मार्क वुड ने इंटरनेशनल क्रिकेट से लिया संन्यास, दो विश्व कप विजेता टीम का रहे हिस्सा
सारांश
मुख्य बातें
इंग्लैंड के विस्फोटक तेज गेंदबाज मार्क वुड ने 22 सितंबर 2026 को इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। 36 वर्षीय वुड ने अपने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट साझा कर इस फैसले का ऐलान किया। वुड 2019 वनडे विश्व कप और 2022 टी20 विश्व कप — दोनों खिताब जीतने वाली इंग्लिश टीमों का अभिन्न हिस्सा रहे।
अंतरराष्ट्रीय करियर का आँकड़ा
वुड ने 2015 में लॉर्ड्स पर न्यूज़ीलैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया था। उन्होंने 38 टेस्ट मैचों में 119 विकेट चटकाए, 70 वनडे में 80 विकेट और 38 टी20 इंटरनेशनल में 54 विकेट हासिल किए। तीनों प्रारूपों को मिलाकर उनके नाम कुल 253 अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं।
विश्व कप और एशेज में योगदान
2019 वनडे विश्व कप में वुड ने पूरे टूर्नामेंट में 18 विकेट निकाले और फाइनल में मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद पूरी रफ्तार से गेंदबाजी जारी रखी — एक साहसिक प्रदर्शन जिसे क्रिकेट प्रेमी आज भी याद करते हैं। उन्होंने जोस बटलर की कप्तानी में 2022 टी20 विश्व कप विजेता दल में भी अपनी भूमिका निभाई।
वुड ने चार एशेज सीरीज में इंग्लैंड का प्रतिनिधित्व किया। 2015 में ट्रेंट ब्रिज पर उन्होंने ट्रॉफी वापस दिलाने के लिए निर्णायक विकेट लिया था। 2023 में हेडिंग्ले पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके शानदार स्पेल ने 2-0 से पिछड़ रही इंग्लिश टीम को वापसी करने और सीरीज ड्रॉ कराने में अहम भूमिका अदा की।
वुड के अपने शब्दों में
वुड ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा, 'मैंने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। हालांकि, पिछले साल को देखते हुए यह कोई हैरानी की बात नहीं हो सकती, लेकिन मेरे कॉन्ट्रैक्ट के अंत में यह एक स्वाभाविक समय लगता है।' उन्होंने यह भी कहा, 'मेडिकल सलाह के अनुसार, टेस्ट क्रिकेट और 50 ओवर का क्रिकेट खेलना संभव नहीं है, इसलिए पिछले एक साल में इंग्लैंड के लिए खेलने का सपना धीरे-धीरे मुझसे दूर होता गया।'
उन्होंने जोड़ा, 'इंग्लैंड के लिए खेलना मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान और एक सपना सच होने जैसा रहा है। दुनियाभर में घूमना, शानदार लोगों से मिलना और बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ और उनके खिलाफ क्रिकेट खेलना — ये सब मेरे लिए बहुत सौभाग्य की बात है।'
प्रबंधन की प्रतिक्रिया
इंग्लैंड पुरुष क्रिकेट टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की ने वुड की विदाई पर कहा, 'एक शानदार करियर के अंतिम चरण को देखना सम्मान की बात रही। एशेज सीरीज और दो विश्व कप जीत में निर्णायक भूमिका निभाना तथा जब भी गेंद हाथ में आई, दर्शकों का रोमांच बढ़ाना — ऐसी उपलब्धियाँ बहुत कम खिलाड़ी हासिल कर पाते हैं। वे अपने शानदार करियर पर गर्व कर सकते हैं।'
चोटों से जूझते हुए भी डटे रहे
वुड का पूरा करियर चोटों के विरुद्ध लगातार संघर्ष की कहानी रहा। उन्होंने बार-बार वापसी की और हर बार नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरे। गौरतलब है कि उनकी गेंदबाजी की रफ्तार, जो अक्सर 150 किमी प्रति घंटे को पार करती थी, उन्हें इंग्लैंड की आक्रामक गेंदबाजी रणनीति का केंद्र बनाती थी। अब इंग्लैंड को इस तेज गेंदबाजी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए नए चेहरे तलाशने होंगे।