बक्सर यौन शोषण कांड: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने दिए सख्त निर्देश, सभी स्कूलों के लिए बनेगी एसओपी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के बक्सर जिले में एक सरकारी स्कूल में छात्राओं के कथित यौन शोषण का मामला सामने आने के बाद शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 4 सितंबर को सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। मंत्री ने इस घटना को 'बेहद शर्मनाक और चिंताजनक' बताते हुए कहा कि आरोपी शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है और उनकी बर्खास्तगी का प्रस्ताव भी माँगा गया है। इस मामले में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने बक्सर के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से सीधी बातचीत कर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। आरोपी शिक्षकों के विरुद्ध पोक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से शीघ्र सजा दिलाने की दिशा में काम करने को कहा गया है। स्कूल के हेडमास्टर की भूमिका की भी जाँच की जा रही है और उन्हें गिरफ्तार किया जा चुका है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि यदि जाँच में किसी और की संलिप्तता उजागर होती है, तो उसके विरुद्ध भी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सभी स्कूलों के लिए एसओपी की तैयारी
स्कूलों में निगरानी व्यवस्था को मज़बूत करने के उद्देश्य से शिक्षा विभाग ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह एसओपी बिहार के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में लागू की जाएगी। मंत्री ने कहा कि सरकार स्कूलों में सुरक्षित और मर्यादित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
शिक्षक दिवस और गूगल के साथ एमओयू
शिक्षक दिवस के अवसर पर राज्य के सभी जिलों से एक-एक उत्कृष्ट शिक्षक को सम्मानित किया जाएगा, हालाँकि बक्सर के शिक्षक को दिए जाने वाले सम्मान पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। मंत्री ने बताया कि राज्य के करीब 5.80 लाख शिक्षकों तक ई-शिक्षाकोष के माध्यम से संदेश पहुँचाया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों की क्षमता निर्माण के लिए गूगल के साथ एक एमओयू किए जाने की तैयारी चल रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा बिहार के छात्रों के समर्थन में दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए तिवारी ने कहा कि बिहार के छात्रों को बाहरी समर्थन की आवश्यकता नहीं है और राज्य सरकार स्वयं उनके हितों की रक्षा के लिए काम कर रही है। वहीं, बाढ़ की स्थिति को लेकर विपक्षी नेता तेजस्वी यादव के संवेदनहीनता के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रातभर स्थिति की निगरानी करते हैं और फरक्का बैराज के गेट खुलवाने जैसे त्वरित कदम उठाए गए हैं।
आगे क्या होगा
आरोपी शिक्षकों की बर्खास्तगी की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर जारी है। एसओपी का मसौदा तैयार होने के बाद उसे राज्यभर के विद्यालयों में लागू किया जाएगा। पोक्सो अधिनियम के तहत फास्ट ट्रैक सुनवाई की दिशा में पुलिस और न्यायिक प्रशासन को निर्देशित किया गया है, जिससे पीड़ित छात्राओं को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद है।