आंध्र प्रदेश में दो सड़क हादसे: बोलेरो पलटने से 3 मजदूरों की मौत, लॉरी-ऑटो टक्कर में 3 और की जान गई
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के पूर्वी गोदावरी जिले में 23 जून 2026 की मध्यरात्रि एक भीषण सड़क दुर्घटना में तीन प्रवासी मजदूरों की मौत हो गई और 9 अन्य घायल हो गए, जब उनकी बोलेरो गाड़ी ड्राइवर की लापरवाही के कारण पलट गई। इसी दिन प्रकाशम जिले में एक अलग हादसे में लॉरी और ऑटो-रिक्शा की भिड़ंत से 3 और लोगों की जान चली गई।
मुख्य घटनाक्रम: पूर्वी गोदावरी बोलेरो हादसा
समरलाकोटा के गुम्मादिवेदी गांव के प्रवासी मजदूर 16 जून को गुंटूर के पास कोल्लुरु में कंक्रीट फेंसिंग का काम करने गए थे। कुल 9 मजदूरों को इस काम के लिए रखा गया था। सोमवार-मंगलवार की मध्यरात्रि करीब 2:00 बजे जब ये मजदूर गुंटूर से घर लौट रहे थे, तब ड्राइवर की लापरवाही के चलते उनकी बोलेरो गाड़ी पलट गई। गाड़ी में निर्माण सामग्री भी लदी थी, जिसने हादसे को और गंभीर बना दिया।
हादसे में मसाकापल्ली बालू, मुरामाला राजकुमार और ताथापुडी राजेश — तीनों गुम्मादिवेदी गांव के निवासी — की मौके पर ही मौत हो गई। घायलों को तत्काल पेड्डापुरम अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनका उपचार जारी है। तीनों मृतकों के शव अनापर्थी सरकारी अस्पताल भेजे गए। हादसे में बोलेरो का चालक भी घायल हुआ और उसे पेड्डापुरम के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रकाशम जिले में लॉरी-ऑटो टक्कर
सोमवार सुबह प्रकाशम जिले के संतामगुलुरु मंडल के वेल्लालचेरुवु के पास एक और दर्दनाक हादसा हुआ। पुलिस के अनुसार, पालनाडु जिले के सावल्यापुरम मंडल के वेलपुरु गांव के 10 लोग एक रिश्तेदार के दशकर्म (दसवें दिन के अंतिम संस्कार) में शामिल होने के लिए नादेंडला मंडल के संक्रांतिपाडु जा रहे थे। इसी दौरान राजमार्ग पर एक ग्रेनाइट कारखाने के ट्रक ने उनकी ऑटो-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी।
सांतामागुलुरु के उप-निरीक्षक एम. पट्टाभिरामय्या ने बताया, "दावुलुरी येदुकोंडालु (60) और एम. रामनम्मा (55) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि यालावर्ती सुब्बायम्मा (56) ने नरसरावपेट के एक अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।" घायलों में गुट्टा सुब्बायम्मा, एम. वेंकटरामय्या, एम. सुब्बायम्मा, बोयापति लक्ष्मीदेवी, बी. अनुराधा और ऑटो-रिक्शा चालक मीरावली शामिल हैं, जिन्हें नरसरावपेट के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और जाँच
दोनों हादसों के मौके पर पहुँची पुलिस ने मामले दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। पूर्वी गोदावरी मामले में ड्राइवर की लापरवाही को प्राथमिक कारण माना जा रहा है, जबकि प्रकाशम जिले के मामले में ग्रेनाइट ट्रक चालक की भूमिका की जाँच की जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में रात्रिकालीन सड़क दुर्घटनाओं की संख्या को लेकर पहले से चिंता जताई जाती रही है।
आम जनता और प्रवासी मजदूरों पर असर
गौरतलब है कि मृतक और घायल सभी निम्न-आय वर्ग के प्रवासी मजदूर या ग्रामीण परिवारों के सदस्य हैं, जो दैनिक मजदूरी पर निर्भर हैं। ओवरलोडेड वाहनों में लंबी दूरी की यात्रा और रात्रिकालीन ड्राइविंग इन हादसों के पीछे आवर्ती कारण बनते जा रहे हैं। दोनों घटनाओं में कुल 6 लोगों की जान गई और 15 से अधिक घायल हुए।
क्या होगा आगे
पुलिस दोनों मामलों में आरोपी चालकों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगी। घायलों की स्थिति पर अस्पताल प्रशासन नज़र रखे हुए है। स्थानीय प्रशासन से मुआवज़े और पुनर्वास की माँग भी उठने की संभावना है।