उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान: अनंतनाग में घर गिराना हालात नहीं सुधारेगा, लोगों को साथ लेना ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार, 24 जुलाई को श्रीनगर में पत्रकारों से बात करते हुए स्पष्ट किया कि अनंतनाग में लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के दो सक्रिय आतंकवादियों के घर ढहाए जाने की कार्रवाई से ज़मीनी हालात नहीं सुधरेंगे। उन्होंने कहा कि हिंसा के दौर को समाप्त करने का एकमात्र रास्ता आम जनता को विश्वास में लेकर चलना है।
मुख्य घटनाक्रम
बुधवार को अनंतनाग शहर में यात्रा ड्यूटी के दौरान आतंकवादियों ने हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की हत्या कर दी। इस घटना के बाद बुधवार और गुरुवार की दरमियानी रात को एलईटी आतंकवादियों आदिल ठोकर और हारून रशीद गनाई के घरों को ढहा दिया गया। यह कार्रवाई सुरक्षा बलों द्वारा बदले की भावना से की गई बताई जा रही है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
उमर अब्दुल्ला ने कहा, 'मैं पुलिस के गुस्से को समझता हूँ, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि घर गिराने या हज़ारों गिरफ्तारियाँ करने से स्थिति और बिगड़ सकती है, सुधर नहीं सकती।
पहलगाम हमले से तुलना
मुख्यमंत्री ने अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले का संदर्भ देते हुए कहा कि उस समय भी कुछ लोगों के घर बुलडोजर से गिराए गए थे और उन्हें इस चलन को रोकने के लिए केंद्र सरकार से बात करनी पड़ी थी। उन्होंने यह भी बताया कि पहलगाम हमले की जाँच में पता चला कि उसमें कोई भी स्थानीय व्यक्ति शामिल नहीं था — सभी हमलावर बाहर से आए थे।
आम जनता पर असर
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद आम जनता ने स्वतः आतंकी हमले के खिलाफ आवाज़ उठाई थी। उन्होंने कहा कि आज भी लोग हेड कॉन्स्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी की बेरहम हत्या से आहत और क्रोधित हैं। यह जन-भावना सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है जिसे संरक्षित रखना ज़रूरी है।
क्या होगा आगे
अपने पिछले कार्यकाल के अनुभव का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों की भागीदारी के बिना घाटी में शांति स्थापित करना संभव नहीं है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अनंतनाग और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बल आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज़ कर रहे हैं। आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार के बीच इस मुद्दे पर समन्वय की दिशा महत्वपूर्ण होगी।