भोजपुर एनकाउंटर: मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा 'दुर्भाग्यपूर्ण', 4 पुलिसकर्मी निलंबित, जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत भूषण तिवारी नामक युवक की मौत के बाद भड़के जनाक्रोश के बीच बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस घटना को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार दिया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अब तक चार पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जा चुका है।
मंत्री का बयान और सरकार का रुख
मीडिया से बातचीत में मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा, 'यह एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जिस युवक की एनकाउंटर में मौत हुई है, उसने भी जो व्यवहार सोशल मीडिया में दिखाया, वह अच्छा नहीं था, लेकिन पुलिस को उसके आपराधिक इतिहास का पता लगाना चाहिए था और अगर एनकाउंटर जरूरी भी था, तो हाफ एनकाउंटर करना चाहिए था।' उन्होंने स्पष्ट किया कि बिहार सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और आगे की जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई अवश्य होगी।
घटनाक्रम: क्या हुआ था बुधवार को
बुधवार, 18 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना के अंतर्गत बिलौटी गांव में पुलिस और युवक भरत भूषण तिवारी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, युवक ने पहले फायरिंग शुरू की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोली चलाई और युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे पहले आरा सदर अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए पटना के पीएमसीएच रेफर किया गया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
ग्रामीणों का आक्रोश और विरोध प्रदर्शन
युवक का शव गाँव पहुँचते ही गुरुवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध दर्ज कराया। स्थानीय लोगों का कहना है कि भरत भूषण तिवारी मानसिक रूप से परेशान था और उस पर पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने गोली चलाई।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब देश में पुलिस एनकाउंटर की वैधता और प्रक्रिया को लेकर बहस तेज है। मानवाधिकार विशेषज्ञों के अनुसार, मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति के साथ पुलिस की कार्रवाई में विशेष सतर्कता और प्रशिक्षित दल की जरूरत होती है। गौरतलब है कि बिहार में पिछले कुछ वर्षों में एनकाउंटर से जुड़े विवाद कई बार सामने आए हैं, जिनमें जांच के बाद पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई है।
आगे क्या होगा
निलंबित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो चुकी है। मंत्री तिवारी के बयान के बाद यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार इस मामले में किसी को बख्शने के मूड में नहीं है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों पर कानूनी और विभागीय दोनों स्तरों पर कार्रवाई की संभावना है।