4 अगस्त 2026
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असम बाढ़: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया, पुनर्वास और राहत का दिया भरोसा

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असम बाढ़: सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया, पुनर्वास और राहत का दिया भरोसा

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 4 अगस्त को बाढ़ प्रभावित इलाकों का सीधा जायजा लिया। तटबंध टूटे, गाँव तबाह, हजारों विस्थापित — इस संकट के बीच सरमा ने पुनर्वास और राहत की पूरी रूपरेखा तैयार होने का दावा किया।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 4 अगस्त 2026 को असम के बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यक्तिगत दौरा किया।
हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित; कई गाँव जलमग्न, तटबंध टूटे , कृषि और बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान।
सरकार ने नुकसान की भरपाई, घरों के पुनर्निर्माण और आजीविका बहाली की प्रतिबद्धता जताई।
ASDMA और जिला प्रशासन मिलकर राहत-बचाव अभियान और नुकसान के मूल्यांकन में जुटे हैं।
सड़क, पुल, बिजली और पेयजल बहाली को प्राथमिकता देने के विभागीय निर्देश जारी।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 4 अगस्त 2026 को बाढ़ प्रभावित इलाकों का व्यापक दौरा किया और राज्य की जनता को आश्वस्त किया कि सरकार हर प्रभावित परिवार के पुनर्वास और तत्काल राहत के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कई जिलों में बाढ़ से गाँव तबाह होने, तटबंध टूटने और हजारों लोगों के विस्थापित होने के बीच यह दौरा किया गया।

मुख्यमंत्री का दौरा और आकलन

मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "मैंने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। वहीं, यह भी मूल्यांकन करने का प्रयास किया कि इस बाढ़ की चपेट में आने से लोगों को कितना नुकसान हुआ है। इस बाढ़ से निपटने के लिए पूरी रूपरेखा भी तैयार की जा चुकी है।" उन्होंने बताया कि पूरा एक दिन प्रभावित क्षेत्रों में बिताकर नुकसान का प्रत्यक्ष जायजा लिया गया।

सरमा ने कहा, "मैं लोगों को आश्वस्त करता हूं कि हमारी सरकार उनके साथ है। हम उनकी पूरी मदद करेंगे, ताकि उनकी जिंदगी दोबारा से पटरी पर आ सके और वो सामान्य जीवन जी सकें।"

बाढ़ से हुई तबाही का दायरा

राज्य के कई जिले इस समय बाढ़ की गंभीर चपेट में हैं। हजारों लोग विस्थापित हुए हैं, कई गाँव जलमग्न हो गए हैं और राज्य सरकार के बुनियादी ढाँचे को भारी नुकसान पहुँचा है। तटबंध टूटने से कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। यद्यपि कुछ इलाकों में जलस्तर में कमी आई है, तथापि अभी भी बड़ी संख्या में गाँव बाढ़ की त्रासदी झेल रहे हैं।

राहत एवं बचाव कार्य

राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर निगरानी कर रहा है। अधिकारियों द्वारा नुकसान का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है, ताकि मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।

विभिन्न विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि सड़क, पुल, बिजली और पेयजल आपूर्ति की बहाली को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए, ताकि आम जनजीवन जल्द से जल्द सामान्य हो सके।

पुनर्वास की रूपरेखा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नुकसान की भरपाई, घरों के पुनर्निर्माण और आजीविका के साधनों को पुनः स्थापित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार ने संकेत दिया है कि तत्काल राहत वितरण के साथ-साथ दीर्घकालिक पुनर्वास योजना पर भी समानांतर रूप से काम जारी रहेगा।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब असम हर वर्ष मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ की समस्या से जूझता है और ब्रह्मपुत्र तथा उसकी सहायक नदियों के कारण राज्य के निचले इलाके बार-बार जलमग्न होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्थायी समाधान के लिए तटबंधों के सुदृढ़ीकरण और नदी-प्रबंधन नीति में दीर्घकालिक सुधार आवश्यक है। सरकार की ओर से अगले कदमों की औपचारिक घोषणा अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और हर बार दौरे, आश्वासन और 'रूपरेखा तैयार' के बयान सामने आते हैं। असली सवाल यह है कि तटबंधों की दीर्घकालिक मज़बूती और ब्रह्मपुत्र के जल-प्रबंधन पर ठोस नीतिगत कदम कब उठेंगे। मुख्यमंत्री का व्यक्तिगत दौरा संवेदनशीलता का संकेत देता है, लेकिन पुनर्वास की 'रूपरेखा' का विस्तृत खाका सार्वजनिक नहीं किया गया है। जब तक मुआवजे और पुनर्निर्माण की समयसीमा और जवाबदेही तय नहीं होती, यह भरोसा महज़ राहत-कालीन बयानबाज़ी तक सीमित रह सकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
रिपोर्टों के अनुसार असम में इस बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। कई जिलों में गाँव जलमग्न हो गए हैं, तटबंध टूट गए हैं और कृषि तथा बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है।
सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कब किया?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 4 अगस्त 2026 को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने पूरा दिन प्रभावित क्षेत्रों में बिताकर नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया।
असम सरकार बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठा रही है?
सरकार ने नुकसान की भरपाई, घरों के पुनर्निर्माण और आजीविका बहाली की प्रतिबद्धता जताई है। ASDMA और जिला प्रशासन मिलकर राहत-बचाव कार्य और नुकसान के मूल्यांकन में जुटे हैं, तथा सड़क, पुल, बिजली और पेयजल बहाली को प्राथमिकता दी गई है।
असम में बाढ़ के कारण किन क्षेत्रों को सबसे अधिक नुकसान हुआ है?
बाढ़ से कृषि भूमि, आवासीय क्षेत्र, सड़कें, पुल और तटबंध सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। कई गाँव पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं और राज्य सरकार के संसाधनों को भी भारी क्षति पहुँची है।
असम में बाढ़ की समस्या इतनी गंभीर क्यों है?
असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के कारण हर मानसून में बाढ़ आती है। तटबंधों की कमज़ोरी और नदी-प्रबंधन की चुनौतियों के चलते राज्य के निचले इलाके बार-बार जलमग्न होते हैं, जिससे जनजीवन और कृषि को भारी नुकसान होता है।
राष्ट्र प्रेस
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