शिवसागर में बिजली बहाली 58% आगे बढ़ी, CM हिमंता बिस्वा सरमा ने दिया अपडेट
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार, 3 अगस्त को जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित शिवसागर जिले में बिजली बहाली का कार्य तेज़ गति से जारी है और पिछले 24 घंटों में प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्या में लगभग 58 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने बयान में उन्होंने बताया कि बिजली विभाग की फील्ड टीमों ने कई ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित रूप से पुनः चालू कर दिए हैं।
मुख्यमंत्री का बयान
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, 'बिजली बहाली में अच्छी प्रगति हुई है। पिछले 24 घंटों में, हमारी टीमों ने कई और ट्रांसफॉर्मर सुरक्षित रूप से फिर से चालू किए हैं, जिससे शिवसागर में प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्या लगभग 58 प्रतिशत कम हो गई है। हम बिजली की स्थिति को पूरी तरह सामान्य करने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं।'
मौजूदा स्थिति: क्या चालू, क्या बाकी
असम पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (APDCL) द्वारा रविवार सुबह 8 बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, शिवसागर जिले में अब केवल 2,274 उपभोक्ता बिजली से वंचित हैं। जिले की सभी 33 केवी ट्रांसमिशन लाइनें और 33/11 केवी सब-स्टेशन पूरी तरह सक्रिय हैं। 11 केवी फीडर नेटवर्क में भी कोई बाधा नहीं है, सिवाय एक फीडर के जो वैकल्पिक स्रोत की व्यवस्था के चलते अभी बंद है।
हालाँकि, 61 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर को अभी भी पुनः चालू किया जाना शेष है। ये ट्रांसफॉर्मर मुख्यतः उन इलाकों में हैं जहाँ बाढ़ का पानी अभी पूरी तरह नहीं उतरा है।
सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र
क्षेत्रवार आँकड़ों के अनुसार, सेसा-डी2 में 920 उपभोक्ता अभी भी बिना बिजली के हैं — यह सर्वाधिक प्रभावित इलाका है। इसके बाद गौरीसागर में 799 और शिवसागर ईएसडी-I में 375 उपभोक्ता प्रभावित हैं। नजीरा में 180 उपभोक्ता अभी भी बिजली से वंचित हैं। दूसरी ओर, अमगुरी और डेमो सब-डिवीज़न में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल हो चुकी है।
बाढ़ का व्यापक असर
गौरतलब है कि हाल ही में आई भीषण बाढ़ ने ऊपरी असम के कई हिस्सों को जलमग्न कर दिया था, जिससे बिजली के बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा और हज़ारों घर प्रभावित हुए। यह बहाली अभियान उन्हीं व्यापक व्यवधानों के बाद शुरू किया गया है।
आगे क्या होगा
राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावित जिलों में बहाली कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की मरम्मत के लिए फील्ड टीमें तैनात हैं। अधिकारियों के अनुसार, शेष प्रभावित इलाकों में बिजली सेवाएँ जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य करने का लक्ष्य रखा गया है।