विमेंस एशिया कप 2026: भारत ने रिकॉर्ड 8वीं बार जीता खिताब, श्रीलंका को 72 रनों से हराया
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 13 सितंबर 2026 को दुबई में खेले गए फाइनल में श्रीलंका को 72 रनों से परास्त कर रिकॉर्ड आठवीं बार विमेंस एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। भारत द्वारा दिए गए 184 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम मात्र 111 रन पर सिमट गई। यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ती है।
कप्तान हरमनप्रीत की प्रतिक्रिया
मैच के बाद भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टीम के प्रदर्शन पर संतोष जताया और खास तौर पर शेफाली वर्मा की जमकर तारीफ की। हरमनप्रीत ने कहा, 'हम जानते हैं कि वे (श्रीलंका) एक बेहतरीन टीम हैं। मगर हमने अपने स्टैंडर्ड के हिसाब से खेला। हमने अपने लिए ऊंचे स्टैंडर्ड तय किए हैं और हम उन्हें बनाए रखना चाहते थे।' उन्होंने आगे कहा, 'मैं टीम के प्रदर्शन से बेहद खुश हूं। ओपनर्स ने हमारे लिए बहुत अच्छा काम किया। शेफाली और स्मृति ने जिस तरह से बैटिंग की, वह शानदार था। यह देखकर बहुत अच्छा लगा कि शेफाली जैसी खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में बल्ले और गेंद से जिम्मेदारी ली।'
कोच अमोल मजूमदार का विश्लेषण
भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने भी टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा, 'सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ पर बहुत गर्व है। आज पिच बहुत शानदार थी और हमने अच्छा प्रदर्शन किया। हमारी बैटिंग बहुत मजबूत थी।' कोच ने दुबई की पिच की प्रकृति का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले दो हफ्तों में पिच धीमी रही है और काफी टर्न भी हुआ है, इसलिए बड़ा स्कोर बनाना और उसे डिफेंड करना बड़ी उपलब्धि रही।
मजूमदार ने रणनीति का खुलासा करते हुए कहा कि टीम के पास तीन अच्छे स्पिनर थे और यही उनकी मुख्य योजना थी। उन्होंने दिसंबर में श्रीलंका के खिलाफ हुई पाँच मैचों की सीरीज का हवाला देते हुए बताया कि किस प्रकार श्रीलंकाई बल्लेबाज चमारी अटापट्टू को आउट किया गया था। उन्होंने दीप्ति शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने उस योजना को बखूबी अंजाम दिया।
शेफाली और स्मृति की जोड़ी की भूमिका
कोच मजूमदार ने शेफाली वर्मा और स्मृति मंधाना की जोड़ी की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'शेफाली का अपना स्टाइल है, उनमें पावर है, वह विरोधी टीम को बैकफुट पर धकेल देती हैं। स्मृति में भी वह हुनर है, वे एक-दूसरे का बहुत अच्छा साथ देती हैं।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला क्रिकेट में युवा और अनुभव का यह संयोजन टीम की ताकत बनता जा रहा है।
युवा खिलाड़ियों की आवाज़
विकेटकीपर बल्लेबाज ऋचा घोष ने फैंस के उत्साह की सराहना की और कहा, 'माहौल बहुत शानदार रहा, जिस तरह से फैंस ने आकर हमारा हौसला बढ़ाया।' उन्होंने बताया कि शुरुआत में गेंद अच्छी तरह से आ रही थी, लेकिन बाद में पिच धीमी हो गई, और टीम की बल्लेबाजों ने परिस्थितियों के अनुसार खेला।
मात्र 18 वर्षीय खिलाड़ी जी कमलिनी ने खिताबी जीत पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने कहा, 'यह एक अलग ही एहसास है। मुझे अभी भी इस बात पर यकीन नहीं हो रहा है। मैं 18 साल की लड़की हूं। यहां कई सीनियर खिलाड़ी हैं। मैंने उनसे मानसिक तौर पर बहुत कुछ सीखा है।' कमलिनी ने सीनियर खिलाड़ियों की मानसिक दृढ़ता को अपनी सबसे बड़ी सीख बताया।
ऐतिहासिक जीत का महत्त्व
गौरतलब है कि यह भारत का विमेंस एशिया कप में रिकॉर्ड आठवाँ खिताब है, जो टूर्नामेंट में उनके दबदबे को दर्शाता है। इस जीत के साथ हरमनप्रीत की कप्तानी में भारत ने क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा में अपनी श्रेष्ठता एक बार फिर सिद्ध की है। आने वाले अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में यह आत्मविश्वास भारतीय महिला टीम के लिए बड़ी पूँजी साबित होगा।