असम बाढ़ पुनर्वास: CM हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा — ₹1,000 करोड़ से अधिक खर्च होंगे, 50-60 हज़ार परिवार होंगे शामिल
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 12 अगस्त 2026 को गुवाहाटी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि राज्य सरकार बाढ़-क्षतिग्रस्त संपत्तियों की मरम्मत और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास पर ₹1,000 करोड़ से अधिक खर्च करने की तैयारी में है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को पुनर्वास प्रक्रिया में पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया है।
राहत आकलन की स्थिति
सरमा ने बताया कि स्थायी राहत सुनिश्चित करने के लिए 9 अगस्त को एक त्वरित राहत आकलन अभियान शुरू किया गया था। प्रारंभिक चरण में 8,000 से अधिक परिवारों का सर्वेक्षण किया जा चुका है और नुकसान का प्रारंभिक अनुमान ₹150 करोड़ लगाया गया है। यह आकलन 30 अगस्त तक जारी रहेगा और इसमें 50,000 से 60,000 प्रभावित परिवारों को शामिल किए जाने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतिम आकलन पूरा होने पर वित्तीय आवश्यकता और बढ़ सकती है। उनके शब्दों में, 'मेरा मानना है कि नुकसान की मरम्मत और पुनर्वास पर ₹1,000 करोड़ से अधिक खर्च होंगे। पीएम ने आश्वासन दिया है कि प्रभावित परिवारों को भुगतान करने में कोई समस्या नहीं है और हमसे बिना किसी चूक के आकलन करने को कहा है।'
आंगनबाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण की घोषणा
सरमा ने ऊपरी असम में बाढ़ से क्षतिग्रस्त 494 आंगनबाड़ी केंद्रों के पुनर्निर्माण के लिए ₹11.3 करोड़ की राशि आवंटित करने की घोषणा की। प्रत्येक क्षतिग्रस्त केंद्र को बहाली के लिए ₹2.5 लाख तक की सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि बच्चों और परिवारों को ज़रूरी सेवाएं बिना किसी रुकावट के मिलती रहें।
यूट्यूबर्स और स्वयंसेवी योगदान
मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से 72 यूट्यूबर्स ने बाढ़ राहत के लिए धन जुटाया है और कई जमीनी स्तर पर सहायता कार्य में सक्रिय हैं। उन्होंने कहा, 'हम उन पर कड़ी नज़र रख रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पैसा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ही खर्च हो रहा है।' राहत कार्यों में योगदान देने वाले व्यक्तियों और संगठनों की उन्होंने सराहना भी की।
आगे की राह
गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ का सामना करता है और यह बाढ़ राज्य की सबसे बड़ी आवर्ती आपदाओं में से एक है। 30 अगस्त तक आकलन पूरा होने के बाद केंद्र सरकार से अतिरिक्त सहायता की माँग की जा सकती है। राज्य सरकार का यह कदम उस समय आया है जब बाढ़ से हज़ारों परिवार अभी भी राहत शिविरों में हैं और सामान्य जीवन की बहाली की प्रतीक्षा कर रहे हैं।