गुजरात कांग्रेस का CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अहमदाबाद में विरोध मार्च, इस्तीफे की मांग
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात कांग्रेस ने 29 सितंबर 2026 को अहमदाबाद में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ बड़ा विरोध प्रदर्शन किया और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग की। वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और कथित वोट चोरी के आरोपों को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध मार्च निकाला, जिसके बाद एक जनसभा का भी आयोजन किया गया।
प्रदर्शन का स्वरूप और भागीदारी
प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस कार्यकर्ता काले कपड़े पहनकर आए और हाथों में 'वोट चोर, गद्दी छोड़ो' तथा 'ज्ञानेश कुमार हटाओ, चुनाव आयोग बचाओ' की तख्तियाँ लेकर नारेबाज़ी की। इस प्रदर्शन में पूर्व राज्यसभा सदस्य अमी याजनिक, कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी और पूर्व केंद्रीय मंत्री भरत सिंह सोलंकी समेत कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
अमी याजनिक के गंभीर आरोप
पूर्व सांसद अमी याजनिक ने कहा कि लंबे समय से चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं और कांग्रेस ने पूरे सबूतों के साथ इसकी खामियों को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया, 'संविधान के तहत चुनाव आयोग एक स्वतंत्र संस्था है और उसे देश के लिए काम करना चाहिए, लेकिन उसने अपना काम नहीं किया। वोट चोरी के मामले में सबसे ज़्यादा भूमिका चुनाव आयोग की ही रही है और इसका प्रूफ भी सामने आ चुका है।'
याजनिक ने मांग की कि ज्ञानेश कुमार पद छोड़ें और सार्वजनिक रूप से जवाब दें। उन्होंने कहा, 'वे अपनी जगह छोड़ दें और देश के सामने आकर बताएं कि वोट चोरी में उन्होंने कितनी हिस्सेदारी ली है। उनके खुद के दो साथी आयुक्त भी नहीं बता रहे हैं कि उन्होंने क्या किया है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार को 'प्रोटेक्शन' मिली हुई है।
मनीष दोषी ने एसआईआर पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने आरोप लगाया कि भारतीय चुनाव आयोग (ECI) जैसी विश्वसनीय संस्था में जो फर्जीवाड़ा हुआ, वह ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में हुआ। दोषी ने कहा कि कथित तौर पर बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और हरियाणा के चुनावों में वोटर लिस्ट से छेड़छाड़ की गई।
दोषी ने यह भी कहा, 'पहले देश में जनता तय करती थी कि सरकार किसकी बनेगी, लेकिन अब सरकार तय करती है कि किसे मताधिकार मिलना चाहिए और किसे नहीं। यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक है।'
व्यापक संदर्भ और राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन ऐसे समय में हुआ जब विपक्षी दलों ने एसआईआर प्रक्रिया पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाना शुरू किया है। कांग्रेस का यह विरोध मार्च महज़ गुजरात तक सीमित नहीं है — पार्टी कई राज्यों में वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को चुनौती दे रही है। यह ऐसे समय में आया है जब आगामी राज्य चुनावों की तैयारियाँ चल रही हैं और मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया अहम मोड़ पर है।
आगे क्या होगा
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संकेत दिया कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज़ किया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कांग्रेस के इस विरोध की राष्ट्रीय राजनीति पर क्या असर पड़ेगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।