।'

याजनिक ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें और सार्वजनिक रूप से जवाब दें। उन्होंने कहा, 'वे अपनी जगह छोड़ दें और देश के सामने आकर बताएं कि वोट चोरी में उन्होंने कितनी हिस्सेदारी ली है। उनके खुद के दो साथी आयुक्त भी नहीं बता रहे हैं कि उन्होंने क्या किया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को 'प्रोटेक्शन' मिली हुई है।

मनीष दोषी ने एसआईआर पर उठाए सवाल

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) जैसी विश्वसनीय संस्था में जो फर्जीवाड़ा हुआ, वह ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुआ। दोषी ने कहा कि कथित तौर पर बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ की गई।

दोषी ने यह भी कहा, 'पहले देश में जनता तय करती थी कि सरकार किसकी बनेगी, लेकिन अब सरकार तय करती है कि किसे मताधिकार मिलना चाहिए और किसे नहीं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।'

व्यापक संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाना शुरू किया है। कांग्रेस का यह विरोध मार्च महज़ गुजरात तक सीमित नहीं है — पार्टी कई राज्यों में वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती दे रही है। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी राज्य चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया अहम मोड़ पर है।

आगे क्या होगा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस के इस विरोध की राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन अब तक ये दावे साक्ष्य के बजाय राजनीतिक बयानबाज़ी के धरातल पर अधिक दिखते हैं — 'प्रूफ सामने आ चुका है' कहना और उसे सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना दो अलग बातें हैं। एसआईआर प्रक्रिया पर उठे सवाल विपक्ष के लिए राष्ट्रव्यापी आख्यान बनाने का अवसर है, लेकिन चुनाव आयोग की संस्थागत विश्वसनीयता पर हमले तब ही प्रभावी होते हैं जब उनके साथ ठोस डेटा और कानूनी चुनौती हो। मुख्यधारा कवरेज जो चूक जाती है वह यह है कि एसआईआर विवाद का असर वास्तव में कितने मतदाताओं पर पड़ा, यह संख्या अब तक किसी भी पक्ष ने स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं की है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात कांग्रेस ने CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन क्यों किया?
गुजरात कांग्रेस ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर यह प्रदर्शन किया। पार्टी का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में मतदाता सूचियों से छेड़छाड़ की गई, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
एसआईआर यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न वह प्रक्रिया है जिसके तहत चुनाव आयोग मतदाता सूचियों की गहन समीक्षा और अद्यतन करता है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कर कई राज्यों में वैध मतदाताओं को सूची से हटाया गया।
प्रदर्शन में कौन-कौन से नेता शामिल थे?
अहमदाबाद के इस विरोध मार्च में पूर्व राज्यसभा सदस्य अमी याजनिक, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा?
29 सितंबर 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की ओर से कांग्रेस के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस का यह विरोध अन्य राज्यों तक भी फैला है?
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी के अनुसार, बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा में भी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया है। पार्टी ने संकेत दिया है कि यदि माँगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 घंटे पहले
  2. 2 दिन पहले
  3. 2 दिन पहले
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 3 दिन पहले
  7. 3 दिन पहले
  8. 3 दिन पहले