असम बाढ़ मुआवजा: मृतक परिजनों को ₹5 लाख अतिरिक्त, प्रभावित परिवारों को ₹15,000 की तत्काल राहत
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार, 29 जुलाई को गुवाहाटी में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के बाद प्रभावित परिवारों के लिए व्यापक आर्थिक राहत पैकेज की घोषणा की। इसके तहत बाढ़ में जान गँवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के निकटतम परिजन को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख का अतिरिक्त मुआवजा और सर्वाधिक प्रभावित जिलों में हर बाढ़-पीड़ित परिवार को ₹15,000 की फौरी अंतरिम सहायता दी जाएगी। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब असम इस मौसम की सबसे भीषण बाढ़ से जूझ रहा है।
राहत पैकेज में क्या शामिल है
मुख्यमंत्री सरमा ने स्पष्ट किया कि ₹5 लाख की यह अतिरिक्त सहायता, पहले से निर्धारित नियमों के अंतर्गत दी जाने वाली ₹4 लाख की अनुग्रह राशि के अलावा होगी। इस प्रकार बाढ़ में मृत प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को कुल ₹9 लाख का मुआवजा प्राप्त होगा। उन्होंने मीडिया से कहा, 'अपनों को खोने का दुख किसी भी आर्थिक मदद से कम नहीं किया जा सकता। फिर भी, बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए, मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को मुख्यमंत्री राहत कोष से ₹5 लाख की अतिरिक्त मदद दी जाएगी।'
किसे मिलेगी ₹15,000 की अंतरिम राहत
₹15,000 की तत्काल अंतरिम राहत सबसे बुरी तरह प्रभावित जिलों के सभी पात्र बाढ़-पीड़ित परिवारों को बिना किसी भेदभाव के दी जाएगी। गौरतलब है कि इस राहत के दायरे में वे वर्ग भी शामिल किए गए हैं जिन्हें अक्सर ऐसी योजनाओं से बाहर रखा जाता है — जैसे सरकारी कर्मचारी, मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा), मिड-डे मील वर्कर और अन्य श्रेणियाँ। यह समावेशी दृष्टिकोण इस राहत पैकेज को पूर्व की योजनाओं से अलग करता है।
बाढ़ की भीषणता और प्रभाव
असम इस वर्ष मानसून सीजन की सबसे विकराल बाढ़ की चपेट में है। कई जिलों में हजारों परिवार विस्थापित हुए हैं और घरों, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है। राज्य सरकार जिला प्रशासन के सहयोग से राहत और बचाव अभियान संचालित कर रही है तथा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सामग्री का वितरण जारी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की कार्ययोजना
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। पुनर्वास प्रयासों को पूरे राज्य में तेज किया जा रहा है। यह नया राहत पैकेज बाढ़ पीड़ितों को आपदा के तत्काल बाद की जरूरतें पूरी करने में सहायक होगा, जबकि दीर्घकालिक पुनर्निर्माण कार्य भी समानांतर रूप से जारी रहेगा।