असम बाढ़: नाजिरा-शिवसागर में 80,000 लोग अब भी राहत से वंचित, मृतक संख्या 50 पहुँची — हिमंता सरमा
सारांश
मुख्य बातें
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 को गुवाहाटी में मीडिया को संबोधित करते हुए खुलासा किया कि ऊपरी असम के सर्वाधिक बाढ़-प्रभावित इलाकों में फँसे करीब 80,000 लोगों तक अभी तक सरकारी राहत नहीं पहुँच पाई है। राज्यव्यापी बचाव अभियान जारी रहने के बावजूद नाजिरा में लगभग 50,000 और शिवसागर में करीब 30,000 निवासी अभी भी पहुँच से बाहर बने हुए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री सरमा ने स्वीकार किया कि बाढ़ की स्थिति में आंशिक सुधार हुआ है और कई स्थानों पर जलस्तर घटने के संकेत मिले हैं। बावजूद इसके, दूरदराज के गाँवों का संपर्क बाधित होने के कारण राहत एजेंसियाँ इन क्षेत्रों तक नहीं पहुँच पा रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहा है और जहाँ ज़रूरी हो, वहाँ अतिरिक्त संसाधन तैनात किए जा रहे हैं।
बाढ़ से राज्य में अब तक 50 लोगों की मौत हो चुकी है। सरमा ने चेतावनी दी कि खोज अभियान जारी रहने और कई लोगों के अभी भी लापता होने के कारण यह संख्या और बढ़ सकती है।
बचाव अभियान की स्थिति
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना और जिला प्रशासन की टीमें नावों तथा अन्य उपलब्ध साधनों के ज़रिये अलग-थलग पड़े क्षेत्रों तक पहुँचने के निरंतर प्रयास कर रही हैं। यह ऐसे समय में आया है जब शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट जैसे ऊपरी असम के ज़िले इस मौसम की सबसे भीषण बाढ़ की चपेट में हैं — भारी वर्षा और ऊपरी नदियों से आए अतिरिक्त जल-प्रवाह ने तबाही को और गहरा किया है।
बिजली आपूर्ति पर असर
बाढ़ ने राज्य के विद्युत बुनियादी ढाँचे को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार राज्य के विभिन्न हिस्सों में 60,000 से अधिक घरों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। बहाली का कार्य जारी है, हालाँकि जलमग्न क्षेत्रों में पहुँच की कठिनाइयों के चलते मरम्मत में देरी हो रही है।
केंद्र सरकार का दल पहुँचेगा
सरमा ने घोषणा की कि केंद्र सरकार की एक अंतर-मंत्रालयी टीम शनिवार को असम पहुँचेगी। यह दल बाढ़ से हुए नुकसान का ज़मीनी आकलन करेगा और वित्तीय सहायता एवं पुनर्वास उपायों की ज़रूरत की समीक्षा करेगा। गौरतलब है कि असम में बाढ़ कोई नई आपदा नहीं है — राज्य हर वर्ष मानसून के दौरान ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान से तबाही झेलता है, लेकिन इस वर्ष ऊपरी असम में स्थिति विशेष रूप से गंभीर बताई जा रही है।
आगे की राह
मुख्यमंत्री सरमा ने भरोसा जताया कि सभी प्रभावित निवासियों तक जल्द ही राहत पहुँचाई जाएगी। केंद्रीय दल के आकलन के बाद राज्य को मिलने वाली वित्तीय सहायता की राशि और पुनर्वास की रूपरेखा स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान संपर्क-कटे गाँवों तक राहत सामग्री पहुँचाने पर केंद्रित है।