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असम बाढ़: 13 जिलों में 1.55 लाख से अधिक प्रभावित, मृतक संख्या 98 पहुँची

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असम बाढ़: 13 जिलों में 1.55 लाख से अधिक प्रभावित, मृतक संख्या 98 पहुँची

सारांश

असम में बाढ़ का कहर जारी है — 13 जिलों में डेढ़ लाख से अधिक लोग विस्थापित, इस वर्ष मृतक संख्या 98 पहुँची। गोलाघाट और शिवसागर सबसे बुरी तरह प्रभावित हैं। 10,748 हेक्टेयर फसल जलमग्न, 219 बचाव दल और 73 राहत शिविर सक्रिय।

मुख्य बातें

असम के 13 जिलों में 1,55,849 लोग बाढ़ से प्रभावित; 464 गाँव जलमग्न।
इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 98 हो गई है।
गोलाघाट (58,750) और शिवसागर (48,286) सर्वाधिक प्रभावित जिले।
10,748.64 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसलें अभी भी जलमग्न।
73 राहत शिविरों में 10,326 लोग शरण लिए हुए; 219 बचाव दल और 8 नावें तैनात।
47,879 पशु प्रभावित; 126 घर पूरी तरह और 344 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त।

असम में 7 अगस्त 2026 को बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही, जहाँ 13 जिलों के 1,55,849 लोग जलप्रलय की चपेट में हैं और इस वर्ष बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 98 तक पहुँच गई है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 33 राजस्व क्षेत्रों में फैले 464 गाँव इस आपदा से सीधे प्रभावित हैं।

सबसे अधिक प्रभावित जिले

आँकड़ों के अनुसार, गोलाघाट में सर्वाधिक 58,750 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद शिवसागर में 48,286, जोरहाट में 25,259, चराइदेव में 12,779, नागाँव में 5,424, दरांग में 3,367 और धेमाजी में 1,265 लोग प्रभावित हैं। पूरे राज्य में 10,748.64 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें अभी भी जलमग्न हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।

राहत एवं बचाव अभियान

प्रभावित जिलों में 73 राहत शिविर और राहत वितरण केंद्र संचालित हो रहे हैं। इनमें अभी 10,326 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 6,881 अन्य लोगों को राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से सहायता पहुँचाई जा रही है। स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (SDRF), सिविल डिफेंस और अन्य एजेंसियों के 219 बचाव दल, 8 नावें और अनेक चिकित्सा टीमें तैनात हैं। प्रभावित लोगों को अनाज, पेयजल, शिशु आहार और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की जा रही है।

नदियों की स्थिति और खतरे का स्तर

अधिकारियों ने बताया कि 7 अगस्त की सुबह गोलाघाट और नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) नदी तथा श्रीभूमि जिले में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। हालाँकि, राहत की बात यह है कि कोई भी नदी अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर को नहीं छू रही थी। नदियों में जल-स्तर के लगातार उतार-चढ़ाव को देखते हुए अधिकारियों ने जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

पशुधन और संपत्ति को नुकसान

इस आपदा का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। 47,879 पशु भी बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। संपत्ति के नुकसान की बात करें तो प्रभावित जिलों में 126 घर पूरी तरह और 344 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसून के दौरान विनाशकारी बाढ़ का सामना करता है और ब्रह्मपुत्र घाटी का यह क्षेत्र देश के सर्वाधिक बाढ़-संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है।

आगे की स्थिति

अधिकारी बाढ़ की स्थिति पर निरंतर नज़र बनाए हुए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून अपने चरम पर है और अगले कुछ दिनों में और वर्षा की संभावना जताई जा रही है। राहत एवं पुनर्वास कार्य जारी है और प्रशासन ने संकेत दिया है कि स्थिति में सुधार होने तक बचाव अभियान बिना रुके चलता रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक नीतिगत विफलता की कहानी भी है — ब्रह्मपुत्र तटबंध प्रबंधन और जल निकासी अवसंरचना पर दशकों से वादे होते रहे हैं, लेकिन ज़मीन पर बदलाव सीमित रहा है। 98 मौतें और डेढ़ लाख से अधिक विस्थापित लोग यह सवाल उठाते हैं कि आपदा-पूर्व तैयारी और स्थायी समाधान के बजाय हर साल राहत-वितरण पर ही क्यों ज़ोर दिया जाता है। 10,748 हेक्टेयर जलमग्न फसल किसानों की आजीविका पर दीर्घकालिक असर डालेगी, जिसका आकलन राहत शिविरों की संख्या से नहीं होता।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम बाढ़ 2026 में अब तक कितने लोगों की मौत हुई है?
ASDMA के आँकड़ों के अनुसार, इस वर्ष असम में बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या 98 हो गई है। यह आँकड़ा 7 अगस्त 2026 तक का है और स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
असम के कौन-से जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं?
गोलाघाट (58,750 प्रभावित) और शिवसागर (48,286 प्रभावित) सबसे बुरी तरह प्रभावित जिले हैं। इसके अलावा जोरहाट, चराइदेव, नागाँव, दरांग और धेमाजी भी बाढ़ की चपेट में हैं।
असम में बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या राहत व्यवस्था की गई है?
प्रभावित जिलों में 73 राहत शिविर और वितरण केंद्र चल रहे हैं, जिनमें 10,326 लोग शरण लिए हुए हैं। 219 बचाव दल, 8 नावें और अनेक चिकित्सा टीमें तैनात हैं तथा अनाज, पेयजल और शिशु आहार वितरित किया जा रहा है।
असम बाढ़ से फसलों और संपत्ति को कितना नुकसान हुआ है?
10,748.64 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें जलमग्न हैं। इसके अलावा 126 घर पूरी तरह और 344 घर आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं, तथा 47,879 पशु भी प्रभावित बताए गए हैं।
असम में नदियाँ खतरे के निशान से कितनी ऊपर हैं?
7 अगस्त की सुबह गोलाघाट-नुमालीगढ़ में धनसिरी (दक्षिण) और श्रीभूमि में कुशियारा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं। हालाँकि, कोई भी नदी अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर पर नहीं थी।
राष्ट्र प्रेस
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