वीर सावरकर का बलिदान और निष्ठा: हर राष्ट्रप्रेमी के लिए प्रेरणा स्रोत - केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
सारांश
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नई दिल्ली, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें स्मरण करते हुए कहा कि उनका त्याग और समर्पण हर राष्ट्रप्रेमी के लिए राष्ट्रप्रथम का ज्योति स्तंभ बना रहेगा।
अमित शाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "स्वातंत्र्यवीर सावरकर आजादी के आंदोलन के उन नायकों में थे, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत से स्वतंत्रता और सांस्कृतिक स्वाधीनता के लिए एक साथ संघर्ष किया। उन्होंने अपने क्रांतिकारी विचारों से आजादी के आंदोलन को वैचारिक आधार दिया और साहसिक अभियानों से युवाओं की प्रेरणा बने। अस्पृश्यता उन्मूलन और नारी शिक्षा के लिए उनका आजीवन संघर्ष हमेशा राष्ट्रप्रथम का ज्योति स्तंभ बना रहेगा।"
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लिखा कि ओजस्वी क्रांतिकारी एवं तेजस्वी विचारक, 'स्वातंत्र्यवीर' विनायक दामोदर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। आपका त्याग और संघर्ष भारत के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लिखा कि सावरकर भारतीय स्वाधीनता संग्राम के प्रखर क्रांतिकारी और दूरदर्शी चिंतक थे। मातृभूमि के प्रति उनका त्याग और राष्ट्रनिष्ठ चिंतन देशवासियों को कर्तव्यबोध और आत्मसम्मान की प्रेरणा देता रहेगा।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लिखा कि मां भारती के अमर सपूत, प्रखर राष्ट्रवादी स्वातंत्र्यवीर की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनके विचार भारत को परम वैभव पर ले जाने की शक्ति रखते हैं।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लिखा कि महान स्वतंत्रता सेनानी सावरकर की पुण्यतिथि पर कोटि-कोटि नमन। उनके विचार और आदर्श हमें सदैव राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने लिखा कि वीर सावरकर की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका जीवन राष्ट्र के प्रति अनन्य निष्ठा की अमर गाथा है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लिखा कि सावरकर के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। मातृभूमि की रक्षा में समर्पित उनका सम्पूर्ण जीवन देश की भावी पीढ़ियों को प्रेरित करेगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने लिखा कि सावरकर को उनकी पुण्यतिथि पर कोटिशः नमन। स्वतंत्रता आंदोलन में उनके अदम्य साहस और संघर्ष की गौरवगाथा को कृतज्ञ राष्ट्र कभी भुला नहीं पाएगा।