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असम बाढ़: मृतक संख्या 104 पहुँची, 7 जिलों में 78,637 लोग प्रभावित

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असम बाढ़: मृतक संख्या 104 पहुँची, 7 जिलों में 78,637 लोग प्रभावित

सारांश

असम में बाढ़ का कहर जारी है — मृतक संख्या 104 पहुँच गई है और 7 जिलों के 313 गाँवों में 78,637 लोग प्रभावित हैं। 68 राहत शिविरों में 5,057 लोगों ने शरण ली है, जबकि 8,268 हेक्टेयर से अधिक फसल जलमग्न हो चुकी है।

मुख्य बातें

असम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 104 हो गई है।
7 जिलों के 313 गाँवों में 78,637 लोग — पुरुष, महिलाएँ और बच्चे — प्रभावित हैं।
68 राहत शिविरों में 5,057 लोग शरण लिए हैं, जिनमें 761 बच्चे और 58 गर्भवती/स्तनपान कराने वाली महिलाएँ शामिल हैं।
नावों से 117 लोगों को सुरक्षित निकाला गया; बचाव दल और मेडिकल टीमें तैनात हैं।
लगभग 8,268.71 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न; 32 सड़कें और 1 पुल क्षतिग्रस्त।
शिवसागर में एक और मौत की पुष्टि; जल स्तर की लगातार निगरानी जारी।

असम में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 104 हो गई है, जबकि राज्य के सात जिलों में 78,637 लोग अभी भी बाढ़ की चपेट में हैं। असम डिजास्टर रिपोर्टिंग एंड इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम (DRIAMS) के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त 2026 तक स्थिति गंभीर बनी हुई है और राहत-बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।

प्रभावित जिले और आँकड़े

DRIAMS के अनुसार, नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, कामरूप, होजई, जोरहाट और लखीमपुर जिले इस समय बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं। 20 राजस्व सर्किल के 313 गाँव जलमग्न हो चुके हैं। जिलेवार देखें तो गोलाघाट में सर्वाधिक 30,778 लोग प्रभावित हैं, इसके बाद नगांव में 26,292, शिवसागर में 12,480 और जोरहाट में 9,087 लोग बाढ़ की मार झेल रहे हैं।

राहत शिविर और बचाव अभियान

अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित जिलों में 68 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें अभी 5,057 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 761 बच्चे, 58 गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ और 4 दिव्यांग व्यक्ति शामिल हैं। नावों के ज़रिए अब तक 117 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा चुका है। बचाव दल और मेडिकल टीमें प्रभावित इलाकों में तैनात हैं।

बुनियादी ढाँचे को नुकसान और फसल क्षति

बाढ़ के पानी ने सड़कों और पुलों को भी भारी नुकसान पहुँचाया है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 32 सड़कें और 1 पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। कृषि क्षेत्र को भी गहरा धक्का लगा है — सरकारी आकलन के मुताबिक लगभग 8,268.71 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है, जिससे किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

ताज़ा घटनाक्रम और प्रशासन की प्रतिक्रिया

ताज़ा आकलन में शिवसागर में बाढ़ से एक और मौत की पुष्टि हुई है, हालाँकि किसी के लापता होने की सूचना नहीं है। ज़िला प्रशासन को राहत कार्य जारी रखने और स्थिति पर कड़ी नज़र रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, जल स्तर और मौसम की स्थिति का लगातार आकलन किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब असम हर साल मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ का सामना करता है और दीर्घकालिक समाधान की माँग वर्षों से उठती रही है।

आगे की स्थिति

गौरतलब है कि असम में बाढ़ एक वार्षिक आपदा बन चुकी है जो हर साल लाखों लोगों को विस्थापित करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों के जल प्रबंधन में दीर्घकालिक निवेश के बिना यह चक्र टूटना मुश्किल है। फ़िलहाल प्रशासन स्थिति पर नज़र बनाए हुए है और आने वाले दिनों में जल स्तर में परिवर्तन के अनुसार राहत कार्यों का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहत शिविर, क्षतिग्रस्त सड़कें और फिर मानसून के बाद विस्मृति। 104 मौतें और 78,000 से अधिक विस्थापित लोग महज़ आँकड़े नहीं हैं; ये उस नीतिगत विफलता के प्रमाण हैं जिसमें ब्रह्मपुत्र घाटी के दीर्घकालिक बाढ़ प्रबंधन को हर साल आपातकालीन राहत के पीछे दफ़न कर दिया जाता है। 8,268 हेक्टेयर से अधिक फसल की बर्बादी उन किसानों की कमर तोड़ती है जो पहले से ही आर्थिक दबाव में हैं। जब तक नदी प्रबंधन, तटबंध सुदृढ़ीकरण और पूर्व चेतावनी प्रणाली में ठोस निवेश नहीं होता, यह चक्र हर मानसून में खुद को दोहराता रहेगा।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ 2026 में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
DRIAMS के ताज़ा आँकड़ों के अनुसार, 14 अगस्त 2026 तक असम में बाढ़ से जुड़ी घटनाओं में मरने वालों की कुल संख्या 104 हो गई है। शिवसागर में एक ताज़ा मौत की भी पुष्टि हुई है।
असम के कौन-से जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं?
नगांव, गोलाघाट, शिवसागर, कामरूप, होजई, जोरहाट और लखीमपुर — ये सात जिले अभी सबसे अधिक प्रभावित हैं। गोलाघाट में 30,778 और नगांव में 26,292 लोग प्रभावित हैं।
बाढ़ पीड़ितों के लिए कितने राहत शिविर खोले गए हैं?
प्रभावित जिलों में कुल 68 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं, जिनमें 5,057 लोग — जिनमें 761 बच्चे और 58 गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाएँ शामिल हैं — शरण लिए हुए हैं।
असम बाढ़ से फसलों को कितना नुकसान हुआ है?
सरकारी आकलन के अनुसार, बाढ़ से लगभग 8,268.71 हेक्टेयर फसल क्षेत्र जलमग्न हो गया है। इससे नगांव और शिवसागर सहित कई जिलों के किसानों की आजीविका पर गंभीर संकट आया है।
बाढ़ में बुनियादी ढाँचे को क्या नुकसान हुआ है?
ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार 32 सड़कें और 1 पुल क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। शिवसागर और नगांव के कई इलाकों में आवागमन बाधित है और बचाव के लिए नावें तैनात की गई हैं।
राष्ट्र प्रेस
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