25 सितंबर 2026
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चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल नितिन की घर पर गोली मारकर हत्या, बेटा अरमान सिंह हिरासत में

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चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल नितिन की घर पर गोली मारकर हत्या, बेटा अरमान सिंह हिरासत में

सारांश

चंडीगढ़ के सेक्टर 22 में पुलिसकर्मी की उनके ही घर में हत्या और बेटे की हिरासत — यह मामला अकेला नहीं है। एक पखवाड़े में पंजाब-चंडीगढ़ क्षेत्र में यह तीसरी ऐसी घटना है जब वर्दीधारी पुलिसकर्मी निशाने पर आए, जो गंभीर सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

हेड कॉन्स्टेबल नितिन की 25 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ के सेक्टर 22 स्थित सरकारी आवास पर गोली मारकर हत्या।
पुलिस ने मृतक के बेटे अरमान सिंह को हिरासत में लिया; उसने शुरू में बाहरी लोगों पर आरोप लगाया था।
घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद; फॉरेंसिक टीम ने सबूत एकत्र किए।
अरमान सिंह का नाम एक पुराने वाहन दुर्घटना मामले से भी जुड़ा, फिलहाल जमानत पर।
एसएसपी कंवरदीप कौर और एसएचओ सुदेश कुमार ने कहा, जाँच शुरुआती चरण में है।
इससे पहले 18 सितंबर को अमृतसर में एएसआई हरजीत सिंह की भी ड्यूटी के दौरान हत्या हुई थी।

चंडीगढ़ पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल नितिन की शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 की सुबह सेक्टर 22 स्थित उनके सरकारी आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में उनके बेटे अरमान सिंह को हिरासत में लिया है। सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन की एक टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँची और जाँच शुरू की।

घटनाक्रम का ब्यौरा

अधिकारियों के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल नितिन चंडीगढ़ पुलिस की अकाउंट्स ब्रांच में तैनात थे। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा घर पर मौजूद थे। पुलिस टीम के पहुँचने पर घायल नितिन को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद की गई। सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी मौके पर बुलाई गई।

बेटे का संदिग्ध बयान और हिरासत

पुलिस के अनुसार, जब जाँच दल पहुँचा तो अरमान सिंह ने शुरू में दावा किया कि कुछ बाहरी लोगों ने उसके पिता की हत्या की है। अधिकारियों को उसके बयान पर संदेह हुआ और कड़ी पूछताछ शुरू की गई, जिसके बाद उसे विस्तृत जाँच के लिए हिरासत में ले लिया गया।

रिपोर्टों के अनुसार, अरमान सिंह का नाम एक पुराने वाहन दुर्घटना के मामले से भी जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर एक एसयूवी से लोगों को टक्कर मारी गई थी। वह फिलहाल उस मामले में जमानत पर है। पुलिस जाँच कर रही है कि क्या उस पुराने मामले और शुक्रवार की हत्या के बीच कोई संबंध है, हालाँकि अब तक आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।

वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया

एसएसपी कंवरदीप कौर ने मीडिया को बताया कि अपराध के समय पीड़ित की पत्नी और बेटा घर पर मौजूद थे और जाँच जारी है। स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सुदेश कुमार ने कहा कि हत्या के पीछे की परिस्थितियों या मकसद पर इस समय कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।

पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमलों का संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। गौरतलब है कि मात्र एक सप्ताह पहले, 18 सितंबर को अमृतसर में ड्यूटी के दौरान पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। इससे भी पहले, 11 सितंबर को अमृतसर के अजनाला में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह मोटरसाइकिल सवार हमलावरों के हमले में बाल-बाल बच गए थे, जब गोली उनकी पगड़ी को छूकर निकल गई।

यह तीन घटनाएँ सितंबर माह में महज दो हफ्तों के भीतर हुई हैं, जो पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं।

आगे क्या होगा

पुलिस ने कहा है कि जाँच अभी शुरुआती चरण में है और सभी संभावनाएँ खुली हैं। अरमान सिंह से पूछताछ जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि पुलिस बल के भीतर सामाजिक और मनोवैज्ञानिक तनाव कितना गहरा है। बेटे द्वारा शुरुआत में दिग्भ्रमित करने की कोशिश और पुराने आपराधिक मामले का संदर्भ इस घटना को जटिल बनाता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इसे एक अलग-थलग 'फैमिली ड्रामा' बना देती है, जबकि असली मुद्दा यह है कि क्या पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और मनोबल पर कोई ठोस नीतिगत समीक्षा होगी।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल नितिन की हत्या कैसे हुई?
हेड कॉन्स्टेबल नितिन की 25 सितंबर 2026 की सुबह चंडीगढ़ के सेक्टर 22 स्थित उनके सरकारी आवास पर गोली मारकर हत्या की गई। घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद हुई और फॉरेंसिक टीम ने सबूत एकत्र किए।
अरमान सिंह को हिरासत में क्यों लिया गया?
पुलिस के अनुसार, मृतक के बेटे अरमान सिंह ने शुरू में जाँचकर्ताओं को गुमराह करने की कोशिश की और बाहरी लोगों पर आरोप लगाया। संदेहास्पद बयानों के कारण पुलिस ने उसे विस्तृत पूछताछ के लिए हिरासत में लिया।
क्या अरमान सिंह का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है?
रिपोर्टों के अनुसार अरमान सिंह का नाम एक पुराने वाहन दुर्घटना मामले से जुड़ा है, जिसमें एसयूवी से लोगों को टक्कर मारी गई थी। वह उस मामले में फिलहाल जमानत पर है, हालाँकि पुलिस ने अभी तक दोनों मामलों के बीच आधिकारिक संबंध स्थापित नहीं किया है।
जाँच की मौजूदा स्थिति क्या है?
एसएसपी कंवरदीप कौर और एसएचओ सुदेश कुमार के अनुसार जाँच अभी शुरुआती चरण में है। फॉरेंसिक साक्ष्य इकट्ठे किए गए हैं, शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और अरमान सिंह से पूछताछ जारी है।
क्या हाल के दिनों में पंजाब-चंडीगढ़ में पुलिसकर्मियों पर हमले की ऐसी और घटनाएँ हुई हैं?
हाँ, 18 सितंबर 2026 को अमृतसर में पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हरजीत सिंह की ड्यूटी के दौरान गोली मारकर हत्या की गई थी। इससे पहले 11 सितंबर को अजनाला में एएसआई जसवंत सिंह पर मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें वे बाल-बाल बचे।
राष्ट्र प्रेस
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