क्या देवेंद्र फडणवीस सच में 'गजनी' हैं?

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क्या देवेंद्र फडणवीस सच में 'गजनी' हैं?

सारांश

कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री फडणवीस पर तंज करते हुए कहा कि वे 'गजनी' की तरह पुरानी बातें भूल जाते हैं। इस बयान ने राजनीति में हलचल मचा दी है। जानिए पूरा मामला क्या है।

मुख्य बातें

आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
कांग्रेस नेता ने फडणवीस को 'गजनी' कहा।
बीएमसी चुनाव में कांग्रेस अकेले जाने की योजना बना रही है।
महायुति ने निकाय चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है।
शिवसेना (यूबीटी) भी अलग होकर चुनाव में उतरेंगी।

मुंबई, 26 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। बीएमसी चुनाव को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर लगातार जारी है। इसी बीच, कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर एक विवादित टिप्पणी करते हुए उन्हें 'गजनी' करार दिया।

हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि फडणवीस पुरानी बातें जल्दी भूल जाते हैं। मुंबई में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि मैंने पहले भी फडणवीस को 'गजनी' कहा था और आज भी अपने बयान पर कायम हूं।

उन्होंने आगे कहा कि मैंने उन्हें तानाशाह, जल्लाद और क्रूर भी कहा है। 'क्रूर' का अर्थ होता है बेरहम। फडणवीस ने महाराष्ट्र के सामाजिक ताने-बाने को बिगाड़ने का काम किया है। गृह विभाग जो उनके नियंत्रण में है, वह बेकार हो गया है और इसके परिणामस्वरूप राज्य में हिंसा बढ़ रही है। इसकी सीधी जिम्मेदारी उनकी है।

कांग्रेस नेता ने अजित पवार का उल्लेख करते हुए कहा कि एक समय था जब फडणवीस कहते थे कि वे कभी भी उनके साथ गठबंधन नहीं करेंगे; लेकिन अब वे उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि पहले तो फडणवीस जेल भेजने की बात कर रहे थे, अब उन्हीं के साथ हैं। इसी तरह, फडणवीस ने अतीत में कई ऐसे बयान दिए हैं, जिन्हें वे भूल चुके हैं। इसलिए मैंने उन्हें गजनी कहा है।

ज्ञात हो कि हाल ही में महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में महायुति ने बड़ी जीत हासिल की है। अब उनका अगला लक्ष्य बीएमसी चुनाव है, जिसके लिए विपक्षी दल भी तैयारियों में जुट गए हैं।

कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव में अकेले जाने का ऐलान किया है। हालांकि, कुछ क्षेत्रीय पार्टियों के साथ गठबंधन की चर्चा चल रही है। लेकिन, कांग्रेस शिवसेना (यूबीटी) के साथ चुनावी मैदान में नहीं जाएगी। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि उनके कार्यकर्ता चाहते हैं कि कांग्रेस अपने दम पर बीएमसी चुनाव लड़े।

शिवसेना (यूबीटी) भी कांग्रेस से अलग होकर चुनावी मैदान में उतरने की योजना बना चुकी है। शिवसेना (यूबीटी) को मनसे का समर्थन मिला है। वर्षों बाद ठाकरे भाई एक साथ आए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना जरूरी है कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। लेकिन हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि यह आरोप मात्र व्यक्तिगत हमलों में ना बदल जाए। राजनीतिक संवाद को स्वस्थ और सकारात्मक बनाए रखना चाहिए।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हर्षवर्धन सपकाल ने फडणवीस को गजनी क्यों कहा?
उन्होंने कहा कि फडणवीस पुरानी बातें भूल जाते हैं और ऐसे में उन्हें 'गजनी' करार दिया।
क्या कांग्रेस बीएमसी चुनाव में अकेले जाएगी?
जी हां, कांग्रेस ने घोषणा की है कि वे बीएमसी चुनाव में अकेले जाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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