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असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों को सराहा, 24 घंटे बहाली अभियान जारी

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असम बाढ़: CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों को सराहा, 24 घंटे बहाली अभियान जारी

सारांश

असम में अभूतपूर्व बाढ़ के बीच मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजली विभाग की टीमों को सराहा, जो जलभराव वाले इलाकों में चौबीसों घंटे ट्रांसफॉर्मर जोड़ने और ग्रिड सक्रिय करने में जुटी हैं। अस्पतालों और राहत शिविरों को प्राथमिकता देते हुए बहाली अभियान जारी है।

मुख्य बातें

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर बिजली विभाग के कर्मचारियों की प्रशंसा की।
बाढ़ से ट्रांसफॉर्मर, विद्युत खंभे और वितरण लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित।
बहाली दल चौबीसों घंटे कार्यरत; अस्पतालों, राहत शिविरों और पेयजल केंद्रों को प्राथमिकता दी गई।
सरमा ने असम के ऊर्जा अवसंरचना की सुदृढ़ता की भी सराहना की, जिसने 'अभूतपूर्व बाढ़' का सामना किया।
राज्य सरकार ने आवश्यक सेवाओं की बहाली को बचाव और राहत कार्यों के समकक्ष सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 7 अगस्त को राज्य के बिजली विभाग के इंजीनियरों, तकनीशियनों और फील्ड कर्मचारियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की, जो बाढ़ प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए अथक परिश्रम कर रहे हैं। सरमा ने कहा कि विकट परिस्थितियों के बावजूद ये टीमें क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर को पुनः जोड़ने और पावर ग्रिड को सक्रिय करने के लिए 'हर संभव उपाय' अपना रही हैं।

मुख्यमंत्री की एक्स पोस्ट और सराहना

मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के ज़रिए बिजली विभाग की टीमों की तारीफ की। उन्होंने लिखा, 'मैं हमारे बिजली विभाग की टीमों की सराहना करता हूँ, जो ट्रांसफॉर्मर को पुनः जोड़ने और ग्रिड को चालू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।' उन्होंने फ्रंटलाइन कर्मचारियों की कड़ी मेहनत को भी विशेष रूप से रेखांकित किया, जो जलभराव वाले क्षेत्रों में जोखिम उठाकर मरम्मत कार्य में जुटे हैं।

सरमा ने असम के ऊर्जा अवसंरचना की मज़बूती की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा, 'हमारे ऊर्जा अवसंरचना की सुदृढ़ता भी उतनी ही सराहनीय है, जिसने इस अभूतपूर्व बाढ़ का सामना किया है।' यह टिप्पणी ऐसे समय में आई जब राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी अभी भी व्यापक प्रभाव डाल रहा था।

बाढ़ से बिजली अवसंरचना को नुकसान

पिछले कुछ हफ्तों में असम के अनेक जिलों में भारी वर्षा और बाढ़ के कारण सड़कें, पुल, तटबंध और बिजली अवसंरचना बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई है। तेज बहाव और जलभराव के चलते ट्रांसफॉर्मर, विद्युत खंभे और वितरण लाइनें या तो डूब गईं या टूट गईं, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

गौरतलब है कि असम में मानसून के दौरान बाढ़ एक वार्षिक संकट है, लेकिन इस वर्ष की बाढ़ को अधिकारियों ने 'अभूतपूर्व' बताया है। यह स्थिति बिजली बहाली के कार्य को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना देती है।

बहाली अभियान: प्राथमिकताएँ और कार्यशैली

बिजली बहाली दलों ने अस्पतालों, राहत शिविरों, पेयजल सुविधाओं और अन्य आवश्यक प्रतिष्ठानों को प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल की है। इसके साथ ही, जैसे-जैसे बाढ़ का पानी घट रहा है, आवासीय क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

बिजली बहाली दल चौबीसों घंटे प्रभावित क्षेत्रों में काम कर रहे हैं — अक्सर कमर तक पानी में खड़े होकर। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि बचाव, राहत और पुनर्वास कार्यों के समानांतर आवश्यक सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता है।

आम जनता पर असर और आगे की राह

बिजली की बहाली केवल घरेलू सुविधा का मामला नहीं है — यह राहत कार्यों, संचार नेटवर्क और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जीवन की पुनर्स्थापना के लिए भी अनिवार्य है। कई सरकारी विभाग मिलकर सार्वजनिक सेवाओं को सामान्य करने में लगे हैं। बाढ़ का पानी घटने के साथ ही बहाली की गति और तेज होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि बाढ़ के बाद बिजली अवसंरचना की स्थायी मज़बूती के लिए क्या ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। असम में बाढ़ हर वर्ष आती है और हर वर्ष यही क्षति होती है — तात्कालिक बहाली की तारीफ के साथ-साथ दीर्घकालिक आपदा-प्रतिरोधी अवसंरचना निर्माण पर ध्यान देना ज़रूरी है। फ्रंटलाइन कर्मचारियों की मेहनत निर्विवाद है, पर नीति-स्तर पर जवाबदेही का सवाल अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
7 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ के दौरान बिजली बहाली की क्या स्थिति है?
बिजली बहाली दल 7 अगस्त तक चौबीसों घंटे प्रभावित जिलों में काम कर रहे हैं। अस्पतालों, राहत शिविरों और पेयजल केंद्रों को प्राथमिकता दी गई है, और बाढ़ का पानी घटने के साथ आवासीय क्षेत्रों में भी आपूर्ति बहाल की जा रही है।
CM हिमंत बिस्वा सरमा ने बिजलीकर्मियों की तारीफ क्यों की?
मुख्यमंत्री सरमा ने एक्स पर पोस्ट कर बिजली विभाग की टीमों की सराहना इसलिए की क्योंकि वे जलभराव और विकट परिस्थितियों में क्षतिग्रस्त ट्रांसफॉर्मर जोड़ने और पावर ग्रिड सक्रिय करने में जुटी हैं। उन्होंने ऊर्जा अवसंरचना की मज़बूती को भी सराहनीय बताया।
असम बाढ़ 2025 में बिजली अवसंरचना को कितना नुकसान हुआ?
भारी वर्षा और बाढ़ के कारण कई जिलों में ट्रांसफॉर्मर, विद्युत खंभे और वितरण लाइनें या तो जलमग्न हो गईं या क्षतिग्रस्त हो गईं। सड़कों, पुलों और तटबंधों को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है।
बाढ़ में बिजली बहाल करना इतना ज़रूरी क्यों है?
बिजली की बहाली अस्पतालों, राहत शिविरों, संचार नेटवर्क और पेयजल आपूर्ति के लिए अनिवार्य है। इसके बिना राहत और बचाव कार्य प्रभावी रूप से नहीं चल सकते और प्रभावित लोगों का सामान्य जीवन बाधित रहता है।
असम सरकार बाढ़ राहत में किन सेवाओं को प्राथमिकता दे रही है?
राज्य सरकार ने बचाव, राहत और पुनर्वास के साथ-साथ आवश्यक सेवाओं — विशेषकर बिजली, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं — की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। कई सरकारी विभाग समन्वित रूप से इस कार्य में लगे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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