असम बाढ़ 2026: छह जिलों में 4.45 लाख से अधिक प्रभावित, 631 गाँव जलमग्न
सारांश
मुख्य बातें
असम में बाढ़ की स्थिति 28 जुलाई 2026 को भी गंभीर बनी रही, जब असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताज़ा रिपोर्ट में छह जिलों में 4,45,385 लोगों के प्रभावित होने की पुष्टि हुई। शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नागांव और कामरूप (मेट्रोपॉलिटन) जिलों में बाढ़ का पानी घरों, खेतों और सड़कों पर फैला हुआ है, जबकि राज्य प्रशासन ने बचाव और राहत अभियान तेज कर दिए हैं।
सबसे बुरी तरह प्रभावित जिले
चराइदेव सर्वाधिक प्रभावित जिला है, जहाँ लगभग 1.88 लाख लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद शिवसागर में करीब 1.44 लाख निवासी प्रभावित हैं। ASDMA के अनुसार, 21 राजस्व सर्किलों के अंतर्गत 631 गाँव अभी भी जलमग्न हैं।
चराइदेव में घरों, सड़कों, शिक्षण संस्थानों और कृषि भूमि को व्यापक नुकसान पहुँचा है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है।
कृषि और पशुधन पर असर
बाढ़ के पानी ने 37,139.52 हेक्टेयर कृषि भूमि को अपनी चपेट में ले लिया है। 2.56 लाख से अधिक पशु प्रभावित हुए हैं, जबकि अधिकारियों ने बताया कि 26,000 से अधिक पालतू जानवर बाढ़ में बह गए हैं — यह नुकसान ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकता है।
यह ऐसे समय में आया है जब असम में खरीफ सीजन की बुआई का काम चल रहा था। बाढ़ से फसलों को हुआ नुकसान किसानों की आजीविका पर गहरा असर डाल सकता है।
बुनियादी ढाँचे को नुकसान
बाढ़ में 171 घर पूरी तरह नष्ट हो गए और 4,667 घरों को आंशिक क्षति पहुँची है। शिवसागर, जोरहाट और चराइदेव में कई सड़कें या तो टूट गई हैं या जलमग्न हो गई हैं। कई प्राथमिक विद्यालयों में भी बाढ़ और ढाँचागत नुकसान की सूचना है।
गुवाहाटी के दिसपुर राजस्व सर्कल के अंतर्गत चांदमारी इलाके में शहरी बाढ़ की सूचना मिली, हालाँकि वहाँ से किसी के विस्थापित होने की घटना दर्ज नहीं की गई। नदियों की स्थिति पर नज़र रखते हुए अधिकारियों ने बताया कि नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, हालाँकि किसी भी नदी ने अब तक अपना उच्चतम बाढ़ स्तर नहीं छुआ है।
राहत और बचाव अभियान
राज्य सरकार ने 184 राहत शिविर और वितरण केंद्र स्थापित किए हैं, जहाँ फिलहाल 28,695 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 97 गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ और 42 दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं।
राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और जिला प्रशासन के दल 67 नावें तैनात कर फँसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा रहे हैं। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के असम अध्यक्ष अहमद अली अय्यूबी ने बताया कि अब तक बाढ़ प्रभावित लगभग 2,400 परिवारों को राहत सामग्री वितरित की जा चुकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
अय्यूबी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा दोनों स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राशन की आपूर्ति सुनिश्चित की है। गौरतलब है कि असम में हर वर्ष मानसून के दौरान बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है और ब्रह्मपुत्र तथा उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से लाखों लोग प्रभावित होते हैं — यह राज्य के लिए कोई नई चुनौती नहीं, बल्कि एक वार्षिक संकट है।
आने वाले दिनों में वर्षा की तीव्रता और नदियों के जलस्तर पर निगरानी जारी रहेगी, क्योंकि मानसून अभी अपने चरम पर है।