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कुलगाम आतंकी हमला: CM उमर अब्दुल्ला ने मृत मजदूरों के परिवारों को ₹10-10 लाख मुआवजे का ऐलान किया

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कुलगाम आतंकी हमला: CM उमर अब्दुल्ला ने मृत मजदूरों के परिवारों को ₹10-10 लाख मुआवजे का ऐलान किया

सारांश

कुलगाम के केल्लम गांव में ईंट भट्ठे पर काम कर रहे छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की आतंकी गोलीबारी में मौत के बाद CM उमर अब्दुल्ला ने ₹10-10 लाख मुआवजे का ऐलान किया। जिला प्रशासन की ₹6-6 लाख सहायता मिलाकर प्रत्येक परिवार को कुल ₹16 लाख मिलेंगे। सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है।

मुख्य बातें

कुलगाम जिले के केल्लम गांव में 1 अगस्त को आतंकवादियों ने ईंट भट्ठे के दो प्रवासी मजदूरों पर गोलियाँ चलाईं।
दीपक रात्रे (24) की अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज में और बोपिंदर (28) की SKIMS श्रीनगर में मृत्यु हुई; दोनों छत्तीसगढ़ के थे।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक परिवार को ₹10 लाख मुआवजे का ऐलान किया।
जिला प्रशासन की ₹6 लाख तत्काल सहायता अलग से दी जाएगी, जिससे प्रत्येक परिवार को कुल ₹16 लाख मिलेंगे।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने डीजीपी नलिन प्रभात को सुरक्षा अभियान तेज़ करने के निर्देश दिए; इलाके की घेराबंदी जारी है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कुलगाम जिले के केल्लम गांव में 1 अगस्त को हुए आतंकवादी हमले में मारे गए दोनों प्रवासी मजदूरों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹10-10 लाख मुआवजा देने की घोषणा की है। यह राशि जिला प्रशासन द्वारा दी जाने वाली ₹6-6 लाख की तत्काल सहायता के अतिरिक्त होगी।

हमले का घटनाक्रम

शुक्रवार शाम आतंकवादियों ने केल्लम गांव स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे दो प्रवासी मजदूरों पर करीब से गोलियाँ चलाईं, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहाँ दीपक रात्रे (24) ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दूसरे घायल बोपिंदर (28) को गंभीर अवस्था में श्रीनगर के सौरा स्थित शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SKIMS) रेफर किया गया, जहाँ शनिवार सुबह उनकी भी मृत्यु हो गई। दोनों मजदूर छत्तीसगढ़ के बताए जाते हैं।

मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस की प्रतिक्रिया

जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस हमले को 'पूरी तरह अमानवीय कृत्य' बताते हुए कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा, 'कमज़ोर लोगों को निशाना बनाना पूरी तरह से अमानवीय कृत्य है जिसकी कड़ी से कड़ी निंदा की जानी चाहिए।' मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मुश्किल घड़ी में उनके साथ मज़बूती से खड़ी है।

उपराज्यपाल का बयान और सुरक्षा निर्देश

उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि उन्होंने पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों से बात की है। उन्होंने सुरक्षा बलों को अभियान तेज़ करने और आतंकवादियों को समाप्त करने का निर्देश दिया। उनके अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर अभियान शुरू कर दिया है।

आम जनता और प्रवासी मजदूरों पर असर

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कश्मीर घाटी में बाहरी राज्यों से आए प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में घाटी में प्रवासी श्रमिकों को निशाना बनाने की घटनाएँ बढ़ी हैं। कुल मुआवजा — सरकारी सहायता और मुख्यमंत्री राहत कोष मिलाकर — प्रत्येक परिवार को ₹16 लाख तक पहुँचता है।

आगे की कार्रवाई

सुरक्षा बलों का तलाशी अभियान जारी है और अधिकारियों ने आतंकवादियों को जल्द से जल्द पकड़ने का संकल्प दोहराया है। दोनों मृतकों के परिजनों को मुआवजा राशि जिला प्रशासन के माध्यम से शीघ्र हस्तांतरित किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो न केवल मानवीय त्रासदी हैं बल्कि क्षेत्र की आर्थिक बहाली के लिए भी बड़ा खतरा हैं। मुआवजे की घोषणा संवेदनशील है, लेकिन असली सवाल यह है कि प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक नीतिगत ढाँचा कहाँ है। ₹16 लाख की कुल सहायता राशि आर्थिक राहत देती है, पर जवाबदेही और रोकथाम के बिना ऐसी घोषणाएँ केवल प्रतिक्रियात्मक बनकर रह जाती हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुलगाम आतंकी हमले में कौन मारे गए?
छत्तीसगढ़ के दो प्रवासी मजदूर — दीपक रात्रे (24) और बोपिंदर (28) — कुलगाम के केल्लम गांव में ईंट भट्ठे पर काम के दौरान आतंकवादियों की गोलीबारी में घायल हुए और बाद में अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।
CM उमर अब्दुल्ला ने पीड़ित परिवारों के लिए क्या घोषणा की?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹10 लाख मुआवजा देने की घोषणा की। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से ₹6 लाख की तत्काल सहायता अलग से दी जाएगी।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस हमले पर क्या कहा?
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने हमले को 'कायरतापूर्ण' बताया और डीजीपी नलिन प्रभात को सुरक्षा अभियान तेज़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दोषियों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया है।
कुलगाम हमले में मारे गए मजदूर कहाँ के थे?
दोनों मृतक मजदूर छत्तीसगढ़ राज्य के बताए जाते हैं। वे कुलगाम जिले के केल्लम गांव में एक ईंट भट्ठे पर काम कर रहे थे।
कुलगाम हमले के बाद सुरक्षा की क्या स्थिति है?
हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस और सुरक्षा बलों ने केल्लम गांव और आसपास के इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू किया। अधिकारियों के अनुसार, आतंकवादियों को पकड़ने के लिए अभियान जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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