जम्मू-कश्मीर: राजौरी-पुंछ बाढ़ पीड़ितों के परिजनों को ₹6 लाख अनुग्रह राशि, CM उमर अब्दुल्ला का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार, 20 जुलाई को राजौरी और पुंछ जिलों में अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और अन्य बारिश-जनित घटनाओं में जान गँवाने वाले लोगों के परिजनों को ₹6 लाख की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। यह राशि राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से ₹4 लाख और मुख्यमंत्री राहत कोष (CMRF) से ₹2 लाख को मिलाकर बनती है। इसी बीच, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश के कई जिलों में आपदा की स्थिति की उच्च-स्तरीय समीक्षा की।
उच्च-स्तरीय बैठक में लिया गया फैसला
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद यह घोषणा की गई। बैठक में राजौरी और पुंछ में हुई जानमाल की हानि और व्यापक संपत्ति नुकसान का आकलन किया गया। मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि कोई भी वित्तीय सहायता इस अपूरणीय क्षति की भरपाई नहीं कर सकती, लेकिन सरकार इस कठिन घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रभावित परिवारों तक राहत और पुनर्वास सहायता बिना किसी देरी के पहुँचाई जाए। आवश्यक सेवाओं की बहाली के लिए विभागों के बीच समन्वित प्रयासों पर विशेष जोर दिया गया।
उपराज्यपाल की समीक्षा और राहत कार्य
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों से बात कर भारी बारिश, अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के प्रभाव का आकलन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि डोडा में दो लोगों की मौत से वे अत्यंत दुखी हैं और शोकाकुल परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएँ हैं।
उपराज्यपाल ने बताया कि NDRF, SDRF, जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की आपातकालीन टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात हैं और हाई अलर्ट पर हैं। पुंछ, राजौरी, रियासी और उधमपुर की प्रमुख सड़कें फिर से खोल दी गई हैं, जबकि कई क्षेत्रों में जल आपूर्ति बहाल करने का काम जारी है।
आम जनता पर असर
इन घटनाओं में कई लोगों की मौत हुई और सार्वजनिक व निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुँचा। राजौरी और पुंछ के दूरदराज़ इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन ने सड़क संपर्क तोड़ दिया था, जिससे राहत पहुँचाने में शुरुआती बाधाएँ आईं। गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में मानसून के दौरान ये जिले हर साल बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में आते हैं, और इस बार की आपदा विशेष रूप से विनाशकारी रही।
क्या होगा आगे
सरकार ने प्रभावित परिवारों को अनुग्रह राशि शीघ्र वितरित करने का आश्वासन दिया है। बुनियादी ढाँचे की बहाली और आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह चालू करने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के अनुसार, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।