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अनंतनाग आतंकी हमले में हेड कांस्टेबल शहीद, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कड़ी निंदा की

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अनंतनाग आतंकी हमले में हेड कांस्टेबल शहीद, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कड़ी निंदा की

सारांश

अनंतनाग के लाल चौक में बाइक सवार आतंकवादियों ने गश्त पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को गोली मारकर शहीद कर दिया। उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को सजा का संकल्प जताया। पूरे कस्बे को सील कर तलाशी अभियान जारी है।

मुख्य बातें

अनंतनाग कस्बे में 22 जुलाई को बाइक सवार आतंकवादियों ने गश्त पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को गोली मारकर शहीद किया।
शहीद जवान आईआरपी की तीसरी बटालियन से थे और बडगाम जिले के बीरवाह कस्बे के निवासी थे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर हमले की कड़ी निंदा की और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प जताया।
डीजीपी नलिन प्रभात , विशेष डीजीपी जावेद मुजतबा गिलानी और आईजीपी वीके बर्डी स्वयं अनंतनाग पहुँचकर तलाशी अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं।
कस्बे के सभी प्रवेश-निकास बिंदु सील; अनंतनाग पुलिस ने अनधिकृत सामग्री साझा करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।

जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग कस्बे में 22 जुलाई को बाइक सवार आतंकवादियों ने गश्त पर तैनात हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को गोली मारकर शहीद कर दिया। आईआरपी की तीसरी बटालियन के इस जवान का संबंध बडगाम जिले के बीरवाह कस्बे से था। हमले के तुरंत बाद उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने का संकल्प जताया।

हमले का घटनाक्रम

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बाइक पर सवार आतंकवादियों ने अनंतनाग लाल चौक क्षेत्र में गश्त के दौरान हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को निशाना बनाया और गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। यह हमला दक्षिण कश्मीर में सुरक्षाबलों को लक्षित करने की हालिया प्रवृत्ति की कड़ी में एक और घटना है।

उपराज्यपाल की प्रतिक्रिया

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'मैं इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करता हूँ। इस जघन्य कृत्य को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा।' उन्होंने बताया कि हमले के बाद की स्थिति की समीक्षा के लिए उन्होंने डीजीपी नलिन प्रभात से सीधे बात की।

सिन्हा ने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, 'पूरा देश शहीद के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।' उन्होंने आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षाबल हमलावरों को पकड़ने के लिए पूरी तत्परता से अभियान चला रहे हैं।

तलाशी अभियान और सुरक्षा व्यवस्था

डीजीपी नलिन प्रभात, विशेष डीजीपी जावेद मुजतबा गिलानी और आईजीपी कश्मीर वीके बर्डी स्वयं अनंतनाग पहुँचे और चल रहे तलाशी अभियान का निरीक्षण किया। सुरक्षाबलों ने कस्बे में व्यापक घेराबंदी स्थापित कर सभी प्रवेश और निकास बिंदुओं को सील कर दिया है।

सोशल मीडिया पर अनधिकृत सामग्री के खिलाफ चेतावनी

अनंतनाग पुलिस ने एक सख्त सार्वजनिक सूचना जारी कर नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को इस घटना से जुड़ी अनधिकृत तस्वीरें, संपादित वीडियो और अपुष्ट सामग्री साझा न करने की चेतावनी दी है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसी सामग्री के प्रसार से चल रही जाँच में बाधा आ सकती है, जनता में दहशत फैल सकती है और गलत सूचनाएँ प्रचारित हो सकती हैं।

पुलिस ने यह भी कहा कि सार्वजनिक सूचना जारी होने के बाद भी अनधिकृत सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे केवल पुलिस और अधिकृत सरकारी एजेंसियों के आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।

आगे क्या होगा

हमलावरों की तलाश में अनंतनाग कस्बे में घेराबंदी और तलाशी अभियान जारी है। उपराज्यपाल के स्तर पर स्थिति की निगरानी हो रही है और सुरक्षाबल दोषियों को शीघ्र पकड़ने के प्रति प्रतिबद्ध हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब दक्षिण कश्मीर में सुरक्षा स्थिति पर पहले से ही कड़ी नजर रखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि शहरी क्षेत्रों में गश्त की सुरक्षा व्यवस्था को और कितना मजबूत किया जाएगा। सोशल मीडिया पर अनधिकृत सामग्री के खिलाफ पुलिस की चेतावनी जाँच की संवेदनशीलता को रेखांकित करती है, पर यह नागरिक सूचना के अधिकार और जाँच की गोपनीयता के बीच की महीन रेखा को भी उजागर करती है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनंतनाग आतंकी हमले में कौन शहीद हुए?
आईआरपी की तीसरी बटालियन के हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी 22 जुलाई को अनंतनाग कस्बे में गश्त के दौरान बाइक सवार आतंकवादियों की गोलीबारी में शहीद हो गए। वे बडगाम जिले के बीरवाह कस्बे के निवासी थे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले पर क्या कहा?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स पर पोस्ट कर इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा की और कहा कि इस जघन्य कृत्य को बिना सजा के नहीं छोड़ा जाएगा। उन्होंने शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है।
हमले के बाद अनंतनाग में क्या कार्रवाई हो रही है?
सुरक्षाबलों ने अनंतनाग कस्बे में व्यापक घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया है तथा सभी प्रवेश-निकास बिंदुओं को सील कर दिया है। डीजीपी नलिन प्रभात, विशेष डीजीपी जावेद मुजतबा गिलानी और आईजीपी कश्मीर वीके बर्डी स्वयं मौके पर पहुँचकर अभियान का निरीक्षण कर रहे हैं।
अनंतनाग पुलिस ने सोशल मीडिया पर क्या चेतावनी जारी की है?
अनंतनाग पुलिस ने नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं को इस घटना से जुड़ी अनधिकृत तस्वीरें, संपादित वीडियो और अपुष्ट सामग्री साझा न करने की सख्त चेतावनी दी है। उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हमला किस तरह अंजाम दिया गया?
पुलिस सूत्रों के अनुसार बाइक पर सवार आतंकवादियों ने अनंतनाग लाल चौक क्षेत्र में गश्त के दौरान हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को गोली मारी। हमलावर फरार हो गए और उन्हें पकड़ने के लिए तलाशी अभियान जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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