29 जुलाई 2026
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असम बाढ़ मुआवजा: मृतक परिजनों को ₹5 लाख अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को ₹15,000 की तत्काल राहत

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असम बाढ़ मुआवजा: मृतक परिजनों को ₹5 लाख अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को ₹15,000 की तत्काल राहत

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस सीजन की सबसे भीषण बाढ़ के बीच बड़ा राहत पैकेज घोषित किया — मृतक परिजनों को कुल ₹9 लाख (₹4 लाख नियमित + ₹5 लाख अतिरिक्त) और हर प्रभावित परिवार को ₹15,000 की तत्काल सहायता, जिसमें आशा कार्यकर्ता और मिड-डे मील वर्कर भी शामिल।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 29 जुलाई को बाढ़ राहत पैकेज की घोषणा की।
बाढ़ में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को ₹5 लाख अतिरिक्त मुआवजा; पूर्व की ₹4 लाख अनुग्रह राशि मिलाकर कुल ₹9 लाख ।
सर्वाधिक प्रभावित जिलों में हर बाढ़-पीड़ित परिवार को ₹15,000 की तत्काल अंतरिम सहायता।
राहत के दायरे में सरकारी कर्मचारी , आशा कार्यकर्ता , मिड-डे मील वर्कर सहित वे वर्ग भी शामिल जो अक्सर योजनाओं से बाहर रहते हैं।
असम में इस मौसम की सबसे भीषण बाढ़ से कई जिलों में हजारों परिवार प्रभावित; घर, कृषि भूमि और बुनियादी ढाँचा क्षतिग्रस्त।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 29 जुलाई को गुवाहाटी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रभावित परिवारों के लिए व्यापक आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की। इसके तहत बाढ़ में जान गँवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख का अतिरिक्त मुआवजा और सर्वाधिक प्रभावित जिलों में हर बाढ़-पीड़ित परिवार को ₹15,000 की फौरी अंतरिम सहायता दी जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब असम इस मौसम की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है।

राहत पैकेज में क्या शामिल है

मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि ₹5 लाख की यह अतिरिक्त सहायता, पहले से निर्धारित नियमों के अंतर्गत दी जाने वाली ₹4 लाख की अनुग्रह राशि के अलावा होगी। इस प्रकार बाढ़ में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को कुल ₹9 लाख का मुआवजा प्राप्त होगा। उन्होंने मीडिया से कहा, 'अपनों को खोने का दुख किसी भी आर्थिक मदद से कम नहीं किया जा सकता। फिर भी, बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए, मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख की अतिरिक्त मदद दी जाएगी।'

किसे मिलेगी ₹15,000 की अंतरिम राहत

₹15,000 की तत्काल अंतरिम राहत सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों के सभी पात्र बाढ़-पीड़ित परिवारों को बिना किसी भेदभाव के दी जाएगी। गौरतलब है कि इस राहत के दायरे में वे वर्ग भी शामिल किए गए हैं जिन्हें अक्सर ऐसी योजनाओं से बाहर रखा जाता है — जैसे सरकारी कर्मचारी, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), मिड-डे मील वर्कर और अन्य श्रेणियाँ। यह समावेशी दृष्टिकोण इस राहत पैकेज को पूर्व की योजनाओं से अलग करता है।

बाढ़ की भीषणता और प्रभाव

असम इस वर्ष मानसून सीजन की सबसे विकराल बाढ़ की चपेट में है। कई जिलों में हजारों परिवार विस्थापित हुए हैं और घरों, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है। राज्य सरकार जिला प्रशासन के सहयोग से राहत और बचाव अभियान संचालित कर रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री का वितरण जारी है।

सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्ययोजना

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पुनर्वास प्रयासों को पूरे राज्य में तेज किया जा रहा है। यह नया राहत पैकेज बाढ़ पीड़ितों को आपदा के तत्काल बाद की जरूरतें पूरी करने में सहायक होगा, जबकि दीर्घकालिक पुनर्निर्माण कार्य भी समानांतर रूप से जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी वितरण की गति और पारदर्शिता होगी — असम में पिछली बाढ़ राहत योजनाओं में लाभार्थी सूचियों की देरी और पात्रता विवाद आम रहे हैं। आशा और मिड-डे मील वर्कर को शामिल करना एक सकारात्मक नीतिगत बदलाव है जो पहले की खामियों को स्वीकार करता है। हालाँकि, जब तक जिला-स्तरीय वितरण तंत्र की जवाबदेही सुनिश्चित नहीं होती, घोषणा और ज़मीनी राहत के बीच की खाई बनी रह सकती है।
RashtraPress
29 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ में मृतक के परिवार को कुल कितना मुआवजा मिलेगा?
बाढ़ में जान गँवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को कुल ₹9 लाख मिलेंगे — पूर्व निर्धारित ₹4 लाख की अनुग्रह राशि के अतिरिक्त मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख की विशेष सहायता। यह घोषणा मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 29 जुलाई को की।
₹15,000 की अंतरिम राहत किसे मिलेगी?
सर्वाधिक प्रभावित जिलों के सभी पात्र बाढ़-पीड़ित परिवारों को ₹15,000 की तत्काल अंतरिम सहायता दी जाएगी। इसमें सरकारी कर्मचारी, आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील वर्कर और अन्य वे वर्ग भी शामिल हैं जिन्हें अक्सर ऐसी योजनाओं से बाहर रखा जाता है।
असम में 2025 की बाढ़ कितनी गंभीर है?
असम इस मौसम की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है जिसने कई जिलों में हजारों परिवारों को प्रभावित किया है। घरों, कृषि भूमि और सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है और राज्य सरकार बचाव व राहत अभियान चला रही है।
मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा कैसे मिलेगा?
राज्य सरकार जिला प्रशासन के माध्यम से राहत वितरण कर रही है। मुख्यमंत्री सरमा के अनुसार यह सहायता बिना किसी भेदभाव के सभी पात्र परिवारों को दी जाएगी, हालाँकि आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण जिला स्तर पर जारी किया जाएगा।
क्या यह राहत पैकेज पिछली बाढ़ राहत योजनाओं से अलग है?
हाँ, इस पैकेज की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इसमें आशा कार्यकर्ता, मिड-डे मील वर्कर और सरकारी कर्मचारी जैसे वर्गों को भी शामिल किया गया है जिन्हें पहले की कई मुआवजा योजनाओं से बाहर रखा जाता था। साथ ही, नियमित अनुग्रह राशि के ऊपर अतिरिक्त ₹5 लाख देना भी एक नई पहल है।
राष्ट्र प्रेस
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