ब्रिक्स समिट 2026: पहलगाम हमले की निंदा पर भाजपा का गर्व, मोदी के नेतृत्व में भारत का बढ़ा कद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 को लेकर देशभर में व्यापक प्रतिक्रियाएँ सामने आई हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि इस समिट ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को और मज़बूत किया है। इस सम्मेलन की एक अहम उपलब्धि यह रही कि चीन, रूस, ईरान सहित ब्रिक्स के सदस्य देशों ने पहली बार एकजुट होकर पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा की और आतंकवाद उन्मूलन का संकल्प लिया।
मुख्य घटनाक्रम
भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने समिट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का कद और लोकप्रियता बढ़ी है। यहाँ तक कि वे छोटे देश भी, जो भारत में निवेश नहीं करना चाहते थे और जिन्होंने हमारे बिजनेस समुदाय, किसानों या ह्यूमन रिसोर्स के लिए अपने देश के दरवाज़े नहीं खोले थे, आज भारत के साथ खड़े हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को बदलते भारत को नए नज़रिए से देखना चाहिए।
सिरसा से पब्लिक एंटरप्राइजेज ब्यूरो के चेयरमैन मोहन लाल बडोली ने कहा, 'यह 140 करोड़ भारतीयों के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में भारत द्वारा आयोजित इस समिट की अध्यक्षता कर रहे हैं। वे 140 करोड़ लोगों की ओर से यह जिम्मेदारी निभा रहे हैं।'
पहलगाम हमले की निंदा: ऐतिहासिक एकजुटता
भाजपा नेता रविंदर रैना ने पहलगाम आतंकी हमले की ब्रिक्स नेताओं द्वारा निंदा किए जाने को ऐतिहासिक करार दिया। उन्होंने कहा, 'पहली बार चीन, रूस, भारत और ईरान जैसे देश पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करने के लिए एक मंच पर आए हैं और उन्होंने संकल्प लिया है कि पूरी दुनिया से आतंकवाद को खत्म किया जाना चाहिए।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि ब्रिक्स के सदस्य देशों में भू-राजनीतिक मतभेदों के बावजूद आतंकवाद के मुद्दे पर इस तरह की एकराय कम देखने को मिलती है। इस दृष्टि से यह घोषणा-पत्र भारतीय कूटनीति की एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
ब्रिक्स घोषणा-पत्र पर व्यापक स्वागत
बरेली से ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने भी ब्रिक्स घोषणा-पत्र का स्वागत किया। उन्होंने कहा, 'नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी किया गया घोषणा-पत्र पूरी दुनिया के लिए बहुत अहम है। ब्रिक्स सदस्य देशों के सभी प्रमुखों ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और पहलगाम हमले से जुड़े घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर किए।'
बरेलवी ने बहुजन समाज पार्टी (BSP) के आंतरिक घटनाक्रम पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि BSP अध्यक्ष मायावती द्वारा अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी से हटाया जाना पार्टी का आंतरिक मामला है। हालाँकि उन्होंने आकाश आनंद को सलाह दी कि वे आज़ाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर के साथ मिलकर दलित समुदाय का नेतृत्व करें और समाज की एकता को मज़बूत करने की दिशा में काम करें।
विपक्ष पर निशाना
खटाना ने राहुल गांधी के बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपना पुराना नज़रिया बदलना चाहिए और बदलते भारत को नई दृष्टि से देखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि इसमें राहुल गांधी की कोई व्यक्तिगत गलती नहीं है, लेकिन उनकी पार्टी को उन्हें समय के अनुसार अपडेट करना चाहिए।
क्या होगा आगे
ब्रिक्स घोषणा-पत्र पर हस्ताक्षर के बाद अब यह देखना होगा कि आतंकवाद-विरोधी संकल्प को व्यावहारिक कूटनीतिक और आर्थिक कदमों में कैसे बदला जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि पहलगाम हमले पर बहुपक्षीय निंदा भारत के लिए एक मज़बूत राजनयिक पूंजी साबित हो सकती है, बशर्ते इसे द्विपक्षीय वार्ताओं में प्रभावी ढंग से भुनाया जाए।