असम बाढ़ 2026: मृतक संख्या 87 पहुँची, 25 जिलों में 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
असम में इस वर्ष की विनाशकारी बाढ़ में मृतकों की कुल संख्या 87 तक पहुँच गई है और 25 जिलों में 11.45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के आँकड़ों के अनुसार, 4 अगस्त 2026 तक की स्थिति में बाढ़ का पानी कुछ क्षेत्रों में घटा है, परंतु प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील जारी रखी है।
मुख्य घटनाक्रम
ASDMA के अनुसार, 29 अप्रैल से 3 अगस्त 2026 के बीच राज्य के 25 जिलों में कुल 11,45,109 लोग बाढ़ की चपेट में आए। इस अवधि में 77 राजस्व सर्किल और 2,281 गाँव जलमग्न हुए।
सर्वाधिक 47 मौतें शिवसागर जिले में दर्ज की गई हैं। इसके बाद चराइदेव में 21, जोरहाट में 9, धेमाजी और गोलाघाट में तीन-तीन, कार्बी आंगलोंग में दो तथा सोनितपुर और कामरूप में एक-एक व्यक्ति की जान गई है। प्राधिकरण के अनुसार अभी भी चार लोग लापता हैं — तीन शिवसागर और एक धेमाजी जिले से।
राहत एवं बचाव अभियान
राज्यभर में फिलहाल 224 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहाँ 73,074 विस्थापित लोगों को आश्रय मिला हुआ है। इसके अतिरिक्त 1,844 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक आवश्यक सामग्री पहुँचाई जा रही है।
एहतियात के तौर पर प्रशासन ने 29,985 लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया था। अधिकारियों ने बताया कि जहाँ-जहाँ बाढ़ का पानी घट रहा है, वहाँ विस्थापित परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास भी समानांतर रूप से चल रहे हैं।
संपत्ति का नुकसान
बाढ़ ने राज्य में बड़े पैमाने पर भौतिक क्षति पहुँचाई है। अब तक 3,771 मकान पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं, जबकि 12,987 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। बुनियादी ढाँचे — सड़कों, पुलों और सिंचाई तटबंधों — की बहाली का कार्य भी जिला प्रशासन के समन्वय से शुरू किया गया है।
सरकार की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राहत अभियान निरंतर जारी है और अब बाढ़-प्रभावित जिलों में पुनर्वास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'राहत कार्य जारी हैं और प्रभावित जिलों में पुनर्वास अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हम हर प्रभावित परिवार को दोबारा सामान्य जीवन में लौटने में हरसंभव सहायता देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।'
आगे की चुनौतियाँ
यह ऐसे समय में आया है जब ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बारिश के कारण कुछ नदियों का जलस्तर फिर से बढ़ने की आशंका बनी हुई है। गौरतलब है कि असम हर वर्ष मानसूनी बाढ़ से जूझता है, और इस बार 29 अप्रैल से शुरू हुई बाढ़ ने सौ दिनों से अधिक समय तक राज्य को प्रभावित किया है। प्रशासन ने जनता से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।