असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों की सराहना की, 24 घंटे बहाली कार्य जारी
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त 2026 को राज्य के बिजली विभाग के इंजीनियरों, तकनीशियनों और फील्ड कर्मचारियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की, जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में चौबीसों घंटे बिजली बहाल करने के अभियान में जुटे हैं। सरमा ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि ये टीमें विपरीत परिस्थितियों में भी खराब ट्रांसफॉर्मर जोड़ने और पावर ग्रिड सक्रिय करने के लिए 'हर संभव प्रयास' कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने क्या कहा
सरमा ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'मैं हमारे बिजली विभाग की टीमों की तारीफ करता हूँ, जो ट्रांसफॉर्मर को फिर से जोड़ने और ग्रिड को चालू करने के लिए हर संभव कोशिश कर रही हैं।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि असम के ऊर्जा अवसंरचना ने इस असाधारण बाढ़ का सामना करते हुए उल्लेखनीय लचीलापन दिखाया है। उनके अनुसार, नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा इस संकट में भी सक्रिय रहा।
बाढ़ से बिजली अवसंरचना को नुकसान
पिछले कुछ सप्ताहों में असम के अनेक जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण सड़कें, पुल, तटबंध और बिजली के खंभे-ट्रांसफॉर्मर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। बाढ़ के पानी में डूबने या तेज बहाव से टूटने के कारण वितरण लाइनें ठप हो गईं, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य के कई हिस्सों में अभी भी जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
प्राथमिकता: अस्पताल, राहत शिविर और पेयजल सुविधाएँ
बिजली कंपनियों ने बहाली कार्य में अस्पतालों, राहत शिविरों और पेयजल सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। इसके साथ-साथ जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, रिहायशी इलाकों में भी धीरे-धीरे आपूर्ति बहाल की जा रही है। फ्रंटलाइन कर्मचारी जलमग्न क्षेत्रों में काम करते हुए कनेक्शन जोड़ रहे हैं — एक ऐसा कार्य जो सामान्य परिस्थितियों में भी जोखिम भरा होता है।
राज्य सरकार की प्राथमिकताएँ
राज्य सरकार के अनुसार, बाढ़ प्रभावित जिलों में बचाव, राहत और पुनर्वास के साथ-साथ जरूरी सेवाओं की बहाली भी समान रूप से महत्वपूर्ण प्राथमिकता है। बिजली बहाली को संचार नेटवर्क, स्वास्थ्य सेवाओं और सामान्य जनजीवन की वापसी के लिए अनिवार्य माना जा रहा है। गौरतलब है कि कई सरकारी विभाग मिलकर इस संकट से उबरने के प्रयास में जुटे हैं।
आगे की राह
बाढ़ का पानी धीरे-धीरे घटने के साथ बिजली बहाली की गति तेज होने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि क्षतिग्रस्त अवसंरचना की व्यापक मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य आपातकालीन राहत चरण के बाद शुरू किया जाएगा।