असम बाढ़: 57,100 से अधिक प्रभावित, शिवसागर में एक की मौत; मंत्रियों ने ऊपरी जिलों का दौरा किया
सारांश
मुख्य बातें
असम में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति 20 जुलाई को और गंभीर हो गई, जिससे चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुरी सहित सात जिलों में 57,100 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के आँकड़ों के अनुसार, शिवसागर जिले में एक व्यक्ति की मौत हुई है, जिससे इस साल बाढ़ से मरने वालों की कुल संख्या पाँच हो गई है।
मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है और राहत एवं बचाव कार्य प्रभावित लोगों तक बिना किसी देरी के पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हम बाढ़ से प्रभावित लोगों तक तेजी से सभी राहत उपाय पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 'टीम असम' जमीनी स्तर पर स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रही है।' सरमा ने यह भी बताया कि मंत्रियों की एक टीम बाढ़ प्रभावित जिलों में स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर राहत कार्यों की निगरानी कर रही है।
मंत्रियों का जमीनी दौरा
वरिष्ठ मंत्री केशव महंता ने सोमवार को बाढ़ प्रभावित जिलों जोरहाट और शिवसागर का दौरा किया। उन्होंने तेओक में जलमग्न इलाकों का निरीक्षण किया, स्थानीय निवासियों से बातचीत की और जिला प्रशासन तथा आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री सुशांत बोरगोहेन ने डेमो विधानसभा क्षेत्र के बोकोटा-लकुवा मंडल के अंतर्गत बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया, जहाँ नदियों के उफान पर आने से लोनपोरिया और आसपास के कई गाँव जलमग्न हो गए हैं। बोरगोहेन ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रभावित निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया है।
प्रभावित जिलों की स्थिति
चराइदेव सबसे अधिक प्रभावित जिला बना हुआ है, जहाँ लगभग 24,000 लोग बाढ़ की चपेट में हैं। इसके बाद धेमाजी में 22,000 से अधिक निवासी प्रभावित हुए हैं। डिब्रूगढ़ में 4,000 से अधिक लोगों के प्रभावित होने की सूचना है। गौरतलब है कि प्रभावित लोगों की संख्या महज़ एक दिन में दोगुनी से अधिक हो गई — एक दिन पहले यह संख्या लगभग 24,000 थी, जो अब 57,100 से पार हो चुकी है।
बचाव अभियान
भारतीय सेना, असम राइफल्स और अन्य आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के दल लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री वितरित करने में जुटे हुए हैं। राज्य सरकार ने अलग-अलग बाढ़ प्रभावित जिलों में मंत्रियों को तैनात किया है ताकि स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय और राहत सामग्री का समय पर वितरण सुनिश्चित किया जा सके। यह ऐसे समय में आया है जब असम हर मानसून सत्र में बाढ़ की गंभीर मार झेलता है, और इस साल पिछले दो दिनों में स्थिति तेज़ी से बिगड़ी है।
आगे की स्थिति
आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश जारी रहने पर प्रभावित जिलों की संख्या और बढ़ सकती है। राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं और प्रभावित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी ज़रूरी इंतज़ाम किए जाने का दावा किया गया है।