वीर सावरकर जयंती 2026: अमित शाह, राजनाथ सिंह समेत दर्जनों BJP नेताओं ने किया नमन
सारांश
मुख्य बातें
विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर 28 मई को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानी को श्रद्धांजलि अर्पित की। नेताओं ने सावरकर के राष्ट्रसेवा, त्याग, साहस और सामाजिक सुधार में योगदान को याद किया।
अमित शाह और केंद्रीय मंत्रियों की श्रद्धांजलि
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर ने मातृभूमि की सेवा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। शाह ने कहा कि सावरकर का जीवन और उनकी लेखनी देश तथा विचारधारा के प्रति अटूट समर्पण की सीख देती है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सामाजिक कुरीतियों — विशेषकर अस्पृश्यता — के विरुद्ध सावरकर का संघर्ष समाज को एकजुट करने वाला था।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर सावरकर केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं, बल्कि ओजस्वी वक्ता, कवि और दार्शनिक भी थे। उनके अनुसार, सावरकर ने अनेक यातनाएँ सहते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सावरकर को स्वतंत्रता आंदोलन का अग्रिम सेनानी बताते हुए कहा कि कालापानी की कठोर सजा भी उनके संकल्प को कमज़ोर नहीं कर सकी।
मुख्यमंत्रियों ने किया स्मरण
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सावरकर को 'अखंड राष्ट्रनिष्ठा, अदम्य साहस और अप्रतिम त्याग का प्रतीक' बताया। उन्होंने कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष और तेजस्वी चिंतन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक बताते हुए कहा कि उनके नाम के स्मरण मात्र से राष्ट्रभक्ति और आत्मगौरव की भावना जागृत होती है। यादव ने कहा कि सावरकर ने असहनीय यातनाएँ झेलीं, लेकिन स्वतंत्रता की लौ को बुझने नहीं दिया।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन कठिन ज़रूर था, लेकिन असाधारण था। उन्होंने जोड़ा कि सावरकर ने औपनिवेशिक क्रूरता के सामने भी अपने विचारों से समझौता नहीं किया।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सावरकर का राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत जीवन और उनके विचार हमेशा देशसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंग्रेज़ों की कठोर यातनाओं के बावजूद वीर सावरकर का स्वतंत्र भारत का संकल्प कभी कमज़ोर नहीं पड़ा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन 'राष्ट्र प्रथम' के संकल्प और अखंड भारत की चेतना को समर्पित था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सावरकर को कवि, समाज सुधारक और महान देशभक्त बताते हुए जयंती पर नमन किया।
बिहार और उत्तर प्रदेश के नेताओं का संदेश
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सावरकर का त्याग, संघर्ष और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण देशवासियों को हमेशा राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उत्तर प्रदेश BJP के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सावरकर की लेखनी में क्रांति की ज्वाला थी और उनके विचारों में राष्ट्र और हिंदुत्व के स्वाभिमान की स्पष्ट चेतना दिखाई देती थी।
सावरकर का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
गौरतलब है कि विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक ज़िले में हुआ था। उन्हें ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सशस्त्र प्रतिरोध की वकालत करने के कारण अंडमान की सेल्युलर जेल में वर्षों तक कालापानी की सज़ा भुगतनी पड़ी। वे हिंदुत्व विचारधारा के प्रमुख प्रवर्तकों में गिने जाते हैं और उनकी विरासत आज भी राजनीतिक विमर्श में केंद्रीय स्थान रखती है। प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती पर BJP और उससे जुड़े संगठन देशभर में स्मरण कार्यक्रम आयोजित करते हैं।