क्या ब्रिसबेन टेस्ट में इंग्लैंड को मार्क वुड के बाहर होने से बड़ा झटका लगा?
सारांश
Key Takeaways
- मार्क वुड ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर हैं।
- इंग्लैंड को बड़ा झटका लगा है।
- जोश टंग को वुड की जगह मौका मिलने की संभावना है।
- ब्रिसबेन की गाबा पिच तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल है।
- इंग्लैंड की वापसी की कोशिश जारी है।
ब्रिसबेन, 29 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। पर्थ में खेले गए एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में मिली कठोर हार के बाद इंग्लैंड क्रिकेट टीम ब्रिसबेन में होने वाले दूसरे टेस्ट में शानदार वापसी की कोशिश कर रही है। लेकिन इंग्लैंड को एक बड़ा झटका लगा है। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मार्क वुड ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर हो गए हैं।
35 वर्षीय मार्क वुड का इंजरी से गहरा संबंध रहा है। वह जितने दिन क्रिकेट में सक्रिय नहीं रहते, उससे ज्यादा इंजरी के कारण बाहर रहते हैं। वह पर्थ में खेले गए टेस्ट में इंग्लैंड की प्लेइंग इलेवन का हिस्सा थे और लगभग 15 महीने बाद टेस्ट टीम में वापसी की थी, लेकिन केवल 11 ओवर ही गेंदबाजी कर पाए। वुड का ब्रिसबेन टेस्ट से बाहर होना बाएं घुटने की समस्या के कारण हुआ है।
मार्क वुड ने शनिवार सुबह एलन बॉर्डर फील्ड में इंग्लैंड के ट्रेनिंग सेशन में भाग नहीं लिया। वह इंग्लैंड टीम के एकमात्र सदस्य थे जो अभ्यास सत्र का हिस्सा नहीं बने। उनका अभ्यास सत्र में शामिल न होना इस बात का संकेत है कि वह गाबा टेस्ट में नहीं खेलेंगे।
वुड अपने करियर के अंतिम चरण में हैं। 35 साल या उससे अधिक उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के लिए खेलना कठिन होता है। इंजरी के बाद रिकवरी करना और भी मुश्किल है। इंग्लैंड क्रिकेट टीम की निगाहें इस दाएं हाथ के तेज गेंदबाज की वापसी पर होंगी।
ब्रिसबेन की गाबा पिच तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। वुड अपनी गति और गेंदबाजी में विविधता से इंग्लैंड के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते थे और पहले टेस्ट में मिली शर्मनाक हार के बाद दमदार वापसी में अहम भूमिका निभा सकते थे। उनका बाहर होना इंग्लैंड के लिए एक बड़ा झटका है।
मार्क वुड की अनुपस्थिति में जोश टंग को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया जा सकता है।