चंडीगढ़ में हेड कॉन्स्टेबल नितिन की घर पर गोली मारकर हत्या, बेटा अरमान सिंह हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल नितिन की शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 की सुबह सेक्टर 22 स्थित उनके सरकारी आवास पर गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में उनके बेटे अरमान सिंह को हिरासत में लिया है। सेक्टर 17 पुलिस स्टेशन की एक टीम सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुँची और जाँच शुरू की।
घटनाक्रम का ब्यौरा
अधिकारियों के अनुसार, हेड कॉन्स्टेबल नितिन चंडीगढ़ पुलिस की अकाउंट्स ब्रांच में तैनात थे। घटना के समय उनकी पत्नी और बेटा घर पर मौजूद थे। पुलिस टीम के पहुँचने पर घायल नितिन को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
घटनास्थल से एक देसी पिस्तौल बरामद की गई। सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम भी मौके पर बुलाई गई।
बेटे का संदिग्ध बयान और हिरासत
पुलिस के अनुसार, जब जाँच दल पहुँचा तो अरमान सिंह ने शुरू में दावा किया कि कुछ बाहरी लोगों ने उसके पिता की हत्या की है। अधिकारियों को उसके बयान पर संदेह हुआ और कड़ी पूछताछ शुरू की गई, जिसके बाद उसे विस्तृत जाँच के लिए हिरासत में ले लिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, अरमान सिंह का नाम एक पुराने वाहन दुर्घटना के मामले से भी जुड़ा है, जिसमें कथित तौर पर एक एसयूवी से लोगों को टक्कर मारी गई थी। वह फिलहाल उस मामले में जमानत पर है। पुलिस जाँच कर रही है कि क्या उस पुराने मामले और शुक्रवार की हत्या के बीच कोई संबंध है, हालाँकि अब तक आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई संबंध स्थापित नहीं हुआ है।
वरिष्ठ अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एसएसपी कंवरदीप कौर ने मीडिया को बताया कि अपराध के समय पीड़ित की पत्नी और बेटा घर पर मौजूद थे और जाँच जारी है। स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) सुदेश कुमार ने कहा कि हत्या के पीछे की परिस्थितियों या मकसद पर इस समय कोई टिप्पणी करना जल्दबाजी होगी।
पंजाब-हरियाणा क्षेत्र में पुलिसकर्मियों पर हमलों का संदर्भ
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसकर्मियों पर हमलों की घटनाएँ चिंताजनक रूप से बढ़ी हैं। गौरतलब है कि मात्र एक सप्ताह पहले, 18 सितंबर को अमृतसर में ड्यूटी के दौरान पंजाब पुलिस के असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। इससे भी पहले, 11 सितंबर को अमृतसर के अजनाला में तैनात असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर जसवंत सिंह मोटरसाइकिल सवार हमलावरों के हमले में बाल-बाल बच गए थे, जब गोली उनकी पगड़ी को छूकर निकल गई।
यह तीन घटनाएँ सितंबर माह में महज दो हफ्तों के भीतर हुई हैं, जो पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाती हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने कहा है कि जाँच अभी शुरुआती चरण में है और सभी संभावनाएँ खुली हैं। अरमान सिंह से पूछताछ जारी है और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।