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असम बाढ़ 2026: छह जिलों में 4.45 लाख से अधिक प्रभावित, 631 गाँव जलमग्न

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असम बाढ़ 2026: छह जिलों में 4.45 लाख से अधिक प्रभावित, 631 गाँव जलमग्न

सारांश

असम में बाढ़ का संकट गहराया — छह जिलों में 4.45 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित, 631 गाँव जलमग्न और 37,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि डूबी। NDRF-SDRF की 67 नावें मैदान में हैं और 184 राहत शिविरों में 28,695 लोग शरण लिए हुए हैं।

मुख्य बातें

असम के छह जिलों में 4,45,385 लोग बाढ़ से प्रभावित, 631 गाँव जलमग्न।
चराइदेव सबसे बुरी तरह प्रभावित — लगभग 1.88 लाख लोग प्रभावित; शिवसागर में 1.44 लाख ।
37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि बाढ़ की चपेट में; 26,000 से अधिक पालतू जानवर बह गए।
171 घर पूरी तरह नष्ट , 4,667 घरों को आंशिक क्षति।
184 राहत शिविरों में 28,695 विस्थापित शरण लिए हुए; NDRF-SDRF की 67 नावें तैनात।
अब तक कोई जनहानि नहीं ; धनसिरी (दक्षिण) नदी नुमालीगढ़ में खतरे के निशान से ऊपर।

असम में बाढ़ की स्थिति 28 जुलाई 2026 को भी गंभीर बनी रही, जब असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताज़ा रिपोर्ट में छह जिलों में 4,45,385 लोगों के प्रभावित होने की पुष्टि हुई। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में बाढ़ का पानी घरों, खेतों और सड़कों पर फैला हुआ है, जबकि राज्य प्रशासन ने बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं।

सबसे बुरी तरह प्रभावित जिले

चराइदेव सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहाँ लगभग 1.88 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद शिवसागर में करीब 1.44 लाख निवासी प्रभावित हैं। ASDMA के अनुसार, 21 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत 631 गाँव अभी भी जलमग्न हैं।

चराइदेव में घरों, सड़कों, शिक्षण संस्थानों और कृषि भूमि को व्यापक नुकसान पहुँचा है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।

कृषि और पशुधन पर असर

बाढ़ के पानी ने 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले लिया है। 2.56 लाख से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं, जबकि अधिकारियों ने बताया कि 26,000 से अधिक पालतू जानवर बाढ़ में बह गए हैं — यह नुकसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकता है।

यह ऐसे समय में आया है जब असम में खरीफ सीजन की बुआई का काम चल रहा था। बाढ़ से फसलों को हुआ नुकसान किसानों की आजीविका पर गहरा असर डाल सकता है।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान

बाढ़ में 171 घर पूरी तरह नष्ट हो गए और 4,667 घरों को आंशिक क्षति पहुँची है। शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव में कई सड़कें या तो टूट गई हैं या जलमग्न हो गई हैं। कई प्राथमिक विद्यालयों में भी बाढ़ और ढाँचागत नुकसान की सूचना है।

गुवाहाटी के दिसपुर राजस्व सर्कल के अंतर्गत चांदमारी इलाके में शहरी बाढ़ की सूचना मिली, हालाँकि वहाँ से किसी के विस्थापित होने की घटना दर्ज नहीं की गई। नदियों की स्थिति पर नज़र रखते हुए अधिकारियों ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालाँकि किसी भी नदी ने अब तक अपना उच्चतम बाढ़ स्तर नहीं छुआ है।

राहत और बचाव अभियान

राज्य सरकार ने 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहाँ फिलहाल 28,695 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 97 गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ और 42 दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं।

राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और जिला प्रशासन के दल 67 नावें तैनात कर फँसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के असम अध्यक्ष अहमद अली अय्यूबी ने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावित लगभग 2,400 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है।

सरकार की प्रतिक्रिया

अय्यूबी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा दोनों स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की है। गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है और ब्रह्मपुत्र तथा उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से लाखों लोग प्रभावित होते हैं — यह राज्य के लिए कोई नई चुनौती नहीं, बल्कि एक वार्षिक संकट है।

आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता और नदियों के जलस्तर पर निगरानी जारी रहेगी, क्योंकि मानसून अभी अपने चरम पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी स्थायी समाधान की दिशा में प्रगति सीमित रही है। 4.45 लाख प्रभावित लोगों के साथ 37,000 हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि का डूबना बताता है कि नदी प्रबंधन और बाढ़ नियंत्रण अवसंरचना में दशकों की उपेक्षा का खामियाजा आम किसान और ग्रामीण भुगत रहे हैं। राहत शिविरों की संख्या बढ़ाना तात्कालिक ज़रूरत है, लेकिन असली सवाल यह है कि ब्रह्मपुत्र घाटी में स्थायी तटबंध, पूर्व-चेतावनी प्रणाली और पुनर्वास नीति कब तक आकार लेगी।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हैं?
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, 28 जुलाई 2026 तक छह जिलों में 4,45,385 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें चराइदेव (1.88 लाख) और शिवसागर (1.44 लाख) सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं।
असम बाढ़ में कौन-कौन से जिले प्रभावित हैं?
शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) — ये छह जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनके अंतर्गत 21 राजस्व सर्किलों के 631 गाँव अभी भी जलमग्न हैं।
असम बाढ़ में राहत और बचाव के क्या इंतज़ाम हैं?
राज्य सरकार ने 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं जहाँ 28,695 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। NDRF, SDRF और जिला प्रशासन की टीमें 67 नावें तैनात कर बचाव अभियान चला रही हैं।
असम बाढ़ से कृषि और पशुधन को कितना नुकसान हुआ है?
बाढ़ ने 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि को प्रभावित किया है और 2.56 लाख से अधिक पशु बाढ़ की चपेट में आए हैं। अधिकारियों के अनुसार 26,000 से अधिक पालतू जानवर बाढ़ में बह गए हैं।
क्या असम बाढ़ में कोई जनहानि हुई है?
अधिकारियों के अनुसार अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। हालाँकि 171 घर पूरी तरह नष्ट हो गए हैं और 4,667 घरों को आंशिक क्षति पहुँची है।
राष्ट्र प्रेस
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