18वें ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम हमले की निंदा, BJP ने बताई PM मोदी की कूटनीतिक जीत
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले की सामूहिक निंदा और आतंकवाद के विरुद्ध 'जीरो-टॉलरेंस' नीति पर सभी सदस्य देशों की सहमति बनने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति और कूटनीति की बड़ी सफलता करार दिया है। पार्टी नेताओं ने देशभर से प्रतिक्रियाएँ दीं, जिनमें दिल्ली घोषणापत्र को ऐतिहासिक बताया गया।
बिहार मंत्री की प्रतिक्रिया
बिहार सरकार के मंत्री रामकृपाल यादव ने पटना में कहा, 'ब्रिक्स समिट कई मायनों में सफल रही है और इससे भारत का मान-सम्मान बढ़ा है। प्रधानमंत्री का मान-सम्मान भी बढ़ा है। भारत की कूटनीति की सराहना हो रही है और यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व का भी एक सफल उदाहरण है।' उन्होंने इस सम्मेलन को भारत के वैश्विक कद को और मज़बूत करने वाला बताया।
कांग्रेस पर BJP का निशाना
BJP के प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने रांची में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, 'यह कांग्रेस के फूफाओं के लिए वेकअप कॉल है जो कहते थे कि ब्रिक्स से कोई फायदा नहीं है, इससे आप निकल जाइये। साजिश कर रहे थे कांग्रेसी भारत को अंतरराष्ट्रीय फोरम्स पर अलग-थलग करने के लिए।' उन्होंने जोड़ा, 'प्रधानमंत्री जी की शानदार विदेश नीति और कूटनीति को देखिए कि ब्रिक्स के देश, जो विश्व की 50 प्रतिशत आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं, उन्होंने एक मंच पर आकर कहा कि पहलगाम का हमला बहुत कायरतापूर्वक था और हम किसी भी तरीके से टेररिज्म बर्दाश्त नहीं करेंगे।'
दिल्ली घोषणापत्र की अहमियत
हैदराबाद में BJP नेता बूरा नरसैया गौड ने 18वें ब्रिक्स सम्मेलन को भविष्य की वैश्विक व्यवस्था के लिए दिशा-निर्धारक बताया। उन्होंने कहा, 'आम तौर पर ऐसे शिखर सम्मेलनों में घोषणाओं पर सभी देशों की सहमति नहीं बन पाती, क्योंकि हर देश का अपना नज़रिया होता है। लेकिन इस दिल्ली घोषणापत्र में व्यापार, टैरिफ और आतंकवाद के मुद्दों पर सभी देशों की सहमति बनी है।' यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक मंचों पर बहुपक्षीय सहमति बनाना पहले से कहीं अधिक कठिन हो गया है।
स्थानीय मुद्रा व्यापार पर सहमति का महत्व
गौड ने आगे कहा कि व्यापार के लिए स्थानीय मुद्रा के इस्तेमाल पर बनी सहमति से डॉलर के दबदबे पर असरदार ढंग से रोक लगेगी। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि व्यापार, टैरिफ और आतंकवाद के मुद्दों पर हुआ यह ब्रिक्स समिट भविष्य की दुनिया के लिए रास्ता तैयार करेगा।' गौरतलब है कि ब्रिक्स देश वैश्विक GDP और जनसंख्या के बड़े हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसलिए स्थानीय मुद्रा में व्यापार पर उनकी संयुक्त सहमति का व्यापक आर्थिक प्रभाव पड़ सकता है।
आगे की राह
दिल्ली घोषणापत्र में शामिल आतंकवाद विरोधी प्रतिबद्धताएँ और व्यापार संबंधी रूपरेखाएँ अब सदस्य देशों के बीच क्रियान्वयन के अगले चरण में प्रवेश करेंगी। BJP नेताओं के अनुसार यह सम्मेलन न केवल कूटनीतिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक और सुरक्षा मोर्चे पर भी भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करता है। विपक्ष की ओर से इन दावों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी आनी बाकी है।