क्या ब्रिक्स में पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाना भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है? : कविंदर गुप्ता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या ब्रिक्स में पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाना भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है? : कविंदर गुप्ता

सारांश

ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने पहलगाम आतंकी हमले को मानवता पर हमला बताया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने इसे भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है। जानें इस मुद्दे पर उनके विचार और आतंकवाद के खिलाफ भारत की नीति का महत्व।

मुख्य बातें

ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद पर चर्चा का महत्व।
भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन।
कविंदर गुप्ता की महत्वपूर्ण टिप्पणी।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की आवश्यकता।

जम्मू, 7 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का उल्लेख करते हुए इसे मानवता पर हमला बताया और इसकी कड़ी निंदा की है। इसके अलावा, सदस्य राष्ट्रों ने आतंकवाद के प्रति भारत की जीरो टॉलरेंस नीति का स्पष्ट समर्थन किया। इस पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा वैश्विक मंच पर उठाना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री कविंदर गुप्ता ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत के दौरान कहा, "आतंकवाद दुनिया भर में एक गंभीर खतरा बन गया है और इस मुद्दे को उठाना, खासकर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन और अंतरराष्ट्रीय मंच पर, भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारत लगातार इस चिंता को उजागर करता रहा है। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में इस बात पर चर्चा महत्वपूर्ण थी कि कैसे कुछ पड़ोसी देश आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं। आतंकवाद के खिलाफ एक मजबूत रुख होना चाहिए, जो एक वैश्विक अभिशाप बन गया है। भारत पूर्ण रूप से विश्व शांति चाहता है और यह संदेश देता है, लेकिन आतंकवाद को बढ़ावा देने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा ब्रिक्स में उठाया जाना भारत के लिए महत्‍वपूर्ण है। भारत ने सीधे तौर पर वैश्विक पटल पर यह संदेश दिया है कि आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा।"

वहीं, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी ने बयान में कहा है कि पाकिस्तान हाफिज सईद और मसूद अजहर को भारत को सौंप सकता है। इस पर कविंदर गुप्ता ने कहा, "असली समाधान उन लोगों को संबोधित करने में है जो पाकिस्तान में बैठकर आतंकवाद को बढ़ावा देते हैं, जिन्हें पाकिस्तान की सरकार भी समर्थन देती है। बिलावल भुट्टो न तो सरकार में हैं और न ही पूरी तरह विपक्ष में, इसलिए केवल वे ही सही मायने में जानते हैं। उनकी सरकार क्या चाहती है? उनकी सेना क्या चाहती है? उनकी आईएसआई क्या चाहती है? हर किसी का अपना एजेंडा होता है।

वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता शेख बशीर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ दिए बयान को लेकर कहा कि आतंकवाद का विरोध करने वाले अमेरिका से ही इस आतंकियों के समर्थन की शुरुआत होती है। अमेरिका सारे देश को नचा रहा है। इन सारी चीजों को दुनिया के अन्य देशों को समझने की जरूरत है। दुनिया को जंग में धकेलने की बड़ी साजिश हो रही है। देश आतंकवाद से जूझ रहा है, इसलिए भारत को आतंकवाद के खिलाफ एक लीड रोल अदा करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ एक सशक्त और निर्णायक भूमिका निभानी चाहिए। ब्रिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर ऐसे मुद्दों को उठाना न केवल भारत की सुरक्षा के लिए आवश्यक है, बल्कि वैश्विक शांति के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ब्रिक्स सम्मेलन में क्या चर्चा हुई?
ब्रिक्स सम्मेलन में आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति और पहलगाम आतंकी हमले का मुद्दा उठाया गया।
कविंदर गुप्ता ने क्या कहा?
कविंदर गुप्ता ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले को वैश्विक मंच पर उठाना भारत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 8 महीने पहले
  3. 8 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 9 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले