7 अगस्त 2026
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असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों की सराहना की, 24 घंटे बहाली कार्य जारी

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असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों की सराहना की, 24 घंटे बहाली कार्य जारी

सारांश

असम में बाढ़ के बीच बिजली बहाल करने में जुटे कर्मचारियों को CM हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर सराहा। अस्पताल और राहत शिविरों को प्राथमिकता देते हुए टीमें जलमग्न इलाकों में चौबीसों घंटे काम कर रही हैं।

मुख्य बातें

CM हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर बिजली विभाग के कर्मचारियों की प्रशंसा की।
बाढ़ से असम के कई जिलों में सड़क, पुल, तटबंध और बिजली अवसंरचना बुरी तरह क्षतिग्रस्त।
बिजली कंपनियों ने अस्पतालों , राहत शिविरों और पेयजल सुविधाओं की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी।
फ्रंटलाइन टीमें जलमग्न क्षेत्रों में चौबीसों घंटे कार्य कर रही हैं।
सरमा ने असम के ऊर्जा अवसंरचना के लचीलेपन की भी सराहना की, जिसने 'बेमिसाल बाढ़' का सामना किया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को राज्य के बिजली विभाग के इंजीनियरों, तकनीशियनों और फील्ड कर्मचारियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की, जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में चौबीसों घंटे बिजली बहाल करने के अभियान में जुटे हैं। सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि ये टीमें विपरीत परिस्थितियों में भी खराब ट्रांसफॉर्मर जोड़ने और पावर ग्रिड सक्रिय करने के लिए 'हर संभव प्रयास' कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा

सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं हमारे बिजली विभाग की टीमों की तारीफ करता हूँ, जो ट्रांसफॉर्मर को फिर से जोड़ने और ग्रिड को चालू करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असम के ऊर्जा अवसंरचना ने इस असाधारण बाढ़ का सामना करते हुए उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। उनके अनुसार, नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा इस संकट में भी सक्रिय रहा।

बाढ़ से बिजली अवसंरचना को नुकसान

पिछले कुछ सप्ताहों में असम के अनेक जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण सड़कें, पुल, तटबंध और बिजली के खंभे-ट्रांसफॉर्मर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ के पानी में डूबने या तेज बहाव से टूटने के कारण वितरण लाइनें ठप हो गईं, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।

प्राथमिकता: अस्पताल, राहत शिविर और पेयजल सुविधाएँ

बिजली कंपनियों ने बहाली कार्य में अस्पतालों, राहत शिविरों और पेयजल सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ-साथ जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, रिहायशी इलाकों में भी धीरे-धीरे आपूर्ति बहाल की जा रही है। फ्रंटलाइन कर्मचारी जलमग्न क्षेत्रों में काम करते हुए कनेक्शन जोड़ रहे हैं — एक ऐसा कार्य जो सामान्य परिस्थितियों में भी जोखिम भरा होता है।

राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ

राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव, राहत और पुनर्वास के साथ-साथ जरूरी सेवाओं की बहाली भी समान रूप से महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। बिजली बहाली को संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाओं और सामान्य जनजीवन की वापसी के लिए अनिवार्य माना जा रहा है। गौरतलब है कि कई सरकारी विभाग मिलकर इस संकट से उबरने के प्रयास में जुटे हैं।

आगे की राह

बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घटने के साथ बिजली बहाली की गति तेज होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि क्षतिग्रस्त अवसंरचना की व्यापक मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य आपातकालीन राहत चरण के बाद शुरू किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बाढ़ के बाद बिजली अवसंरचना के पुनर्निर्माण के लिए दीर्घकालिक योजना क्या है। असम हर वर्ष बाढ़ की मार झेलता है और हर बार अवसंरचना को भारी नुकसान होता है — यह चक्र टूटता नहीं दिखता। तात्कालिक बहाली की प्रशंसा जरूरी है, परंतु बाढ़-प्रतिरोधी बिजली नेटवर्क के निर्माण पर ठोस निवेश और नीति के बिना यह हर साल की कहानी बनी रहेगी।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ के दौरान बिजली बहाली की स्थिति क्या है?
बिजली विभाग की टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं और अस्पतालों, राहत शिविरों तथा पेयजल सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। बाढ़ का पानी घटने के साथ-साथ रिहायशी इलाकों में भी आपूर्ति धीरे-धीरे बहाल हो रही है।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों की तारीफ क्यों की?
सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि बाढ़ के विकट हालात में भी बिजली विभाग की टीमें ट्रांसफॉर्मर जोड़ने और ग्रिड सक्रिय करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। उन्होंने फ्रंटलाइन कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और असम के ऊर्जा अवसंरचना के लचीलेपन की विशेष सराहना की।
असम की बाढ़ से बिजली अवसंरचना को कितना नुकसान हुआ?
बाढ़ के पानी और तेज बहाव से ट्रांसफॉर्मर, खंभे और वितरण लाइनें या तो डूब गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे कई जिलों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। सड़कें, पुल और तटबंध भी प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ राहत में बिजली बहाली को इतनी अहमियत क्यों दी जा रही है?
बिजली बहाली के बिना अस्पताल, संचार नेटवर्क और पेयजल आपूर्ति ठप हो जाती है, जिससे राहत कार्य और प्रभावित होते हैं। राज्य सरकार ने बिजली बहाली को बचाव और राहत अभियान के साथ समान प्राथमिकता दी है।
असम में बाढ़ की स्थिति कब सामान्य होने की उम्मीद है?
रिपोर्टों के अनुसार, बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घट रहा है और इसके साथ बिजली बहाली की गति भी तेज होने की उम्मीद है। क्षतिग्रस्त अवसंरचना की व्यापक मरम्मत आपातकालीन राहत चरण के बाद शुरू होगी।
राष्ट्र प्रेस
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