आंध्र प्रदेश में तीन सड़क हादसों में 7 की मौत, विजयनगरम-अनाकापल्ली-विशाखापत्तनम में त्रासदी
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय जिलों में 13 सितंबर 2026 को एक ही दिन हुई तीन अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, विजयनगरम, अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम जिलों में हुई इन घटनाओं में मारे गए लोगों में ऑटो-रिक्शा चालक, किसान, मछली व्यापारी और दो युवा मोटरसाइकिल सवार शामिल हैं।
विजयनगरम में ट्रक-ऑटो टक्कर, तीन की मौत
रविवार तड़के विजयनगरम जिले के दत्तिराजेरु मंडल के शिकारुगांती गांव के निकट एक तेज़ रफ़्तार ट्रक ने ऑटो-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे तीनों सवारों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मृतकों की पहचान ऑटो-रिक्शा चालक जी. तिरुपति, किसान टी. आदिनारायण और मछली व्यापारी जी. रामू के रूप में की है।
पुलिस के बयान के अनुसार, बदंगी मंडल के गजरायुनिवलासा गांव निवासी चालक तिरुपति और किसान आदिनारायण गजपतिनगरम से लौट रहे थे, जबकि मछली व्यापारी रामू पेद्दामनपुरम में वाहन में सवार हुए। शिकारुगंती चौराहे पर पहुँचते ही तेज़ रफ़्तार ट्रक ने तिपहिया वाहन को टक्कर मार दी। सूचना मिलने पर पहुँची पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए नज़दीकी सरकारी अस्पताल भेजा और मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी।
अनाकापल्ली और विशाखापत्तनम में दो-दो मौतें
अनाकापल्ली जिले के मकावरम में एक ट्रैक्टर पलटने से दो लोगों की जान चली गई। पुलिस के अनुसार वाहन खदान ड्रिलिंग कार्य के लिए जा रहा था। इसी दिन विशाखापत्तनम के बाहरी इलाके में कुरमनपालम बस डिपो के पास एक ट्रक ने मोटरसाइकिल को टक्कर मारी, जिससे बाइक पर सवार दो युवकों की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
आंध्र प्रदेश में सड़क हादसों की भयावह तस्वीर
यह घटनाएँ ऐसे समय में सामने आई हैं जब आंध्र प्रदेश पहले से ही देश के सर्वाधिक सड़क दुर्घटना-प्रभावित राज्यों में शुमार है। उपलब्ध आँकड़ों के अनुसार, राज्य में प्रतिदिन औसतन 22 लोग सड़क हादसों में अपनी जान गँवा रहे हैं। इस वर्ष जनवरी से जून के बीच 9,194 दुर्घटनाएँ दर्ज की गईं, जिनमें 4,058 लोगों की मौत हुई। बीते साल यह औसत प्रतिदिन 23 मौतें था, जो इस साल मामूली रूप से घटकर 22 पर आया है।
गौरतलब है कि राज्य में हुई 9,194 दुर्घटनाओं में से 3,980 में दोपहिया वाहन शामिल थे। कुल मृतकों में से 1,835 (45.21 प्रतिशत) दोपहिया वाहन सवार थे, जबकि 669 मौतें पैदल चलने वालों की रहीं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और कारण
पुलिस का कहना है कि यातायात नियमों का उल्लंघन, सुरक्षा मानदंडों की अनदेखी और लापरवाही भरी ड्राइविंग इन हादसों के प्रमुख कारण हैं। तीनों मामलों में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।
आगे क्या
विशेषज्ञों का मानना है कि तटीय आंध्र प्रदेश के ग्रामीण मार्गों पर भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही और राजमार्गों पर पर्याप्त सुरक्षा उपायों की कमी हादसों को बढ़ावा दे रही है। जब तक राज्य सरकार सड़क सुरक्षा प्रवर्तन को सुदृढ़ नहीं करती, मौतों का यह सिलसिला थमने की उम्मीद कम है।