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असम बाढ़: 11.45 लाख से अधिक प्रभावित, 82 मौतें; हिमंता ने 1,811 राहत केंद्रों से बचाव तेज किया

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असम बाढ़: 11.45 लाख से अधिक प्रभावित, 82 मौतें; हिमंता ने 1,811 राहत केंद्रों से बचाव तेज किया

सारांश

असम में बाढ़ ने 25 जिलों को चपेट में लिया है — 11.45 लाख से अधिक प्रभावित, 82 मौतें और 71,889 लोग राहत शिविरों में। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने 1,811 राहत वितरण केंद्रों के ज़रिये बचाव अभियान तेज किया है।

मुख्य बातें

असम के 25 जिलों , 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर; 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित।
बाढ़ से संबंधित घटनाओं में अब तक 82 लोगों की मौत ; सर्वाधिक 42 मौतें शिवसागर में।
218 राहत शिविरों में 71,889 विस्थापित; 29,985 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया।
राज्यभर में 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित; भोजन, पेयजल और आवश्यक सामग्री वितरित।
2,530 घर पूरी तरह और 9,668 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त।
शिवसागर और धेमाजी से एक-एक व्यक्ति अभी भी लापता।

असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है — 1 अगस्त 2026 तक जारी आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, राज्य के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर पड़ा है, जिससे 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को जानकारी दी कि राहत अभियान को और विस्तार दिया गया है तथा राज्यभर में 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।

मुख्य घटनाक्रम

29 अप्रैल से शुरू हुई इस बाढ़ ने ऊपरी, मध्य और पश्चिमी असम के कई जिलों को चपेट में लिया है। अब तक 218 राहत शिविरों में 71,889 विस्थापित लोग रह रहे हैं, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों से 29,985 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। सरकार द्वारा स्थापित राहत केंद्रों के ज़रिये प्रभावित परिवारों को भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है।

जान-माल का नुकसान

आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, इस बाढ़ मौसम में अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। सर्वाधिक 42 मौतें शिवसागर में दर्ज हुई हैं, इसके बाद चराइदेव में 21, जोरहाट में 9, धेमाजी और गोलाघाट में 3-3, कार्बी आंगलोंग में 2, तथा सोनितपुर और कामरूप में 1-1 मौत हुई है। शिवसागर और धेमाजी जिलों से एक-एक व्यक्ति अभी भी लापता बताया जा रहा है।

संपत्ति को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है — 2,530 घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और 9,668 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बुनियादी ढाँचे, कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्रों को भी भारी नुकसान हुआ है।

सरकार की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया पर बाढ़ की ताज़ा स्थिति साझा करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता राहत, पुनर्वास और प्रभावित क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन बहाल करना है। उन्होंने बताया कि अधिकारी लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और विस्थापित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है।

आम जनता पर असर

यह बाढ़ ऐसे समय में आई है जब असम पहले से ही मानसून की चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि राज्य में हर वर्ष ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के उफान से लाखों लोग प्रभावित होते हैं, लेकिन इस बार 25 जिलों तक फैली बाढ़ की व्यापकता और 82 मौतों का आँकड़ा इसे विशेष रूप से गंभीर बनाता है। कृषि, आजीविका और आवास — तीनों मोर्चों पर नुकसान ने पुनर्वास की चुनौती को बड़ा कर दिया है।

क्या होगा आगे

बचाव और राहत अभियान जारी हैं और अधिकारियों के अनुसार स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। पुनर्वास कार्य के साथ-साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की मरम्मत भी प्राथमिकता में है। आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति पर नज़र रखी जाएगी, क्योंकि नई वर्षा से बाढ़ का दायरा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी राहत तंत्र हर बार प्रतिक्रियाशील रहता है — प्रोएक्टिव नहीं। 82 मौतें और 11.45 लाख प्रभावित लोगों का आँकड़ा यह सवाल उठाता है कि दशकों से चली आ रही इस वार्षिक त्रासदी के स्थायी समाधान — नदी प्रबंधन, बाँध मज़बूती, पूर्व-चेतावनी प्रणाली — पर निवेश क्यों नहीं हुआ। राहत केंद्रों की संख्या बढ़ाना ज़रूरी है, लेकिन यह संकट की जड़ पर नहीं, लक्षण पर मरहम है। जब तक ब्रह्मपुत्र घाटी में दीर्घकालिक बाढ़ नियंत्रण नीति नहीं बनती, यह चक्र हर मानसून में दोहराता रहेगा।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए हैं?
आधिकारिक बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, 1 अगस्त 2026 तक असम में 11.45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। राज्य के 25 जिलों, 77 राजस्व सर्किलों और 2,251 गाँवों में बाढ़ का असर दर्ज किया गया है।
असम बाढ़ 2026 में कितनी मौतें हुई हैं?
इस बाढ़ मौसम में अब तक 82 लोगों की मौत हो चुकी है। सर्वाधिक 42 मौतें शिवसागर जिले में हुई हैं, इसके बाद चराइदेव में 21 और जोरहाट में 9 मौतें दर्ज हैं।
असम में बाढ़ राहत के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के निर्देश पर राज्यभर में 1,811 राहत वितरण केंद्र स्थापित किए गए हैं। 218 राहत शिविरों में 71,889 विस्थापित लोगों को आश्रय दिया गया है और 29,985 लोगों को संवेदनशील क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है।
असम में बाढ़ से संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है?
बाढ़ के पानी से 2,530 घर पूरी तरह ध्वस्त हो गए हैं और 9,668 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा कृषि भूमि और बुनियादी ढाँचे को भी व्यापक नुकसान पहुँचा है।
असम में यह बाढ़ कब से शुरू हुई और कौन-से जिले सबसे अधिक प्रभावित हैं?
यह बाढ़ 29 अप्रैल 2026 से शुरू हुई और ऊपरी, मध्य तथा पश्चिमी असम के 25 जिलों को प्रभावित कर चुकी है। शिवसागर, चराइदेव और जोरहाट सबसे अधिक प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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